Chhattisgarh crime : डेढ़ साल बाद जब नदी से बाहर आई कार, अंदर मिले कंकाल ने छोड़े कई सवाल

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News India Live, Digital Desk: छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले से एक ऐसी दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है , जिसने एक लापता शिक्षक के परिवार की उम्मीदों को हमेशा के लिए ख़त्म कर दिया। लगभग डेढ़ साल से लापता एक शिक्षक का कंकाल उसी की कार के अंदर मिला है, जिसे इंद्रावती नदी से बाहर निकाला गया है। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है और पुलिस के सामने कई अनसुलझे सवाल खड़े कर दिए हैं - यह एक हादसा था, आत्महत्या थी या फिर एक सोची-समझी हत्या?

क्या है यह पूरा मामला?

नारायणपुर जिले के रहने वाले शिक्षक दीपक कुमार सामले, 23 मार्च 2024 को अपनी ब्रेजा कार से अचानक लापता हो गए थे। परिवार वालों ने हर जगह उनकी तलाश की, लेकिन उनका कुछ भी पता नहीं चल सका। थक-हारकर उन्होंने नारायणपुर थाने में उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस और परिवार वाले पिछले डेढ़ साल से लगातार उनकी तलाश कर रहे थे, लेकिन कोई सुराग हाथ नहीं लग रहा था।

कैसे सामने आया यह राज़?

डेढ़ साल बाद इस मामले की परतें तब खुलीं, जब कोंडागांव के मर्डापाल थाना क्षेत्र के बेडमा गाँव के एक ग्रामीण की नज़र इंद्रावती नदी में पड़ी एक कार पर गई। इस समय नदी का जलस्तर काफी कम हो गया था, जिसकी वजह से कार दिखाई देने लगी थी। उसने तुरंत इसकी सूचना मर्डापाल पुलिस को दी।

पुलिस की कार्रवाई और दर्दनाक ख़ुलासा

सूचना मिलते ही मर्डापाल और नारायणपुर थाने की पुलिस टीमें मौके पर पहुँचीं। भारी मशक्कत और क्रेन की मदद से जब कार को नदी से बाहर निकाला गया, तो अंदर का दृश्य देखकर सभी के होश उड़ गए। कार के अंदर ड्राइवर सीट पर एक इंसान का कंकाल मौजूद था।

कार के नंबर और मिले सबूतों के आधार पर यह साफ़ हो गया कि यह कंकाल डेढ़ साल से लापता शिक्षक दीपक कुमार का ही है। पुलिस ने तुरंत उनके परिवार वालों को इस दर्दनाक ख़बर की सूचना दी और कंकाल को पोस्टमार्टम और फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया।

अनसुलझे सवाल

दीपक की कार और कंकाल मिलने के बाद पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर उनकी मौत हुई कैसे?

  • क्या उनकी कार अनियंत्रित होकर नदी में जा गिरी थी?
  • क्या उन्होंने किसी परेशानी के चलते आत्महत्या कर ली थी?
  • या फिर, किसी ने उनकी हत्या करके सबूत मिटाने के लिए कार समेत उन्हें नदी में फेंक दिया था?

फिलहाल, पुलिस इन सभी एंगल से मामले की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही शायद इस राज़ से पर्दा उठ पाएगा। तब तक, एक परिवार अपने उस बेटे के लिए न्याय का इंतज़ार करता रहेगा, जिसकी वापसी की राह वे डेढ़ साल से देख रहे थे।