सिर्फ स्वाद ही नहीं, सेहत का खजाना भी है अजवाइन सर्दी खांसी को भगाने का सबसे सस्ता और पक्का इलाज

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News India Live, Digital Desk : दिसंबर का महीना और कड़ाके की ठंड (20 दिसंबर 2025)! इस मौसम में रजाई के अंदर बैठने का मजा ही कुछ और है, लेकिन मौसम बदलते ही एक मुसीबत बिन बुलाए मेहमान की तरह आ धमकती है वह है सर्दी, खांसी और बंद नाक

दवाइयों के डिब्बे खंगालने से पह ले, एक बार अपनी रसोई के मसालों की ओर नजर घुमाइए। वहां एक छोटा सा 'डॉक्टर' बैठा है जिसे हम सिर्फ पूरी या पराठे में स्वाद बढ़ाने के लिए इस्तेमाल करते हैं। जी हाँ, हम बात कर रहे हैं अजवाइन (Ajwain) की।

हमारे बड़े-बुजुर्ग यूं ही नहीं कहते थे कि "रसोई सबसे बड़ी डिस्पेंसरी होती है।" अजवाइन के छोटे-छोटे दानों में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-वायरल गुण कूट-कूट कर भरे होते हैं जो जिद्दी से जिद्दी कफ को भी पिघलाने की ताकत रखते हैं।

आइए, आपको बताते हैं कि सर्दी में अजवाइन का इस्तेमाल कैसे करना है ताकि ठंड आपके पास भी न भटके।

1. बंद नाक के लिए अजवाइन की 'पोटली'
अगर सर्दी की वजह से सांस लेना मुश्किल हो रहा है या सिर भारी लग रहा है, तो यह नुस्खा जादू की तरह काम करता है।

  • तरीका: तवे पर थोड़ी सी अजवाइन को हल्का गर्म (Roast) कर लें। इसे एक सूती (Cotton) कपड़े में बांधकर छोटी सी पोटली बना लें। अब इसे अपनी नाक के पास ले जाकर धीरे-धीरे सूंघें।
  • असर: इसकी गर्माहट और खुशबू बंद नाक को तुरंत खोल देती है। बच्चों के लिए तो यह सबसे सुरक्षित उपाय है।

2. अजवाइन वाली चाय (काढ़ा)
ठंड में अदरक वाली चाय तो सब पीते हैं, एक बार अजवाइन वाली चाय पीकर देखिए। यह शरीर को अंदर से गर्मी देती है।

  • तरीका: एक कप पानी में आधा चम्मच अजवाइन, थोड़ा सा गुड़ और 2 तुलसी के पत्ते डालकर उबालें। इसे छानकर घूंट-घूंट करके पिएं।
  • असर: यह छाती में जमे हुए बलगम (Phlegm) को बाहर निकालता है और गले की खराश में तुरंत राहत देता है।

3. सीधा इस्तेमाल (सबसे आसान)
अगर आपके पास समय नहीं है, तो रोज सुबह या रात को सोने से पहले आधा चम्मच भुनी हुई अजवाइन को हल्के गुनगुने पानी के साथ चबाकर खा लें। यह खांसी के दौरे को शांत करता है।

सावधानी भी जरूरी
अजवाइन की तासीर गर्म होती है, इसलिए इसका बहुत ज्यादा इस्तेमाल न करें। खासकर गर्मी के मौसम में या जिन लोगों को बहुत गर्मी लगती है, वे संभलकर इस्तेमाल करें। लेकिन अभी, इस ठंड के मौसम में, यह किसी अमृत से कम नहीं है।