SIM Card KYC New Rules 2026: एक आधार पर कितने सिम चलेंगे? TAFCOP पोर्टल से फर्जी सिम ऐसे करें बंद

SIM Card KYC New Rules 2026: एक आधार पर कितने सिम चलेंगे? TAFCOP पोर्टल से फर्जी सिम ऐसे करें बंद

 देश में बढ़ते साइबर फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन बैंकिंग घोटालों और फर्जी दस्तावेजों के जरिए जारी किए जाने वाले मोबाइल कनेक्शनों पर नकेल कसने के लिए भारत सरकार के दूरसंचार विभाग (DoT) और भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) ने कड़े नियम लागू किए हैं। कई बार आम नागरिकों को यह भनक भी नहीं होती कि उनके पहचान पत्र की प्रति का दुरुपयोग करके किसी असामाजिक तत्व या साइबर अपराधी ने दूसरा सिम कार्ड एक्टिवेट करा लिया है। यदि आपकी आईडी पर कोई अवैध सिम चल रहा है, तो किसी भी साइबर अपराध या गैरकानूनी गतिविधि में कानूनी जांच की आंच सीधे आप तक पहुंच सकती है। दूरसंचार विभाग ने स्पष्ट गाइडलाइंस जारी करते हुए एक नागरिक के नाम पर सिम कार्ड की अधिकतम संख्या तय कर दी है और 'संचार साथी' (Sanchar Saathi) परियोजना के तहत TAFCOP पोर्टल के जरिए फर्जी व अनधिकृत नंबरों को तुरंत बंद कराने की पूरी ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध कराई है।

नए नियमों के तहत एक व्यक्ति के नाम पर अधिकतम कितने सिम कार्ड चालू रह सकते हैं?

दूरसंचार विभाग (DoT) द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार, भारत में एक व्यक्ति अपनी एकल पहचान (आधार कार्ड या अन्य सरकारी फोटो पहचान पत्र) पर अधिकतम 9 मोबाइल कनेक्शन (SIM Cards) ले सकता है।

  • पूर्वोत्तर और संवेदनशील राज्य: जम्मू-कश्मीर, असम और पूर्वोत्तर (नॉर्थ-ईस्ट) राज्यों के नागरिकों और सुरक्षा संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए यह सीमा अधिकतम 6 सिम कार्ड निर्धारित की गई है।

  • 9 से अधिक सिम होने पर क्या होगा: यदि किसी व्यक्ति के नाम पर तय सीमा (9 या 6) से अधिक एक्टिव कनेक्शन पाए जाते हैं, तो दूरसंचार विभाग टेलीकॉम ऑपरेटर्स (जियो, एयरटेल, वोडाफोन-आइडिया, बीएसएनएल) को उन नंबरों के री-वेरिफिकेशन का निर्देश देता है। निर्धारित समय के भीतर अतिरिक्त नंबरों का पुनः सत्यापन न होने पर कनेक्शनों की आउटगोइंग सेवाएं निलंबित कर दी जाती हैं और बाद में उन्हें स्थायी रूप से ब्लॉक कर दिया जाता है। उल्लंघन करने वालों पर आर्थिक जुर्माने का भी प्रावधान है।

सिम कार्ड ई-केवाईसी में क्या बड़े बदलाव हुए हैं?

फर्जीवाड़े की रोकथाम के लिए सरकार ने सिम बिक्री और सत्यापन प्रक्रिया में व्यापक बदलाव किए हैं:

  1. कागजी फॉर्म (Physical SAF) बंद: दुकानों पर कागजी फोटोकॉपी जमा करके सिम खरीदने की पुरानी व्यवस्था पूरी तरह बंद कर दी गई है। अब नया सिम केवल डिजिटल माध्यम यानी आधार आधारित बायोमेट्रिक ई-केवाईसी या 'फेस ऑथेंटिकेशन' (Face Authentication) से ही जारी होता है।

  2. पीओएस (Point of Sale) डीलरों का कड़ा पुलिस वेरिफिकेशन: सिम बेचने वाले सभी रिटेलर्स, दुकानों और एजेंटों का पुलिस वेरिफिकेशन और टेलीकॉम कंपनियों के साथ बायोमेट्रिक पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है। फर्जी सिम जारी करने वाले एजेंटों को ब्लैकलिस्ट करने और उन पर भारी जुर्माने का प्रावधान है।

  3. सिम स्वैप पर 24 घंटे का एसएमएस लॉक: यदि कोई व्यक्ति अपना खोया हुआ सिम दोबारा जारी कराता है या नया सिम स्वैप करता है, तो सुरक्षा कारणों से शुरुआती 24 घंटे तक इनकमिंग व आउटगोइंग एसएमएस (SMS) सेवाएं बंद रखी जाती हैं, ताकि बैंक ओटीपी फ्रॉड न किया जा सके।

TAFCOP पोर्टल क्या है और यह कैसे सुरक्षा प्रदान करता है?

