Senior Citizen FD Rates Hike: वरिष्ठ नागरिकों के लिए खुशखबरी! इन बैंकों ने बढ़ाईं FD की ब्याज दरें, अब मिलेगा 8.50% तक का बंपर रिटर्न
सुरक्षित निवेश और नियमित आय की तलाश कर रहे वरिष्ठ नागरिकों के लिए बैंकिंग सेक्टर से बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। देश के प्रमुख कमर्शियल बैंकों, प्राइवेट लेंडर्स और स्मॉल फाइनेंस बैंकों (SFBs) ने अपनी फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) ब्याज दरों में बड़ा संशोधन किया है। नए बदलावों के बाद सीनियर सिटीजन्स को अब 8.50% तक का सालाना ब्याज हासिल करने का मौका मिल रहा है। रिटायरमेंट के बाद अपनी जमा पूंजी पर बिना किसी मार्केट जोखिम के अधिकतम रिटर्न चाहने वाले बुजुर्ग निवेशकों के लिए यह समय अपनी एफडी को आकर्षक ब्याज दरों पर लॉक करने का सबसे सुनहरा मौका साबित हो सकता है।
स्मॉल फाइनेंस बैंकों का दबदबा: 8.50% तक मिल रहा सबसे तगड़ा रिटर्न
वरिष्ठ नागरिकों को एफडी पर सबसे अधिक ब्याज देने के मामले में स्मॉल फाइनेंस बैंक सबसे आगे निकल गए हैं:
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ESAF Small Finance Bank: बैंक ने अपनी रिटेल एफडी दरों में बढ़ोतरी करते हुए वरिष्ठ नागरिकों के लिए अधिकतम ब्याज दर को 8.50% तक पहुंचा दिया है। यह उच्चतम दर 800 दिनों की विशेष अवधि (Special Tenure) वाली डिपॉजिट पर दी जा रही है। इसके अलावा 2 साल से 3 साल की अवधि पर भी बुजुर्गों को 8.25% तक का शानदार ब्याज मिल रहा है।
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Unity Small Finance Bank: यूनिटी स्मॉल फाइनेंस बैंक सीनियर सिटीजन्स को 1001 दिनों की अवधि पर 8.00% से लेकर 9% से अधिक तक की उच्चतम ब्याज दर ऑफर कर रहा है।
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Utkarsh Small Finance Bank: उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक में वरिष्ठ नागरिकों को 2 साल से 3 साल (730 दिन से 1095 दिन) की अवधि वाले डोमेस्टिक फिक्स्ड डिपॉजिट पर 8.00% की आकर्षक दर मिल रही है।
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Slice Small Finance Bank: बैंक ने अपनी ब्याज दरों में संशोधन किया है, जिसके तहत 18 महीने 1 दिन से लेकर 24 महीने की अवधि के लिए वरिष्ठ नागरिकों को 7.75% की दर से ब्याज दिया जा रहा है।
प्राइवेट और सरकारी बैंकों में भी बढ़ा मुनाफा: HDFC, Federal और SBI के नए रेट्स
बड़े कमर्शियल और प्राइवेट बैंकों ने भी अपने ग्राहकों को बनाए रखने के लिए चुनिंदा अवधियों (Tenures) पर ब्याज दरों में फेरबदल किया है:
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HDFC Bank: देश के सबसे बड़े निजी बैंक एचडीएफसी ने अपनी एफडी दरों में संशोधन किया है। वरिष्ठ नागरिकों को 3 साल 1 दिन से लेकर 4 साल 7 महीने की अवधि पर अधिकतम 7.10% का ब्याज मिल रहा है, जबकि 18 महीने से 3 साल की अवधि पर 6.95% की दर लागू है।
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Federal Bank: फेडरल बैंक ने नई 48 महीने की विशेष अवधि पेश की है, जिसमें वरिष्ठ नागरिकों को 7.20% की सालाना ब्याज दर दी जा रही है। वहीं 15 महीने की एफडी पर 7.15% ब्याज उपलब्ध है।
