Sukanya Samriddhi Yojana Calculation: सुकन्या समृद्धि योजना में ₹1500 महीना जमा करने पर बेटी को मिलेंगे ₹8 लाख से ज्यादा, जानिए 21 साल का पूरा गणित

Sukanya Samriddhi Yojana Calculation: सुकन्या समृद्धि योजना में ₹1500 महीना जमा करने पर बेटी को मिलेंगे ₹8 लाख से ज्यादा, जानिए 21 साल का पूरा गणित

सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) भारत सरकार की 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' अभियान के अंतर्गत संचालित एक लोकप्रिय और उच्च ब्याज दर वाली छोटी बचत योजना है। इसमें निवेश पर 100% सॉवरेन गारंटी के साथ-साथ सेक्शन 80C के तहत टैक्स छूट और मैच्योरिटी पर पूरी तरह टैक्स-फ्री (EEE स्टेटस) रिटर्न मिलता है।

वर्तमान में इस योजना पर 8.2% वार्षिक चक्रवृद्धि ब्याज (Annual Compounding) दिया जा रहा है। यदि आप अपनी बेटी के जन्म के समय या 10 वर्ष से कम आयु में हर महीने मात्र ₹1,500 (सालाना ₹18,000) का नियमित निवेश करते हैं, तो 21 साल की मैच्योरिटी पर एक मजबूत फंड तैयार हो जाता है।

सुकन्या समृद्धि योजना: ₹1,500 मासिक का वित्तीय विश्लेषण

योजना के नियमानुसार अभिभावक को केवल 15 वर्ष तक पैसा जमा करना होता है, जबकि खाता 21 वर्ष में परिपक्व (Mature) होता है। अंतिम 6 वर्षों में कोई किस्त नहीं देनी होती, लेकिन खाते में जमा पूरी राशि पर सरकारी ब्याज जुड़ता रहता है।

  • मासिक जमा: ₹1,500

  • वार्षिक जमा (1 वर्ष): ₹1,500 × 12 = ₹18,000

  • जमा करने की कुल अवधि: 15 वर्ष

  • 15 वर्षों में कुल जमा पूंजी: ₹18,000 × 15 = ₹2,70,000

  • वर्तमान ब्याज दर: 8.2% प्रति वर्ष (वार्षिक चक्रवृद्धि)

  • कुल अर्जित ब्याज (21 वर्ष में): लगभग ₹5,58,400

  • 21 साल बाद कुल मैच्योरिटी राशि: ₹8,28,400+ (लगभग ₹8.28 लाख)

योजना के मुख्य नियम और निकासी शर्तें

  • खाता खोलने की पात्रता: बेटी के जन्म से लेकर 10 वर्ष की आयु तक किसी भी पोस्ट ऑफिस या अधिकृत बैंक में खाता खोला जा सकता है। एक परिवार में अधिकतम 2 बेटियों के लिए यह खाता मान्य है (जुड़वां बच्चियों के मामले में अपवाद लागू)।

  • आंशिक निकासी (Higher Education): बेटी के 18 वर्ष की आयु पूरी करने या 10वीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद उच्च शिक्षा के खर्च के लिए खाते में मौजूद बैलेंस का 50% तक निकालने की सुविधा मिलती है।

  • विवाह के समय बंद करना: यदि बेटी की शादी 18 से 21 वर्ष की आयु के बीच होती है, तो विवाह की तिथि से 1 माह पहले या 3 माह बाद तक आवश्यक प्रमाण प्रस्तुत कर खाता पूर्ण रूप से बंद कराया जा सकता है।

  • ट्रिपल टैक्स छूट (EEE Status): आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत ₹1.5 लाख तक की वार्षिक जमा पर कर छूट मिलती है, मिलने वाला वार्षिक ब्याज कर-मुक्त होता है और 21 वर्ष बाद मैच्योरिटी पर मिलने वाली पूरी रकम पर शून्य टैक्स लगता है।