केंद्र सरकार का मास्टरस्ट्रोक पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में भारी कटौती,राजस्थान में ₹12 तक सस्ता हो सकता है तेल
News India Live, Digital Desk: वैश्विक उथल-पुथल और पश्चिम एशिया में युद्ध के बादलों के बीच केंद्र सरकार ने देश की जनता को महंगाई से बड़ी राहत देने का ऐतिहासिक फैसला किया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित होने और कीमतों में उछाल की आशंका को देखते हुए सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी (Excise Duty) को घटाकर न्यूनतम स्तर पर ला दिया है। इस फैसले का सीधा असर अब आपकी जेब पर दिखेगा और राजस्थान सहित पूरे देश में ईंधन की कीमतों में बड़ी गिरावट तय मानी जा रही है।
एक्साइज ड्यूटी का 'गणित': कितना हुआ सस्ता?
सरकार ने ईंधन की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए टैक्स संरचना में आमूलचूल बदलाव किया है:
पेट्रोल: पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी को ₹13 से घटाकर सीधे ₹3 प्रति लीटर कर दिया गया है। यानी सीधे ₹10 प्रति लीटर की बचत।
डीजल: मध्यम वर्ग और ट्रांसपोर्टर्स को राहत देते हुए डीजल पर लगने वाली ₹10 की एक्साइज ड्यूटी को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है।
राजस्थान में क्या होंगे नए दाम? (अनुमानित बदलाव)
राजस्थान में वैट (VAT) की दरें अधिक होने के कारण केंद्र की इस कटौती का लाभ उपभोक्ताओं को और भी ज्यादा मिल सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि राज्य सरकार वैट में कोई अतिरिक्त बदलाव नहीं करती है, तो प्रदेश में कीमतें ₹8 से ₹12 प्रति लीटर तक कम हो सकती हैं।
प्रमुख शहरों में संभावित स्थिति (प्रति लीटर):
| शहर | वर्तमान दाम (27 मार्च) | संभावित नए दाम (कटौती के बाद) |
|---|---|---|
| जयपुर | ₹104.85 | ₹92.85 - ₹94.85 |
| जोधपुर | ₹104.59 | ₹92.59 - ₹94.59 |
| उदयपुर | ₹105.51 | ₹93.51 - ₹95.51 |
| बीकानेर | ₹106.20 | ₹94.20 - ₹96.20 |
| अजमेर | ₹104.36 | ₹92.36 - ₹94.36 |
क्यों लिया गया यह फैसला? (Global Context)
ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में अस्थिरता पैदा कर दी है। कच्चे तेल की सप्लाई चेन टूटने के डर से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कीमतें बढ़ने लगी थीं। भारत सरकार ने 'प्रो-एक्टिव' रुख अपनाते हुए टैक्स कम कर दिया ताकि:
घरेलू बाजार में स्थिरता रहे: अंतरराष्ट्रीय बढ़त का बोझ आम आदमी पर न पड़े।
माल ढुलाई सस्ती हो: डीजल सस्ता होने से लॉजिस्टिक्स लागत घटेगी, जिससे फल, सब्जी और अनाज के दाम भी कम होंगे।
चौतरफा राहत: औद्योगिक उत्पादन लागत में कमी आएगी, जिससे अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।
विशेषज्ञों की राय: "अब गेंद राज्य सरकारों के पाले में"
आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि केंद्र ने अपना हिस्सा कम कर दिया है। अब दिल्ली, राजस्थान और अन्य राज्यों में अंतिम कीमतें इस बात पर निर्भर करेंगी कि राज्य सरकारें अपने वैट (VAT) के हिस्से में कितनी रियायत देती हैं। यदि राजस्थान सरकार भी इसमें कुछ कटौती करती है, तो जयपुर में पेट्रोल ₹90 के करीब आ सकता है।