छत्तीसगढ़ में बिना लोकेशन ट्रैकिंग वाली बसों की अब खैर नहीं, परिवहन विभाग ने तैयार किया सख्त एक्शन का फुल प्रूफ रोडमैप
छत्तीसगढ़ में बस से सफर करने वाले यात्रियों, खासकर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार और परिवहन विभाग ने एक बेहद सख्त रुख अपना लिया है। राज्य में अब ऐसी सभी यात्री बसों के खिलाफ एक बड़ा अभियान शुरू होने जा रहा है, जिनमें लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम और पैनिक बटन चालू हालत में नहीं लगे हैं। विभाग ने बिना व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD) वाली बसों को सड़कों से हटाने और उनके परमिट रद्द करने के लिए एक मजबूत रोडमैप तैयार कर लिया है।
यात्रियों की सुरक्षा के लिए कमांड सेंटर से होगी रियल-टाइम निगरानी
परिवहन विभाग के इस नए रोडमैप के तहत छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में चलने वाली निजी और सरकारी यात्री बसों की निगरानी सीधे केंद्रीय कमांड सेंटर से की जाएगी। बसों में जीपीएस (GPS) और लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम अनिवार्य होने से परिवहन विभाग और पुलिस को यह सटीक जानकारी रहेगी कि कौन सी बस इस वक्त कहां पर मौजूद है। अगर कोई बस अपने निर्धारित रूट से भटकती है या उसकी स्पीड तय सीमा से अधिक होती है, तो कमांड सेंटर में तुरंत इसका अलर्ट जेनरेट हो जाएगा।
इमरजेंसी में काम आएगा पैनिक बटन, तुरंत पहुंचेगी मदद
इस नए सिस्टम का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि बसों में यात्रियों की सुरक्षा के लिए पैनिक बटन लगाए जा रहे हैं। सफर के दौरान किसी भी तरह की अनहोनी, छेड़खानी, दुर्घटना या मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति में जैसे ही कोई यात्री इस पैनिक बटन को दबाएगा, उसकी सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन और परिवहन विभाग के कंट्रोल रूम को मिल जाएगी। इससे आपातकालीन स्थिति में तुरंत राहत और बचाव दल को मौके पर भेजा जा सकेगा।
नियम तोड़ने वाली बसों के परमिट और फिटनेस होंगे रद्द
रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग-भिलाई, जगदलपुर, अंबिकापुर और कोरबा समेत पूरे छत्तीसगढ़ के बस ऑपरेटरों के लिए विभाग ने स्पष्ट चेतावनी जारी की है। तैयार किए गए रोडमैप के अनुसार, चेकिंग के दौरान जिस भी बस में लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम बंद या गायब पाया जाएगा, उस पर न सिर्फ भारी जुर्माना लगाया जाएगा बल्कि उसका फिटनेस सर्टिफिकेट और रूट परमिट भी तुरंत प्रभाव से निरस्त कर दिया जाएगा। विभाग का साफ कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।