3 दिन की भीषण बारिश के बाद मौसम में बड़ा बदलाव, आज दक्षिण छत्तीसगढ़ के इन जिलों में भारी बारिश का रेड-ऑरेंज अलर्ट

3 दिन की भीषण बारिश के बाद मौसम में बड़ा बदलाव, आज दक्षिण छत्तीसगढ़ के इन जिलों में भारी बारिश का रेड-ऑरेंज अलर्ट

छत्तीसगढ़ में मानसून की सक्रियता के चलते पिछले तीन दिनों से हो रही झमाझम बारिश के बाद अब मौसम का मिजाज करवट लेने वाला है। मौसम विज्ञान केंद्र (IMD Raipur) के ताजा अनुमान के मुताबिक, राज्य के कई हिस्सों में बारिश की रफ्तार थोड़ी धीमी होगी, लेकिन दक्षिण छत्तीसगढ़ यानी बस्तर संभाग में आफत की बारिश का दौर अभी थमा नहीं है। विभाग ने आज बस्तर, सुकमा और बीजापुर समेत आस-पास के जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी करते हुए अलर्ट घोषित किया है।

दक्षिण छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में मौसम विभाग की बड़ी चेतावनी

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, एक मजबूत मानसूनी सिस्टम और कम दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) सक्रिय होने के कारण दक्षिण छत्तीसगढ़ में बादलों का डेरा जमा हुआ है। आज जगदलपुर, दंतेवाड़ा, नारायणपुर, कोंडागांव, सुकमा, बीजापुर और कांकेर जिलों में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश होने की प्रबल संभावना है। इन इलाकों में स्थानीय प्रशासन को भी अलर्ट पर रहने के लिए कहा गया है ताकि नदी-नालों के उफान पर आने की स्थिति में तुरंत कदम उठाए जा सकें।

मध्य और उत्तर छत्तीसगढ़ में झमाझम के बाद अब उमस का रहेगा जोर

रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग संभाग सहित उत्तर छत्तीसगढ़ के सरगुजा अंचल में पिछले 72 घंटों से लगातार हो रही बारिश से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई थी। हालांकि, आज से इन क्षेत्रों में मानसूनी गतिविधियों में थोड़ी कमी आने के आसार हैं। रायपुर और दुर्ग के आस-पास के इलाकों में आज हल्की से मध्यम बौछारें पड़ सकती हैं, लेकिन बारिश थमते ही धूप निकलने की वजह से लोगों को तीखी उमस और गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।

राजधानी रायपुर और बिलासपुर में कैसा रहेगा आज का मौसम?

प्रदेश की राजधानी रायपुर और न्यायधानी बिलासपुर में आज सुबह से ही आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए हुए हैं। मौसम विभाग का कहना है कि इन प्रमुख शहरों में भारी बारिश की संभावना तो नहीं है, लेकिन गरज-चमक के साथ लोकल सिस्टम एक्टिव होने से दोपहर या शाम के वक्त कुछ स्थानों पर तेज बौछारें गिर सकती हैं। ठंडी हवाओं के चलने से मौसम खुशनुमा बना रहेगा, लेकिन भारी जलजमाव वाले इलाकों को अभी पूरी तरह राहत मिलने में थोड़ा समय लगेगा।

किसानों के लिए एडवायजरी और आने वाले दिनों का हाल

कृषि विशेषज्ञों और मौसम विभाग ने छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए भी जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जिन खेतों में जलभराव की स्थिति है, वहां जल निकासी की व्यवस्था करने को कहा गया है। अगले 48 घंटों के दौरान मानसून की द्रोणिका (Monsoon Trough) की स्थिति में बदलाव होने से पूरे प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में व्यापक कमी आएगी, जिससे लोगों को जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

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