बॉर्डर पर फिर गरजे तोप-गोले! तालिबान और पाकिस्तानी सेना के बीच भयंकर गोलीबारी, जंग जैसे हालात
इस्लामाबाद द्वारा अफगानिस्तान की धरती पर की गई एयरस्ट्राइक के कुछ ही दिन बाद, दोनों देशों के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। अफगानिस्तान और पाकिस्तान को बांटने वाली डूरंड लाइन पर तालिबानी लड़ाकों और पाकिस्तानी सेना के बीच भारी गोलीबारी की खबरें सामने आ रही हैं, जिससे सीमा पर जंग जैसे हालात पैदा हो गए हैं।
खैबर पास पर छिड़ी जंग
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह भयंकर गोलीबारी रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण खैबर पास के पास हुई है। दोनों तरफ से न सिर्फ छोटे हथियारों, बल्कि तोपखानों और मोर्टार जैसे भारी हथियारों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर ऐसे कई वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें रात के अंधेरे में दोनों तरफ से हो रही भीषण गोलीबारी की आवाजें और आग के गोले साफ देखे जा सकते हैं।
यह गोलीबारी दिखाती है कि पाकिस्तान द्वारा अफगानी सीमा में की गई एयरस्ट्राइक के बाद तालिबान चुप बैठने वाला नहीं है।
क्यों बढ़ा है इतना तनाव?
दोनों देशों के बीच इस ताजा संघर्ष की जड़ में दो मुख्य कारण हैं:
- पाकिस्तान की एयरस्ट्राइक: हाल ही में पाकिस्तान ने यह दावा करते हुए अफगानिस्तान के अंदर हवाई हमले किए थे कि वहां 'तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान' (TTP) के आतंकी छिपे हुए हैं। इन हमलों में कई आम नागरिकों की मौत हो गई थी, जिसके बाद तालिबान ने पाकिस्तान को "गंभीर परिणाम" भुगतने की धमकी दी थी।
- TTP का मुद्दा: पाकिस्तान लंबे समय से तालिबान पर TTP को पनाह देने का आरोप लगा रहा है, जो पाकिस्तान के अंदर कई आतंकी हमलों के लिए जिम्मेदार है। वहीं, तालिबान इन आरोपों से इनकार करता रहा है।
आम लोगों की बढ़ी मुश्किलें
दोनों सेनाओं के बीच इस संघर्ष ने सीमा पर रहने वाले आम लोगों की जिंदगी को नर्क बना दिया है। खैबर पास, जो दोनों देशों के बीच व्यापार और आवाजाही का मुख्य रास्ता है, उसे बंद कर दिया गया है। हजारों ट्रक और लोग सीमा के दोनों ओर फंसे हुए हैं।
तालिबान का यह आक्रामक रुख साफ संदेश दे रहा है कि वह अपनी जमीन पर किसी भी बाहरी हमले को बर्दाश्त नहीं करेगा, भले ही हमलावर उसका पड़ोसी देश पाकिस्तान ही क्यों न हो। फिलहाल, सीमा पर तनाव बहुत ज्यादा है और स्थिति और बिगड़ने की आशंका बनी हुई है।