बीजेपी को समर्थन और गठबंधन के सवाल पर चिराग पासवान का बड़ा बयान सामने आया
छत्तीसगढ़ की राजनीति इन दिनों बेहद दिलचस्प मोड़ पर पहुंच चुकी है, जहां एक तरफ स्थानीय समीकरण तेजी से बदल रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ राष्ट्रीय पार्टियों के साथ-साथ क्षेत्रीय दलों का भी राज्य के राजनीतिक मैदान में अपनी जड़ें जमाने का सिलसिला शुरू हो चुका है. इसी कड़ी में लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने राजधानी रायपुर के दौरे के दौरान एक ऐसा बड़ा राजनीतिक ऐलान किया है, जिसने छत्तीसगढ़ के सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी है. रायपुर एयरपोर्ट पर पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए भव्य स्वागत और गर्मजोशी के बाद, चिराग पासवान ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनकी पार्टी अब छत्तीसगढ़ में अपनी औपचारिक राज्य इकाई का गठन करने जा रही है, जिससे राज्य में पार्टी के सांगठनिक विस्तार का रास्ता पूरी तरह साफ हो जाएगा. उनके इस दौरे को आगामी चुनावी रणनीतियों और युवाओं को साधने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
छत्तीसगढ़ में एलजेपी के सांगठनिक विस्तार और चुनावी दंगल का मास्टरप्लान
रायपुर के एक निजी ऑडिटोरियम में आयोजित 'युवा संवाद' कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे चिराग पासवान ने छत्तीसगढ़ की राजनीतिक जमीन पर अपनी पार्टी की मजबूत मौजूदगी दर्ज कराने का खुला संकेत दिया है. उन्होंने मीडिया और पार्टी कार्यकर्ताओं से बातचीत करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ एक ऐसा महत्वपूर्ण राज्य रहा है जहां उनके दिवंगत पिता और कद्दावर नेता पद्म भूषण स्व. रामविलास पासवान के समय से ही पार्टी के प्रति निष्ठावान समर्थकों और शुभचिंतकों का एक बड़ा वर्ग मौजूद रहा है. इसी जनसमर्थन और पुरानी प्राथमिकताओं को आधार बनाते हुए पार्टी अब यहां एक सशक्त और सक्रिय संगठन तैयार करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है. चिराग पासवान ने यह भी घोषणा की कि जल्द ही छत्तीसगढ़ के अंदर लोक जनशक्ति पार्टी की आधिकारिक राज्य इकाई की स्थापना की जाएगी, जिसके माध्यम से जिला और बूथ स्तर तक पदाधिकारियों की नियुक्तियां करके संगठन को धरातल पर मजबूत किया जाएगा. हालांकि, आगामी विधानसभा या अन्य चुनावों में पार्टी कितने सीटों पर और किस रणनीति के तहत उतरेगी, इस पर उन्होंने फिलहाल किसी तय संख्या का खुलासा करने से बचते हुए पूरा फोकस संगठन निर्माण पर होने की बात कही है.
बीजेपी के साथ गठबंधन और समर्थन के सवाल पर क्या बोले चिराग पासवान?
छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी की सरकार और मौजूदा राजनीतिक हालात के बीच जब पत्रकारों ने चिराग पासवान से यह तीखा सवाल किया कि क्या प्रदेश में LJP आने वाले समय में बीजेपी को समर्थन देगी या उनके साथ मिलकर कोई आधिकारिक गठबंधन करेगी, तो उनका जवाब काफी चौंकाने वाला और संतुलित रहा. केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ में बीजेपी के साथ किसी भी प्रकार के राजनीतिक तालमेल, गठबंधन या समर्थन को लेकर कोई भी अंतिम फैसला राष्ट्रीय नेतृत्व के बजाय पूरी तरह से राज्य की नव-गठित इकाई और वहां के स्थानीय नेता तय करेंगे. उन्होंने कहा कि राजनीति संभावनाओं का खेल है और क्षेत्रीय परिस्थितियों, समय की मांग तथा चुनावी समीकरणों के हिसाब से ही राज्य इकाई इस पर विचार करके स्वतंत्र रूप से कोई निर्णय लेगी. उनके इस नपे-तुले बयान से यह साफ हो गया है कि पार्टी फिलहाल अपने राजनीतिक विकल्पों को खुला रखना चाहती है और बिना किसी जल्दबाजी के पहले अपनी खुद की ज़मीन मजबूत करने पर जोर दे रही है, ताकि वक्त आने पर सौदेबाजी की ताकत बढ़ाई जा सके.
चुनाव आयोग, एसआईआर (SIR) और कांग्रेस पार्टी पर जमकर साधा निशाना
अपने रायपुर दौरे के दौरान चिराग पासवान ने केवल अपनी पार्टी के विस्तार तक ही बात सीमित नहीं रखी, बल्कि देश और राज्य की वर्तमान राजनीतिक तथा चुनावी प्रक्रिया पर भी बेबाक टिप्पणियां कीं. हाल ही में चुनाव आयोग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर (SIR) को लेकर विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे तमाम सवालों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि यदि देश के किसी भी मतदाता को चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर थोड़ा भी संदेह है, तो यह आयोग की नैतिक जिम्मेदारी बनती है कि वह लोगों का विश्वास पूरी तरह से जीते. इसके साथ ही, एसआईआर के दौरान नाम हटाए जाने के दाوارों को खारिज करते हुए उन्होंने विपक्ष को आड़े हाथों लिया और कहा कि यदि बड़े पैमाने पर आम और वैध मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जाते, तो राज्य और देश स्तर पर बड़ा जन-आंदोलन और विरोध प्रदर्शन देखने को मिलता. कांग्रेस पार्टी द्वारा चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाने और चुनावों को रद्द करने की मांग किए जाने पर तीखा तंज कसते हुए चिराग ने पूछा कि यदि कांग्रेस को चुनाव व्यवस्था पर इतना ही अविश्वास है, तो क्या वे भविष्य में होने वाले चुनाव नहीं लड़ेंगे? उन्होंने राहुल गांधी और कांग्रेस के अन्य नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष का काम सिर्फ कुछ समय के लिए बयानबाजी करना रह गया है, जबकि जमीनी हकीकत से वे कोसों दूर हैं.