दूरसंचार विभाग द्वारा संचालित TAFCOP (Telecom Analytics for Fraud Management and Consumer Protection) पोर्टल भारत सरकार के संचार साथी प्लेटफॉर्म का एक अभिन्न अंग है। यह पोर्टल देशभर के सभी टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स के डेटाबेस से जुड़ा है। इसके जरिए कोई भी नागरिक अपने प्राथमिक मोबाइल नंबर के जरिए यह पता लगा सकता है कि उसकी आईडी पर वर्तमान में कुल कितने मोबाइल नंबर सक्रिय हैं।

स्टेप-बाय-स्टेप गाइड: अपनी आईडी पर चल रहे सभी सिम कार्ड ऐसे चेक करें

अपने नाम पर जारी कुल सिम कार्ड्स की सूची देखने के लिए इन आसान चरणों का पालन करें:

  1. अपने मोबाइल या कंप्यूटर के वेब ब्राउज़र में संचार साथी की आधिकारिक वेबसाइट sancharsaathi.gov.in या सीधे tafcop.sancharsaathi.gov.in खोलें।

  2. होमपेज पर 'Citizen Centric Services' सेक्शन में जाकर 'Know Your Mobile Connections' (TAFCOP) विकल्प पर क्लिक करें।

  3. बॉक्स में अपना 10 अंकों का सक्रिय मोबाइल नंबर दर्ज करें और नीचे दिए गए कैप्चा कोड को भरें।

  4. 'Validate CAPTCHA' या 'Request OTP' पर क्लिक करें।

  5. आपके मोबाइल नंबर पर 6 अंकों का वन-टाइम पासवर्ड (OTP) प्राप्त होगा। ओटीपी दर्ज करके 'Login' बटन पर क्लिक करें।

  6. लॉग इन होते ही स्क्रीन पर आपकी आईडी पर पंजीकृत सभी मोबाइल नंबरों की सूची (सुरक्षा कारणों से नंबरों के शुरुआती और अंतिम अंक) दिखाई देने लगेगी।

फर्जी या अवांछित सिम कार्ड को ऑनलाइन बंद (Deactivate) कैसे कराएं?

यदि सूची में कोई ऐसा नंबर दिखाई देता है जो आपका नहीं है, जिसे आपने कभी नहीं खरीदा, या जिसे आप लंबे समय से इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं, तो उसे बंद कराने के लिए यह प्रक्रिया अपनाएं:

  • नंबर का चयन करें: जिस मोबाइल नंबर को आप हटाना या बंद कराना चाहते हैं, उसके सामने दिए गए चेकबॉक्स पर टिक (Tick) लगाएं।

  • विकल्प चुनें: पोर्टल पर आपको तीन विकल्प मिलेंगे:

    • 'This is not my number' (यह मेरा नंबर नहीं है): यदि यह नंबर आपने कभी खरीदा ही नहीं और यह किसी फर्जीवाड़े के जरिए आपकी आईडी पर चल रहा है, तो इस विकल्प को चुनें।

    • 'Not required' (आवश्यकता नहीं है): यदि यह सिम पहले आपका था लेकिन अब आप इसका उपयोग नहीं करते और इसे स्थायी रूप से बंद कराना चाहते हैं, तो इसे चुनें।

    • 'Required' (आवश्यक है): यदि यह नंबर आपके उपयोग में है, तो इसे बिना छेड़े छोड़ दें।

  • रिपोर्ट सबमिट करें: उचित विकल्प चुनने के बाद नीचे दिए गए 'Report' बटन पर क्लिक करें।

  • टिकट रेफरेंस नंबर सुरक्षित रखें: रिपोर्ट दर्ज होते ही स्क्रीन पर एक Ticket Reference Number दिखाई देगा और आपके नंबर पर एसएमएस भी आएगा। इस नंबर के जरिए आप पोर्टल पर अपनी शिकायत का स्टेटस (Status) कभी भी ट्रैक कर सकते हैं।

  • दूरसंचार विभाग की कार्रवाई: आपकी रिपोर्ट मिलने के बाद दूरसंचार विभाग संबंधित टेलीकॉम ऑपरेटर को सूचित करता है। ऑपरेटर उस नंबर के उपयोगकर्ता को पुनः बायोमेट्रिक सत्यापन के लिए नोटिस भेजता है। यदि निर्धारित समय में सत्यापन नहीं होता, तो उस नंबर को हमेशा के लिए निष्क्रिय और ब्लॉक कर दिया जाता है।

साइबर सुरक्षा के लिए विशेषज्ञों की जरूरी सलाह

अपनी डिजिटल पहचान और बैंक खातों को सुरक्षित रखने के लिए समय-समय पर (हर 3 से 6 महीने में) TAFCOP पोर्टल पर जाकर अपने नाम दर्ज सिमों की समीक्षा अवश्य करें। किसी भी अनजान व्यक्ति, अनधिकृत सिम वेंडर या अनाधिकृत मोबाइल ऐप के साथ अपने पहचान पत्र की फोटोकॉपी या बायोमेट्रिक अंगूठे का निशान साझा न करें। समय पर की गई एक छोटी सी जांच आपको किसी बड़ी साइबर धोखाधड़ी या कानूनी उलझन से सुरक्षित रख सकती है।