Chhattisgarh : भाजपा नेता के फार्महाउस में लहलहा रही थी अफीम की खेती पुलिस का बड़ा छापा, पार्टी ने किया निष्कासित

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News India Live, Digital Desk: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ भारतीय जनता पार्टी (BJP) के एक रसूखदार नेता के फार्महाउस पर अवैध रूप से अफीम की खेती किए जाने का खुलासा हुआ है। पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर भारी मात्रा में अफीम के पौधे बरामद किए हैं। इस घटना के बाद भाजपा ने कड़ी कार्रवाई करते हुए संबंधित नेता को पार्टी से सस्पेंड कर दिया है, वहीं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस मुद्दे पर सरकार को आड़े हाथों लिया है।

मक्के की आड़ में चल रहा था 'काला कारोबार'

जानकारी के अनुसार, दुर्ग जिले के समोदा गांव में भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश संयोजक विनायक ताम्रकार (Vinayak Tamrakar) के फार्महाउस पर यह छापेमारी की गई।

छिपकर हो रही थी खेती: पुलिस ने बताया कि लगभग 5 से 7 एकड़ के मक्के के खेत के बीचों-बीच अफीम की फसल उगाई जा रही थी ताकि किसी को शक न हो।

करोड़ों की कीमत: शुरुआती अनुमान के मुताबिक, जब्त की गई अफीम की बाजार में कीमत 8 करोड़ रुपये के करीब बताई जा रही है।

भाजपा का कड़ा एक्शन: तत्काल प्रभाव से निलंबन

मामला सामने आते ही भाजपा बैकफुट पर आ गई। प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव के निर्देश पर विनायक ताम्रकार को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया गया है। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि इस तरह के अनैतिक और अवैध कार्यों के लिए संगठन में कोई जगह नहीं है और इससे पार्टी की छवि को नुकसान पहुँचा है।

भूपेश बघेल ने घेरा: 'सुशासन की अफीम' बताकर साधा निशाना

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल खुद इस फार्महाउस पर पहुँचे और सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा करते हुए सरकार पर तीखा हमला बोला।

उन्होंने आरोप लगाया कि यह अवैध कारोबार बिना ऊंचे राजनीतिक संरक्षण के संभव नहीं है।

बघेल ने सवाल उठाया कि क्या यह 'बीजेपी किसान मोर्चा का प्रोजेक्ट' है?

घटना के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण भी वहां इकट्ठा हो गए थे, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी।

पुलिस की कार्रवाई और जांच (Investigation)

दुर्ग एसपी के निर्देश पर पुलिस ने NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज कर विनायक ताम्रकार समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस का पक्ष: एडिशनल एसपी मनीष शर्मा ने बताया कि सैंपल्स को लैब टेस्टिंग के लिए भेजा गया है।

आरोपी की सफाई: विनायक ताम्रकार ने इन आरोपों को राजनीतिक साजिश बताया है और दावा किया है कि जिस जमीन पर खेती मिली है, वह उन्होंने बटाई (लीज) पर दे रखी थी।