1200 KM का सफर सिर्फ 16 घंटे में: 1 नवंबर से दौड़ेगी देश की नई वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस, जानें रूट, टाइमिंग और किराया
भारतीय रेल नेटवर्क में लंबी दूरी के सफर की तस्वीर पूरी तरह बदलने जा रही है, क्योंकि देश के दो सबसे बड़े आर्थिक और तकनीकी केंद्र—मुंबई और बेंगलुरु—अब सेमी-हाई-स्पीड ट्रैक पर सीधे जुड़ने वाले हैं। साउथ वेस्टर्न रेलवे (SWR) 1 नवंबर से बेंगलुरु और मुंबई के बीच पहली वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस ट्रेन शुरू करने की पूरी तैयारी में है। इस रूट पर लगभग 1,200 किलोमीटर (लगभग 1,118–1,208 किमी) की दूरी तय करने में मौजूदा एक्सप्रेस ट्रेनों को 22 से 25 घंटे तक का समय लग जाता था। लेकिन नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन इस पूरे फासले को महज 15 से 16 घंटे में पूरा कर लेगी, जिससे यात्रियों के सीधे 6 से 8 घंटे बचेंगे। 1 नवंबर को कर्नाटक राज्योत्सव के मौके पर इस बहुप्रतीक्षित ट्रेन को हरी झंडी दिखाने की योजना बनाई गई है।
24 घंटे की दूरी अब 16 घंटे में: समय और रूट का पूरा शेड्यूल
बेंगलुरु-मुंबई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का मुख्य उद्देश्य रात के सफर को सुरक्षित, तेज और बेहद आरामदायक बनाना है। प्रस्तावित समय सारिणी के मुताबिक, यह ट्रेन शाम 7:50 बजे सर एम. विश्वेश्वरैया टर्मिनल (SMVT), बेंगलुरु से रवाना होगी और अगले दिन सुबह 11:55 बजे मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) पहुंचेगी। वहीं वापसी दिशा में यह ट्रेन मुंबई (CSMT) से रात 8:10 बजे चलेगी और अगली सुबह 11:55 बजे बेंगलुरु पहुंचेगी। यानी यात्री शाम को ट्रेन में सवार होकर पूरी रात आराम की नींद ले सकेंगे और अगली सुबह सीधे अपने गंतव्य शहर में कामकाज शुरू कर सकेंगे। रिपोर्टों के अनुसार, यह प्रीमियम सेमी-हाई-स्पीड ट्रेन हफ्ते में 6 दिन चलाई जाएगी।
किन-किन स्टेशनों पर रुकेगी ट्रेन? जानिए प्रमुख स्टॉपेज
कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र को आपस में जोड़ने वाले इस पूरे रूट को गति और कम घुमावों (Curves) को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। यह ट्रेन कलबुर्गी और पुणे के मुख्य ट्रैक से होकर गुजरेगी। रास्ते में यात्रियों की सुविधा के लिए सीमित और रणनीतिक व्यावसायिक ठहराव तय किए गए हैं। इसके मुख्य स्टॉपेज में अनंतपुर, गुंतकल, रायचूर, कलबुर्गी (गुलबर्गा), सोलापुर, पुणे और कल्याण जंक्शन शामिल होंगे। इन स्टॉपेज के कारण न सिर्फ दोनों बड़े महानगरों बल्कि रास्ते में पड़ने वाले औद्योगिक और व्यापारिक शहरों के कारोबारियों और दैनिक यात्रियों को भी राजधानी एक्सप्रेस से तेज कनेक्टिविटी का सीधा फायदा मिलेगा।
16 कोच, 823 बर्थ और हवाई जहाज जैसी सुविधाएं
इस नई वंदे भारत स्लीपर रैक में कुल 16 कोच शामिल किए गए हैं। इनमें 11 कोच एसी थ्री-टियर (AC 3-Tier), 4 कोच एसी टू-टियर (AC 2-Tier) और 1 लग्जरी फर्स्ट एसी (First Class AC) का डिब्बा होगा। पूरी ट्रेन में कुल 823 यात्रियों के सोने की व्यवस्था होगी। आधुनिक सुविधाओं की बात करें तो इसके कोचों में यूरोपीय ट्रेनों की तर्ज पर डिजाइन किए गए गद्देदार बर्थ, हाइड्रॉलिक डैम्पर के साथ आसानी से खुलने वाली मिडिल बर्थ, विमान जैसी तकनीक वाले बायो-वैक्यूम टॉयलेट्स, दिव्यांग यात्रियों के लिए स्पेशल वॉशरूम और बेबी-केयर स्टेशन दिए गए हैं। फर्स्ट एसी के यात्रियों के लिए गर्म पानी के शावर की सुविधा भी मौजूद होगी। इसके अलावा ऑटोमैटिक स्लाइडिंग दरवाजे, वाई-फाई आधारित इंफोटेनमेंट और रात में पढ़ने के लिए हर बर्थ पर अलग एलईडी नाइट लाइट्स लगाई गई हैं।
सुरक्षा का कवच और संभावित किराया: आपकी जेब पर कितना पड़ेगा असर?
सुरक्षा के मोर्चे पर इस ट्रेन में भारतीय रेलवे की स्वदेशी 'कवच' (Kavach) एंटी-कोलिजन तकनीक लगी है, जो आमने-सामने की टक्कर को पूरी तरह रोकती है। इसके साथ ही हर कोच में 360-डिग्री सीसीटीवी निगरानी, आग की पहचान करने वाले ऑटोमैटिक सेंसर और आपातकालीन टॉक-बैक यूनिट्स मौजूद हैं। टिकट दर को लेकर रेलवे बोर्ड द्वारा आधिकारिक अधिसूचना जारी होना अभी बाकी है, लेकिन रेलवे सूत्रों के अनुसार बेंगलुरु से मुंबई के 1,200 किलोमीटर के सफर के लिए अनुमानित किराया एसी थ्री-टियर में लगभग ₹2,600 से ₹2,684, एसी टू-टियर में ₹3,400 से ₹3,466 और फर्स्ट क्लास एसी में लगभग ₹4,250 के आसपास रहने की संभावना है। इस ट्रेन की बुकिंग आधिकारिक शुरुआत के साथ ही IRCTC की वेबसाइट और मोबाइल ऐप पर शुरू कर दी जाएगी।