छत्तीसगढ़ पर चक्रवात 'अर्नब' का खतरा, अमित शाह ने CM से की बात

छत्तीसगढ़ पर चक्रवात 'अर्नब' का खतरा, अमित शाह ने CM से की बात

देश के कई राज्यों के साथ-साथ अब छत्तीसगढ़ के ऊपर भी चक्रवाती तूफान 'अर्नब' का साया गहराता जा रहा है। मौसम में आए इस अचानक और खतरनाक बदलाव के चलते राज्य के कई हिस्सों में लगातार बारिश और तेज हवाएं चल रही हैं, जिससे आम जनजीवन के साथ-साथ अन्नदाताओं की चिंताएं भी काफी बढ़ गई हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार पूरी तरह से सतर्क हो गई है। देश के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से टेलीफोन पर लंबी बातचीत की और प्रदेश में चक्रवात से उत्पन्न हुए ताजा हालातों की पूरी जानकारी ली। इस दौरान गृह मंत्री ने राज्य को केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव मदद और सुरक्षा मुहैया कराने का पूरा भरोसा दिलाया है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दी राज्य के मौजूदा हालातों की विस्तृत जानकारी

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ हुई फोन पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने उन्हें छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में मौसम के प्रभाव और प्रशासन द्वारा की गई तैयारियों से अवगत कराया। सीएम साय ने स्पष्ट किया कि चक्रवात 'अर्नब' के असर के कारण राज्य के कई मैदानी और वनों से घिरे इलाकों में झमाझम बारिश और तेज हवाएं रिकॉर्ड की जा रही हैं, हालांकि राहत की बात यह है कि अभी तक राज्य के किसी भी कोने से बाढ़ जैसी गंभीर स्थिति या किसी भी प्रकार की जनहानि की कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई है। राज्य सरकार और आपदा प्रबंधन की टीमें पूरी मुस्तैदी के साथ हालात पर लगातार पैनी नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

धान की कटाई के मुहाने पर खड़े किसानों की बढ़ी धड़कनें और फसल पर संकट

छत्तीसगढ़ को 'धान का कटोरा' कहा जाता है और मौजूदा समय में खेतों में किसानों की सालभर की मेहनत यानी धान की फसल पककर पूरी तरह तैयार खड़ी है तथा कई जगहों पर कटाई का दौर भी चल रहा है। ऐसे में चक्रवात 'अर्नब' के कारण हो रही बेमौसम बारिश और तेज हवाओं ने किसानों के माथे पर चिंता की गहरी लकीरें खींच दी हैं। कृषि विशेषज्ञों और किसानों का मानना है कि यदि यह बारिश और खराब मौसम लंबे समय तक जारी रहा, तो खेतों में खड़ी और कटाई के बाद खुले आसमान के नीचे रखी धान की फसल को भारी नुकसान पहुंच सकता है। दीपावली के ठीक पहले मौसम की इस दोहरी मार से अन्नदाता काफी आहत नजर आ रहे हैं और उन्हें अपनी मेहनत के बर्बाद होने का डर सता रहा है।

केंद्र और राज्य प्रशासन का साझा हाई-अर्ट, जिला मुख्यालयों पर निर्देश जारी

चक्रवात के संभावित खतरे को भांपते हुए छत्तीसगढ़ शासन के तमाम संबंधित विभाग और जिला प्रशासनों को पहले ही हाई अलर्ट मोड पर रख दिया गया है। खासकर बिलासपुर, मुंगेली, कबीरधाम, रायपुर, दुर्ग, रायगढ़, कोरबा और जांजगीर-चांपा समेत कई जिलों में मौसम विभाग के पूर्वानुमान के बाद विशेष सतर्कता बरती जा रही है। प्रशासन की ओर से निचले और जलभराव वाले इलाकों के लोगों को सुरक्षित रहने की सलाह दी गई है। आपदा प्रबंधन दल और स्थानीय प्रशासनिक अमले को किसी भी अनहोनी या आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए आधुनिक उपकरणों के साथ तैयार रहने के सख्त निर्देश दिए गए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किए जा सकें।

केंद्रीय गृह मंत्री के आश्वासन पर सीएम साय ने जताया आभार

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा संकट की इस घड़ी में छत्तीसगढ़ को हरसंभव सहायता का आश्वासन दिए जाने के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोशल मीडिया के माध्यम से केंद्र सरकार के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया है। सीएम साय ने कहा कि प्रदेश के नागरिकों की सुरक्षा और संरक्षा उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। केंद्र और राज्य के बीच बेहतरीन तालमेल के चलते किसी भी आपदा से मुकाबला करने में आसानी होगी। सरकार ने आम जनता से भी अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूरी ईमानदारी से पालन करें, ताकि इस प्राकृतिक आपदा के प्रभाव को कम से कम किया जा सके।