NPS में होने जा रहा है सबसे बड़ा बदलाव! 40 करोड़ लोगों के लिए तैयार हुआ यह मेगा प्लान, क्या आप भी हैं इसमें शामिल
देशभर के करोड़ों नौकरीपेशा, स्वरोजगार करने वाले और आम नागरिकों के लिए नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) को लेकर एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आ रही है। पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण (PFRDA) ने देश की रिटायरमेंट प्लानिंग व्यवस्था को पूरी तरह बदलने के लिए एक बेहद महत्वाकांक्षी और नया 'सीक्रेट प्लान' तैयार किया है। PFRDA का मुख्य लक्ष्य अगले 5 सालों के भीतर गैर-सरकारी NPS सब्सक्राइबर्स की संख्या को मौजूदा 90 लाख से बढ़ाकर सीधे 35 से 40 करोड़ तक पहुंचाने का है। कोलकाता में आयोजित एक विशेष आउटरीच प्रोग्राम के दौरान PFRDA के चेयरमैन शिवसुब्रमण्यम रमन ने इस बड़े मेगा प्लान का खुलासा किया है।
हर साल 2 से 3 करोड़ नए लोगों को जोड़ने का लक्ष्य
वर्तमान समय में गैर-सरकारी NPS सब्सक्राइबर्स का आंकड़ा महज 90 लाख के आसपास ही सिमटा हुआ है। लेकिन अब नियामक संस्था इसे केवल सरकारी कर्मचारियों या चुनिंदा नौकरीपेशा लोगों तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि देश के कोने-कोने तक पहुँचाना चाहती है। इस विशाल लक्ष्य को हासिल करने के लिए हर साल डिजिटल और ऑफलाइन माध्यमों से करीब 2 से 3 करोड़ नए सब्सक्राइबर्स को जोड़ने की ठोस रणनीति बनाई गई है। जिस तरह 'अटल पेंशन योजना' ने क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों और अन्य बैंकों के जरिए लगभग 10 करोड़ लोगों को जोड़ा है, उसी तर्ज पर NPS को भी घर-घर तक पहुँचाने की तैयारी है।
डिजिटल ऑनबोर्डिंग से चुटकियों में खुलेगा खाता
NPS की प्रक्रिया को आम जनता के लिए बेहद सरल और आसान बनाने के लिए तकनीक का भरपूर इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके लिए 'स्टार NPS (StAR NPS)' प्लेटफॉर्म को तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है, जिसे बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) टेक्नोलॉजीज द्वारा तैयार किया गया है।
इस डिजिटल प्लेटफॉर्म की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें CKYC और डिजिलॉकर (DigiLocker) की मदद से पूरा वेरिफिकेशन पूरी तरह से पेपरलेस होता है। इससे कोई भी आम नागरिक बिना किसी जटिल कागजी कार्रवाई के महज कुछ ही मिनटों में अपना परमानेंट रिटायरमेंट अकाउंट नंबर (PRAN) जनरेट कर सकता है और योजना से जुड़ सकता है।
म्यूचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर बनेंगे पेंशन एजेंट और बढ़ा कमीशन
NPS के दायरे को तेजी से फैलाने के लिए देश के म्यूचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर्स (MFDs) को एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। PFRDA इन डिस्ट्रीब्यूटर्स को 'पेंशन एजेंट' के रूप में काम करने के लिए प्रेरित कर रहा है ताकि वे अपने मौजूदा कस्टमर नेटवर्क और भरोसे का इस्तेमाल करके अधिक से अधिक लोगों को नेशनल पेंशन सिस्टम से जोड़ सकें। डिस्ट्रीब्यूटर्स की इस काम में सक्रिय भागीदारी बढ़ाने के लिए उनके कमीशन को भी बढ़ाकर लगभग तीन गुना तक कर दिया गया है। स्टार NPS प्लेटफॉर्म इस पूरी प्रक्रिया को सेंट्रल रिकॉर्ड कीपिंग एजेंसियों (CRA) और बैंकों से सीधे जोड़ता है, जिससे ऑनबोर्डिंग का काम पलक झपकते ही पूरा हो जाता है।
निवेशकों के लिए खुले 4 नए पेंशन फंड्स के विकल्प
ग्राहकों के लिए इस योजना को और अधिक आकर्षक और प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए PFRDA ने '온-टैप लाइसेंसिंग' के जरिए चार नए पेंशन फंड्स को भी मंजूरी दे दी है। इसके बाद अब देश में कुल पेंशन फंड मैनेजर्स की संख्या बढ़कर 14 हो गई है। इससे निवेशकों और सब्सक्राइबर्स को अपनी रिटायरमेंट सेविंग को बेहतर ढंग से मैनेज करने और अपनी पसंद का फंड चुनने के लिए पहले से कहीं ज्यादा विकल्प मिलने लगे हैं।
PFRDA के चेयरमैन ने इस बात पर जोर दिया है कि NPS न सिर्फ एक बेहद सुरक्षित लॉन्ग-टर्म निवेश है, बल्कि इसने पिछले 15 सालों के इतिहास में शानदार रिटर्न भी दिया है। आंकड़ों के मुताबिक, NPS की 'कंजर्वेटिव योजनाओं' (यानी कम जोखिम वाले विकल्पों) ने भी औसतन सालाना 9.2% से 9.3% तक का बेहतरीन रिटर्न दिया है, जो इसे भविष्य के लिए एक बेहतरीन विकल्प बनाता है।