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IndusInd Bank & Yes Bank: इंडसइंड बैंक और यस बैंक में वरिष्ठ नागरिकों को 2 से 3 साल की मैच्योरिटी पर 7.75% तक की दरें मिल रही हैं।
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State Bank of India (SBI) & PNB: देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक एसबीआई में वरिष्ठ नागरिकों को वीकेयर (SBI Wecare) और अमृत वृष्टि जैसी विशेष स्कीम्स के तहत 7.05% तक ब्याज मिल रहा है। वहीं पंजाब नेशनल बैंक (PNB) 444 दिनों की अवधि पर 7.10% तक का रिटर्न दे रहा है।
सुपर सीनियर सिटीजन्स को मिल रहा 0.75% तक का अतिरिक्त लाभ
60 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को सामान्य ग्राहकों की तुलना में 0.50% (50 बेसिस पॉइंट्स) का अतिरिक्त ब्याज मिलता है। वहीं 80 वर्ष से अधिक आयु वाले 'सुपर सीनियर सिटीजन्स' के लिए कई बैंकों (जैसे इंडियन बैंक, आरबीएल बैंक और डीसीबी बैंक) ने विशेष स्कीम्स चला रखी हैं। सुपर सीनियर नागरिकों को सामान्य दरों के मुकाबले 0.75% से लेकर 0.85% तक का अतिरिक्त ब्याज दिया जा रहा है, जिससे उनकी कुल कमाई 8% के पार चली जाती है।
क्या स्मॉल फाइनेंस बैंकों में जमा आपका पैसा सुरक्षित है?
कई निवेशकों के मन में यह सवाल उठता है कि क्या स्मॉल फाइनेंस बैंकों में ज्यादा ब्याज के चक्कर में पैसा लगाना सुरक्षित है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नियमों के अनुसार, सभी शेड्यूल्ड कमर्शियल बैंक और शेड्यूल्ड स्मॉल फाइनेंस बैंक डीआईसीजीसी (DICGC - Deposit Insurance and Credit Guarantee Corporation) के तहत कवर्ड होते हैं। इसके अंतर्गत प्रत्येक बैंक में प्रति जमाकर्ता 5 लाख रुपये तक की मूल राशि और ब्याज पूरी तरह से बीमाकृत व सुरक्षित होती है। यदि निवेशक अपने फंड को 5-5 लाख रुपये के टुकड़ों में अलग-अलग स्मॉल फाइनेंस बैंकों में बांटकर निवेश करें, तो उनकी पूरी पूंजी 100% सुरक्षित रहते हुए अधिकतम ब्याज अर्जित कर सकती है।
वरिष्ठ नागरिकों के लिए टैक्स नियम और फॉर्म 15H की भूमिका
आयकर अधिनियम की धारा 80TTB के तहत 60 वर्ष से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों को बैंक और पोस्ट ऑफिस एफडी से मिलने वाले 50,000 रुपये तक के ब्याज पर टैक्स छूट (Deduction) प्राप्त होती है। यदि वित्तीय वर्ष में कुल ब्याज आय 50,000 रुपये से अधिक होती है, तभी बैंक 10% टीडीएस (TDS) काटते हैं। जिन वरिष्ठ नागरिकों की कुल वार्षिक आय टैक्सेबल लिमिट से कम है, वे बैंक में फॉर्म 15H (Form 15H) जमा करके टीडीएस कटने से पूरी तरह बच सकते हैं।
एफडी चुनते समय इन बातों का रखें विशेष ध्यान
रिटायरमेंट फंड निवेश करते समय केवल उच्चतम ब्याज दर न देखें, बल्कि अपनी लिक्विडिटी जरूरतों का भी आकलन करें। यदि आपको मासिक या तिमाही पेंशन जैसी नियमित आय की आवश्यकता है, तो 'रेगुलर इंटरेस्ट पेआउट' विकल्प चुनें। यदि तुरंत पैसों की आवश्यकता नहीं है, तो 'क्यूमुलेटिव (कंपाउंडिंग)' विकल्प चुनें, जिससे मैच्योरिटी पर ब्याज पर ब्याज जुड़कर एक बड़ा फंड प्राप्त हो सके। साथ ही किसी भी इमरजेंसी से बचने के लिए पूरी रकम एक ही लंबी अवधि की एफडी में लगाने के बजाय 'एफडी लैडरिंग' तकनीक का उपयोग करें, जिसमें अलग-अलग समय पर मैच्योर होने वाली छोटी-छोटी कई एफडी बनाई जाती हैं।