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March 26 2026 01:27 pm

तीसरे विश्वयुद्ध की आहट केंडिस ओवेन्स की डराने वाली भविष्यवाणी ईरान-इजरायल जंग में अमेरिका को झोंका जा रहा है

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News India Live, Digital Desk:अमेरिका की चर्चित दक्षिणपंथी विचारक और कट्टर ओपिनियन मेकर केंडिस ओवेन्स (Candace Owens) ने ईरान-इजरायल के बीच बढ़ते तनाव को लेकर एक बेहद सनसनीखेज बयान दिया है। ओवेन्स ने दावा किया है कि दुनिया इस समय 'तीसरे विश्वयुद्ध' (World War 3) की दहलीज पर खड़ी है और पर्दे के पीछे से ऐसी ताकतें काम कर रही हैं जो अमेरिका को इस खूनी जंग में धकेलना चाहती हैं। ओवेन्स के इस बयान ने सोशल मीडिया से लेकर व्हाइट हाउस तक खलबली मचा दी है, खासकर उनके इजरायल और बेंजामिन नेतन्याहू को लेकर किए गए तीखे कटाक्ष ने नई बहस छेड़ दी है।

'अमेरिका फर्स्ट' या इजरायल की जंग? ओवेन्स का बड़ा सवाल

केंडिस ओवेन्स ने अपने पोडकास्ट और सोशल मीडिया हैंडल के जरिए सवाल उठाया कि आखिर क्यों अमेरिकी करदाताओं का पैसा विदेशी जंगों में पानी की तरह बहाया जा रहा है। उन्होंने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की नीतियों पर निशाना साधते हुए कहा कि अमेरिका को अपनी सुरक्षा पर ध्यान देना चाहिए, न कि मध्य पूर्व के दलदल में फंसना चाहिए। ओवेन्स का मानना है कि यदि अमेरिका सीधे तौर पर ईरान के साथ युद्ध में उतरता है, तो इसके परिणाम पूरी मानवता के लिए विनाशकारी होंगे।

डोनाल्ड ट्रंप से उम्मीदें: क्या रुक पाएगा महाविनाश?

ओवेन्स ने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 'शांति' की नीतियों का समर्थन करते हुए कहा कि केवल एक मजबूत नेतृत्व ही इस संभावित विश्वयुद्ध को रोक सकता है। उन्होंने चिंता जताई कि मौजूदा प्रशासन की नीतियां अमेरिका को एक ऐसे मोर्चे पर ले जा रही हैं जहाँ से वापसी का कोई रास्ता नहीं होगा। ओवेन्स ने चेतावनी दी कि ईरान के खिलाफ कोई भी बड़ा सैन्य कदम रूस और चीन जैसे देशों को भी युद्ध में खींच सकता है, जिससे दुनिया भर में परमाणु हमले का खतरा बढ़ जाएगा।

सोशल मीडिया पर छिड़ा विवाद: 'देशभक्ति बनाम कूटनीति'

केंडिस ओवेन्स के इस रुख को लेकर अमेरिका में राय बंटी हुई है। जहां एक बड़ा वर्ग उन्हें 'साहसी' बता रहा है जो सच बोलने से नहीं डरतीं, वहीं कुछ लोग उन पर इजरायल विरोधी होने और अमेरिकी हितों को कमजोर करने का आरोप लगा रहे हैं। ओवेन्स ने साफ कहा कि "मेरा पहला धर्म अपने देश (अमेरिका) के प्रति है," और वह किसी भी ऐसी जंग के खिलाफ खड़ी रहेंगी जो अमेरिकी युवाओं के खून और पैसे की बलि मांगती है। इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान-इजरायल युद्ध के प्रति नजरिया बदलने लगा है।