छत्तीसगढ़ मना रहा है 25वीं वर्षगांठ, PM मोदी करेंगे रजत जयंती महोत्सव का शुभारंभ, दिखेगी आदिम संस्कृति की झलक
News India Live, Digital Desk: 1 नवंबर 2000 को अस्तित्व में आया 'धान का कटोरा' यानी हमारा छत्तीसगढ़, कल अपने गठन के 25 गौरवशाली वर्ष पूरे करने जा रहा है। इस ऐतिहासिक अवसर, यानी 'रजत जयंती' (Silver Jubilee) को यादगार बनाने के लिए, दिल्ली में एक भव्य तीन दिवसीय सांस्कृतिक महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है, जिसका शुभारंभ आज शाम खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे।
यह महोत्सव सिर्फ एक सरकारी कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह दिल्ली वालों के लिए छत्तीसगढ़ की समृद्ध और जीवंत आदिवासी संस्कृति, कला, संगीत और खान-पान की दुनिया में डूबने का एक सुनहरा अवसर है।
कब और कहां हो रहा है यह आयोजन?
इस तीन दिवसीय 'छत्तीसगढ़ रजत जयंती सांस्कृतिक महोत्सव' का आयोजन राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के कर्तव्य पथ पर किया जा रहा है।
- उद्घाटन: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज, 31 अक्टूबर की शाम को इस भव्य महोत्सव का उद्घाटन करेंगे।
- समय: यह महोत्सव 31 अक्टूबर से 2 नवंबर तक चलेगा, जहां हर दिन अलग-अलग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
क्या-क्या होगा इस महोत्सव में खास?
यह महोत्सव छत्तीसगढ़ की आत्मा की एक झलक प्रस्तुत करेगा। यहां आने वाले लोगों को देखने और अनुभव करने के लिए बहुत कुछ मिलेगा:
- आदिवासी नृत्य और संगीत की धूम: छत्तीसगढ़ के सुदूर बस्तर और सरगुजा के आदिवासी कलाकार अपने पारंपरिक नृत्य जैसे 'पंडवानी', 'राउत नाचा', 'कर्मा' और 'सुआ' नृत्य का प्रदर्शन करेंगे। उनके पारंपरिक संगीत और वाद्ययंत्रों की धुन आपको एक अलग ही दुनिया में ले जाएगी।
- हस्तकला और शिल्पकला का खजाना: महोत्सव में एक विशाल प्रदर्शनी लगाई जाएगी, जहां आप छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध 'ढोकरा' कला, टेराकोटा, बांस शिल्प और बुनकरों द्वारा बनाए गए कोसा सिल्क के अद्भुत नमूने देख और खरीद सकेंगे।
- छत्तीसगढ़ी व्यंजनों का स्वाद: खाने के शौकीनों के लिए यहां एक खास 'फूड जोन' भी बनाया जाएगा, जहां आप 'चौसेला', 'फरा', 'अंगाकर रोटी' और 'बस्तर की लाल चींटी की चटनी' जैसे पारंपरिक और मुंह में पानी लाने वाले छत्तीसगढ़ी व्यंजनों का स्वाद ले सकेंगे।
- राज्य की विकास यात्रा: इन सब के अलावा, कुछ स्टॉल ऐसे भी होंगे जहां पिछले 25 वर्षों में छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा को दर्शाया जाएगा।
एक भारत, श्रेष्ठ भारत की भावना
इस कार्यक्रम का आयोजन 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' की भावना को बढ़ावा देने के लिए किया गया है। इसका उद्देश्य देश के बाकी हिस्सों के लोगों को छत्तीसगढ़ की अनूठी और विविध संस्कृति से परिचित कराना है। यह महोत्सव छत्तीसगढ़ के कलाकारों और कारीगरों को भी अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए एक बड़ा राष्ट्रीय मंच प्रदान करेगा।
तो अगर आप दिल्ली में हैं और भारत की आदिम संस्कृति का अनुभव करना चाहते हैं, तो अगले तीन दिनों तक कर्तव्य पथ पर आयोजित हो रहे इस रंगारंग महोत्सव का हिस्सा बनना न भूलें।