Chhattisgarh Assembly : धर्म स्वतंत्रता बिल और अवैध प्लॉटिंग पर भारी बवाल,विपक्ष का वॉकआउट, सदन की कार्यवाही स्थगित
News India Live, Digital Desk: मंगलवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष (कांग्रेस) ने सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरना शुरू कर दिया। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा द्वारा धर्मांतरण विरोधी नए कानून को पेश करने की तैयारी और अवैध कॉलोनियों के मुद्दे ने सदन का तापमान बढ़ा दिया।
1. धर्म स्वतंत्रता (संशोधन) विधेयक 2026 (Anti-Conversion Bill)
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की कैबिनेट द्वारा हाल ही में मंजूर किए गए इस विधेयक के मसौदे को आज चर्चा के लिए पटल पर रखा जाना था।
सख्त प्रावधान: नए कानून में बल, प्रलोभन या धोखाधड़ी से धर्मांतरण कराने पर 10 साल तक की जेल और भारी जुर्माने का प्रावधान है। स्वेच्छा से धर्म परिवर्तन करने वालों को 60 दिन पहले जिला मजिस्ट्रेट (DM) को सूचना देनी होगी।
विपक्ष का विरोध: कांग्रेस और ईसाई समाज के प्रतिनिधियों ने इसे 'राइट टू च्वाइस' (पसंद के अधिकार) पर हमला बताया है। विपक्ष का आरोप है कि सरकार इस बिल के जरिए ध्रुवीकरण की राजनीति कर रही है।
2. अवैध प्लॉटिंग पर तीखा टकराव
अवैध कॉलोनियों और प्लॉटिंग के मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने सरकार को घेरा:
भूपेश बघेल का आरोप: पूर्व सीएम ने कहा कि प्रदेश में अवैध प्लॉटिंग पर ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है। उन्होंने इस पूरे मामले की जांच विधानसभा की विशेष समिति से कराने की मांग की।
सत्ता पक्ष का जवाब: मंत्री ने बताया कि कार्रवाई की जा रही है, लेकिन भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने भी अपनी ही सरकार के कामकाज पर सवाल उठाते हुए कहा कि केवल छोटे कर्मचारियों को निशाना बनाया जा रहा है, असली भू-माफिया सुरक्षित हैं।
3. अफीम की खेती और नशीली दवाओं का मुद्दा
कांग्रेस ने दुर्ग जिले में भाजपा के एक स्थानीय नेता के खेत में कथित तौर पर हो रही अफीम की खेती का मुद्दा भी उठाया। विपक्ष ने इस पर काम रोको प्रस्ताव (Adjournment Motion) लाया, जिसे अध्यक्ष द्वारा अस्वीकार किए जाने के बाद कांग्रेस विधायकों ने सदन के 'वेल' में घुसकर नारेबाजी की, जिसके चलते 29 विधायकों को निलंबित कर दिया गया।
4. अन्य महत्वपूर्ण चर्चाएं
आदिवासी जमीन: गैर-आदिवासियों द्वारा आदिवासी जमीनों की अवैध खरीद-बिक्री के मामलों की जांच की मांग उठी।
मनरेगा: मनरेगा भुगतान और काम की कमी को लेकर भी सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई।