ऑटो एंसिलरी शेयरों में तूफानी तेजी: NRB Bearings 12.5% उछलकर ऑल-टाइम हाई पर, इन 3 शेयरों ने कराई बंपर कमाई
घरेलू शेयर बाजार में शुक्रवार, 18 सितंबर 2026 को ऑटोमोटिव कंपोनेंट और एंसिलरी सेक्टर के शेयरों में जोरदार लिवाली का माहौल देखने को मिला। दलाल स्ट्रीट पर ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स की मजबूत डिमांड और निर्यात बाजार में बढ़ते विस्तार के दम पर निवेशकों ने कंपोनेंट बनाने वाली कंपनियों पर बड़ा दांव लगाया। विशेष रूप से एनआरबी बेयरिंग्स (NRB Bearings), टैलब्रोस ऑटोमोटिव कंपोनेंट्स (Talbros Automotive Components) और जीएनए एक्सल्स (GNA Axles) के शेयरों में इंट्राडे कारोबार के दौरान आक्रामक खरीदारी दर्ज की गई। ट्रेडिंग सत्र में भारी ट्रेडिंग वॉल्यूम के साथ एनआरबी बेयरिंग्स का शेयर 12.5 प्रतिशत से अधिक की जबर्दस्त छलांग लगाते हुए अपने नए ऐतिहासिक उच्चतम स्तर (All-Time High) पर पहुंच गया, जिसने पूरे सेक्टर के प्रति निवेशकों का भरोसा और मजबूत कर दिया।
एनआरबी बेयरिंग्स ने बनाया ₹534 का नया रिकॉर्ड: 2026 में अब तक 95% का मल्टीबैगर रिटर्न
ट्रेडिंग सेशन के दौरान एनआरबी बेयरिंग्स लिमिटेड के शेयर में चौतरफा खरीदारी देखने को मिली, जिसके चलते स्टॉक 12.5% से अधिक उछलकर ₹534 के नए ऑल-टाइम हाई स्तर पर पहुंच गया। कैलेंडर वर्ष 2026 की शुरुआत के बाद से यह कंपनी के शेयर में दर्ज की गई अब तक की सबसे बड़ी एकल-दिवसीय (Single-Day) तेजी है। यदि इस शेयर के रिटर्न ट्रैक रिकॉर्ड पर नजर डालें, तो साल 2026 की शुरुआत से लेकर अब तक यह स्टॉक 95 प्रतिशत से अधिक की छलांग लगा चुका है, जबकि पिछले 12 महीनों की समयावधि में इसने निवेशकों को 88 प्रतिशत से अधिक का शानदार वेल्थ गेन दिया है। शुक्रवार को इंट्राडे कारोबार में कंपनी के 1 लाख से अधिक शेयरों का लेन-देन हुआ और इसका ट्रेडिंग वॉल्यूम 10-दिन के औसत मुकाबले 2.75 गुना अधिक दर्ज किया गया। कंपनी के बुनियादी विस्तार पर रोशनी डालते हुए एनआरबी बेयरिंग्स की वाइस चेयरपर्सन और मैनेजिंग डायरेक्टर हर्षबीना जावेरी ने पहले ही स्पष्ट किया था कि कंपनी अगले 5 वर्षों में अपनी कुल सेल्स को दोगुना करने के रोडमैप पर काम कर रही है, जिसके लिए पारंपरिक ऑटोमोटिव सेगमेंट के अलावा नए इंडस्ट्रियल एप्लिकेशन्स और अंतरराष्ट्रीय संयुक्त उपक्रमों (Joint Ventures) पर तेजी से अमल किया जा रहा है।
टैलब्रोस ऑटोमोटिव में 9% का उछाल: ₹1,000 करोड़ की मजबूत ऑर्डर बुक से मिला जबरदस्त बूस्ट
ऑटो एंसिलरी स्पेस में दूसरी सबसे बड़ी हलचल टैलब्रोस ऑटोमोटिव कंपोनेंट्स के काउंटर पर देखने को मिली। शुक्रवार के कारोबारी सत्र में कंपनी का शेयर 9 प्रतिशत तक चढ़कर ₹475.20 के अपने नए ऑल-टाइम हाई स्तर को छूने में कामयाब रहा। चालू वर्ष में यह इस शेयर की दूसरी सबसे बड़ी एकदिनी तेजी रही, इससे पहले 22 मई को स्टॉक ने 12.36% की जोरदार छलांग लगाई थी। साल 2026 में अब तक टैलब्रोस ऑटो के शेयर 72 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त दर्ज कर चुके हैं, वहीं बीते एक साल में इसमें 61 प्रतिशत से अधिक की तेजी आई है। इंट्राडे के दौरान 46,000 से अधिक शेयरों का कारोबार हुआ, जिसका वॉल्यूम 10-दिवसीय दैनिक औसत से 2.6 गुना ज्यादा रहा। कंपनी की इस लंबी तेजी का मुख्य आधार ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स (OEMs) से हासिल हुआ ₹1,000 करोड़ से अधिक का बहु-वर्षीय ऑर्डर है, जिसे आगामी पांच वर्षों में पूरा किया जाना है। वित्त वर्ष 2026-27 (FY27) से इसका कमर्शियलाइजेशन शुरू होना तय है, जिसमें कंपनी मुख्य रूप से गैसकेट्स, हीट शील्ड, प्रीमियम फॉर्जिंग कंपोनेंट्स, इंडस्ट्रियल होजेस, एंटी-वाइब्रेशन पार्ट्स और चेसिस कंपोनेंट्स की बड़े पैमाने पर आपूर्ति करेगी।
जीएनए एक्सल्स में 10 गुना ट्रेडिंग वॉल्यूम: 2026 में 86% से ज्यादा दौड़ा शेयर
कमर्शियल व्हीकल और हेवी ड्यूटी सेगमेंट में अपनी मजबूत पकड़ रखने वाली कंपनी जीएनए एक्सल्स (GNA Axles) के शेयरों में भी दिन के कारोबार में लगभग 5 प्रतिशत की शानदार तेजी दर्ज की गई। हालांकि बाद में ऊपरी स्तरों पर हल्के मुनाफे की बिकवाली से शेयर ने अपनी शुरुआती बढ़त का कुछ हिस्सा गंवा दिया, लेकिन यह बीते एक महीने से अधिक समय में स्टॉक की सबसे बड़ी इंट्राडे रैली साबित हुई। 2026 की शुरुआत से लेकर अब तक जीएनए एक्सल्स के शेयरों ने 86 प्रतिशत से ज्यादा का धमाकेदार रिटर्न दिया है, जबकि पिछले एक साल में यह काउंटर 76 प्रतिशत से ज्यादा चढ़ चुका है। शुक्रवार को निवेशकों की भारी दिलचस्पी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इंट्राडे में 1 लाख से ज्यादा शेयरों का आदान-प्रदान हुआ और ट्रेडिंग वॉल्यूम अपने 10-दिवसीय औसत से लगभग 10 गुना तक पहुंच गया, जो संस्थागत और हाई-नेट-वर्थ निवेशकों की मजबूत मौजूदगी का स्पष्ट संकेत है।
2030 तक $200 अरब टर्नओवर का लक्ष्य: डिफेंस, रेलवे और एयरोस्पेस बने ऑटो एंसिलरी के नए ग्रोथ इंजन
ऑटो कंपोनेंट सेक्टर की इस सामूहिक तेजी को व्यापक इंडस्ट्री फंडामेंटल्स से भी गहरा समर्थन मिल रहा है। ऑटोमोटिव कंपोनेंट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ACMA) ने हालिया आंकड़ों में रेखांकित किया है कि भारतीय ऑटो कंपोनेंट इंडस्ट्री वर्ष 2030 तक 200 अरब डॉलर (लगभग ₹16.6 लाख करोड़) का वार्षिक टर्नओवर हासिल करने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य की ओर तेजी से अग्रसर है। वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) में ही इस उद्योग का कुल टर्नओवर 12.7 प्रतिशत की सालाना वृद्धि के साथ ₹7.6 लाख करोड़ ($85.9 अरब) के आंकड़े को पार कर चुका है, जिसमें घरेलू OEMs को की जाने वाली आपूर्ति में 16.3% की वृद्धि हुई और वैश्विक निर्यात लगभग 24 अरब डॉलर तक पहुंच गया। इसके अलावा, एसबीआई म्यूचुअल फंड के रिसर्च हेड रुचित मेहता के अनुसार भारतीय ऑटो एंसिलरी कंपनियां अब केवल पारंपरिक यात्री और व्यावसायिक वाहनों तक सीमित नहीं हैं; बल्कि वे अपने एड्रेसेबल मार्केट को आक्रामक रूप से विस्तारित करते हुए एयरोस्पेस, डिफेंस कंपोनेंट्स और रेलवे जैसे उच्च-मार्जिन वाले नए तकनीकी क्षेत्रों में उतर रही हैं, जिससे इन कंपनियों की दीर्घकालिक री-रेटिंग और अर्निंग्स विजिबिलिटी कई गुना बढ़ गई है।