CBSE Board Exam 2026 : स्कूलों को सख्त हिदायत, छात्रों से नहीं वसूल पाएंगे एक्स्ट्रा' फीस प्रश्नपत्रों को लेकर भी नया नियम
News India Live, Digital Desk: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 10वीं और 12वीं की आगामी बोर्ड परीक्षाओं को लेकर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। बोर्ड ने स्कूलों की मनमानी पर लगाम कसते हुए स्पष्ट किया है कि 'एलओसी' (List of Candidates) जमा करने के दौरान छात्रों या अभिभावकों से निर्धारित शुल्क के अलावा कोई भी अतिरिक्त 'हिडन चार्ज' नहीं लिया जा सकेगा। इसके साथ ही, प्रश्नपत्रों की गोपनीयता बनाए रखने के लिए 'सेकंड एग्जाम' (पूरक परीक्षा) को लेकर भी कड़े नियम लागू किए गए हैं।
LOC सबमिशन: फीस को लेकर बोर्ड का कड़ा रुख
सीबीएसई ने सभी संबद्ध स्कूलों को सर्कुलर जारी कर सचेत किया है कि वे एलओसी जमा करते समय केवल बोर्ड द्वारा तय की गई परीक्षा फीस और माइग्रेशन फीस ही लें। अक्सर शिकायतें आती हैं कि स्कूल 'प्रशासनिक शुल्क' या 'प्रोसेसिंग फीस' के नाम पर मोटी रकम वसूलते हैं। बोर्ड ने साफ किया है कि यदि कोई स्कूल अतिरिक्त पैसे मांगता है, तो उसके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
प्रश्नपत्रों की शेयरिंग पर पाबंदी
परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए सीबीएसई ने एक और बड़ा बदलाव किया है। बोर्ड ने आदेश दिया है कि 'सेकंड एग्जाम' (जो छात्र अंक सुधार या कंपार्टमेंट के लिए देते हैं) के प्रश्नपत्र किसी भी स्थिति में साझा नहीं किए जाएंगे। स्कूलों को निर्देशित किया गया है कि वे परीक्षा केंद्र के भीतर और बाहर प्रश्नपत्रों के वितरण और हैंडलिंग में जीरो-टोलरेंस नीति अपनाएं। डिजिटल माध्यमों से प्रश्नपत्रों की फोटो खींचना या उन्हें सर्कुलेट करना अब गंभीर अपराध की श्रेणी में आएगा।
छात्रों के लिए क्या है राहत?
बोर्ड के इन नए नियमों से सबसे ज्यादा फायदा उन छात्रों को होगा जो आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि से आते हैं। अब उन्हें स्कूलों की अवैध वसूली से मुक्ति मिलेगी। साथ ही, समय पर एलओसी डेटा सही तरीके से अपलोड करने की जिम्मेदारी स्कूलों की होगी, ताकि भविष्य में छात्रों के एडमिट कार्ड या रिजल्ट में कोई तकनीकी खामी न आए।
CBSE 2026: महत्वपूर्ण बिंदु
एक्स्ट्रा फीस पर रोक: केवल सीबीएसई द्वारा निर्धारित फीस ही देय होगी।
गोपनीयता: प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के लिए स्कूलों को विशेष पर्यवेक्षक नियुक्त करने होंगे।
त्रुटि सुधार: एलओसी जमा करने के बाद डेटा में सुधार का मौका सीमित होगा, इसलिए स्कूलों को सावधानी बरतने को कहा गया है।