रॉकेट की तरह नीचे आया और फिर ,रांची एयर एम्बुलेंस क्रैश की पूरी कहानी, ढाबा मालिक को बचाने उड़ा था विमान
News India Live, Digital Desk : झारखंड की राजधानी रांची में हुआ एयर एम्बुलेंस हादसा अभी भी लोगों के जेहन में ताजा है। एक ढाबा मालिक की जान बचाने के मिशन पर निकला यह विमान खुद हादसे का शिकार हो गया। आखिर उस दिन आसमान में क्या हुआ था? कैसे चंद सेकंड्स में सब कुछ बदल गया? पढ़िए इस रोंगटे खड़े कर देने वाले हादसे की पूरी इनसाइड स्टोरी।
एक 'लाइफ सेविंग' मिशन जो हादसे में बदल गया
यह कहानी शुरू होती है एक बीमार ढाबा मालिक को एयरलिफ्ट करने के फैसले से। रांची के एक प्रतिष्ठित ढाबा संचालक की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए दिल्ली ले जाना था। इसके लिए एक निजी चार्टर्ड एयर एम्बुलेंस बुलाई गई थी। विमान ने रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से उड़ान भरी, लेकिन किसे पता था कि मंजिल तक पहुँचने से पहले ही कुदरत को कुछ और मंजूर है।
तकनीकी खराबी और पायलट की सूझबूझ
प्रत्यक्षदर्शियों और शुरुआती जांच के अनुसार, उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद विमान के इंजन में तकनीकी खराबी आ गई। विमान तेजी से नीचे की ओर आने लगा। चश्मदीदों ने बताया कि विमान 'रॉकेट' की तरह जमीन की तरफ बढ़ रहा था। रिहायशी इलाके को बचाने की कोशिश में पायलट ने अपनी पूरी जान लगा दी, ताकि जान-माल का कम से कम नुकसान हो।
मलबे में तब्दील हुआ विमान, इलाके में मची अफरा-तफरी
जैसे ही विमान क्रैश हुआ, एक जोरदार धमाका हुआ और आसमान में धुएं का गुबार छा गया। आस-पास के लोग मदद के लिए दौड़े। विमान के परखच्चे उड़ चुके थे। राहत और बचाव कार्य (Rescue Operation) तुरंत शुरू किया गया, लेकिन इस हादसे ने सुरक्षा मानकों पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
जांच के घेरे में एयर एम्बुलेंस की मेंटेनेंस
इस हादसे के बाद विमानन नियामक संस्था (DGCA) ने जांच के आदेश दिए हैं। सवाल यह उठ रहा है कि क्या उड़ान से पहले विमान की फिटनेस की सही जांच की गई थी? क्या यह हादसा टाला जा सकता था?