Chhattisgarh Police : बस्तर के जंगलों में फिर गूंजी गोलियां, सुरक्षाबलों ने तोड़ी नक्सलियों की कमर, 27 लाख के 6 बड़े नक्सली ढेर

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News India Live, Digital Desk:  छत्तीसगढ़ के बस्तर के घने जंगलों से एक बार फिर बड़ी खबर सामने आई है, जहां सुरक्षाबलों ने एक सफल ऑपरेशन में 6 बड़े नक्सलियों को मार गिराया है। यह सिर्फ एक और मुठभेड़ नहीं, बल्कि नक्सली संगठन के नेटवर्क पर एक गहरी चोट है। मारे गए नक्सलियों में कई बड़े कमांडर शामिल थे, जिन पर कुल मिलाकर 27 लाख रुपये का इनाम था। इस ऑपरेशन के बाद पुलिस का कहना है कि उन्होंने इलाके में माओवादियों की कमर तोड़कर रख दी है।

कैसे मिली यह बड़ी कामयाबी?

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह सफलता किसी एक दिन की कार्रवाई का नतीजा नहीं, बल्कि महीनों की कड़ी मेहनत, सटीक खुफिया जानकारी और एक सुनियोजित रणनीति का परिणाम है। पिछले काफी समय से सुरक्षाबलों को बस्तर के इस खास इलाके में एक बड़े नक्सली कमांडर और उसके दस्ते की मौजूदगी की खबरें मिल रही थीं।

  • खुफिया नेटवर्क का कमाल: सबसे पहले स्थानीय मुखबिरों के नेटवर्क को और मजबूत किया गया। जवानों ने अपनी पहचान छिपाकर गांव वालों से संपर्क साधा और उनका भरोसा जीता। इसी भरोसे का नतीजा था कि उन्हें नक्सलियों के मूवमेंट की सटीक जानकारी मिलने लगी।
  • टेक्निकल सर्विलांस: मुखबिरों से मिली जानकारी को टेक्निकल सर्विलांस के जरिए पुख्ता किया गया। इससे नक्सलियों की लोकेशन और उनकी संख्या का सही-सही अंदाजा लगाने में मदद मिली।
  • संयुक्त ऑपरेशन की रणनीति: जब यह तय हो गया कि टारगेट कौन है और कहां है, तो डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (DRG) और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की एक संयुक्त टीम बनाई गई। ऑपरेशन को बेहद गोपनीय रखा गया ताकि इसकी भनक किसी को न लगे।

जंगल में बिछाया गया जाल

सुरक्षाबलों की टीम ने रात के अंधेरे में जंगलों में घुसकर उस इलाके की घेराबंदी कर ली, जहां नक्सलियों के छिपे होने की खबर थी। मंगलवार की सुबह जब नक्सलियों के दस्ते ने वहां से निकलने की कोशिश की, तो वे जवानों के बिछाए जाल में फंस गए। जवानों ने उन्हें आत्मसमर्पण करने के लिए कहा, लेकिन नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद दोनों ओर से भीषण गोलीबारी हुई, जो कई घंटों तक चली।

मुठभेड़ खत्म होने के बाद जब इलाके की तलाशी ली गई, तो वहां 6 नक्सलियों के शव मिले, जिनमें कुछ महिला नक्सली भी शामिल थीं। मारे गए बड़े कमांडरों की मौत से संगठन को भारी नुकसान पहुंचा है, क्योंकि वे न केवल रणनीति बनाने में माहिर थे, बल्कि नए युवाओं को संगठन में भर्ती करने और इलाके से उगाही करने का काम भी देखते थे। मौके से भारी मात्रा में ऑटोमैटिक हथियार और विस्फोटक भी बरामद हुए हैं।

यह ऑपरेशन बस्तर में शांति स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है और इससे स्थानीय लोगों में सुरक्षा की भावना भी मजबूत हुई है।