रायपुर में मेडिकल संचालकों पर बड़ा शिकंजा: बिना डॉक्टर की पर्ची के दवा बेचने पर 38 दुकानों पर छापा
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में स्वास्थ्य विभाग और खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने मेडिकल स्टोर संचालकों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और सख्त कार्रवाई को अंजाम दिया है। बिना डॉक्टर के वैध नुस्खे (प्रिस्क्रिप्शन) के धड़ल्ले से दवाइयां बेचने और नियमों की अनदेखी करने वाले मेडिकल स्टोर्स पर प्रशासन ने शिकंजा कसते हुए एक साथ 38 मेडिकल दुकानों पर ताबड़तोड़ छापे मारे। इस बड़ी कार्रवाई से शहर के दवा कारोबारियों में हड़कंप मच गया है, वहीं स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर प्रशासन के इस कदम की चौतरफा सराहना हो रही है।
पहली बार एक साथ इतने बड़े पैमाने पर छापेमारी
ड्रग्स कंट्रोल विभाग की इस कार्रवाई को काफी गोपनीय रखा गया था ताकि मेडिकल संचालकों को इसकी भनक न लग सके। रायपुर के विभिन्न इलाकों में अचानक की गई इस छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने पाया कि कई मेडिकल स्टोर्स पर बिना किसी डॉक्टर के पर्चे के प्रतिबंधित और नशीली दवाइयां बेची जा रही थीं। नियमों का यह खुला उल्लंघन देखकर अधिकारियों ने मौके पर ही कड़े कदम उठाए और गंभीर अनियमितताएं मिलने पर 4 मेडिकल दुकानों को तुरंत प्रभाव से सील कर दिया। इसके साथ ही अन्य मेडिकल स्टोर संचालकों को भी कड़े निर्देश जारी किए गए हैं।
बिना प्रिस्क्रिप्शन दवा बेचने वालों पर गिरेगी और गाज
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि नियमों के विपरीत जाकर बिना डॉक्टर की पर्ची के दवाइयां बेचना न केवल कानूनन जुर्म है, बल्कि आम जनता की सेहत के साथ एक बड़ा खिलवाड़ भी है। खासकर युवा पीढ़ी में बढ़ रही मेडिकल नशे की प्रवृत्ति पर लगाम कसने के लिए यह कार्रवाई बेहद जरूरी थी। विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि भविष्य में यदि कोई भी मेडिकल संचालक बिना प्रिस्क्रिप्शन के दवा बेचते हुए पाया गया, तो उसका लाइसेंस हमेशा के लिए रद्द कर दिया जाएगा और उसके खिलाफ कानूनी रूप से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।