4 सितंबर को SBI UPI बंद? पेमेंट अटकने से पहले जान लें बैंक का नया समय और वो 5 धांसू विकल्प जिनसे नहीं रुकेगा कोई काम

4 सितंबर को SBI UPI बंद? पेमेंट अटकने से पहले जान लें बैंक का नया समय और वो 5 धांसू विकल्प जिनसे नहीं रुकेगा कोई काम

देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के करोड़ों खाताधारकों के लिए बेहद जरूरी सूचना सामने आई है। अगर आप भी रोजमर्रा की चाय, ग्रॉसरी, ऑनलाइन शॉपिंग, कैब बुकिंग या मेडिकल स्टोर पर भुगतान के लिए पूरी तरह से Google Pay, PhonePe, Paytm या BHIM जैसे यूपीआई ऐप्स पर निर्भर हैं, तो 4 सितंबर को डिजिटल लेन-देन करते समय थोड़ी अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी। भारतीय स्टेट बैंक ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि सिस्टम अपग्रेड और आवश्यक मेंटेनेंस गतिविधि के चलते उसकी यूपीआई सेवाएं एक निश्चित समय के लिए उपलब्ध नहीं रहेंगी। कई बार आधी-अधूरी जानकारी की वजह से लोग मेंटेनेंस विंडो के दौरान बार-बार पैसे ट्रांसफर करने की कोशिश करते हैं, जिससे रकम बैंक खाते से कट जाती है और पेंडिंग स्टेटस में चली जाती है। ऐसे में यह जानना बेहद जरूरी है कि यह डाउनटाइम असल में कितने बजे से कितने बजे तक रहेगा और उस दौरान किन-किन तरीकों से आप बिना किसी झंझट के तुरंत लेन-देन पूरा कर सकते हैं।

क्या 4 सितंबर को दिनभर बंद रहेगा SBI UPI? जानिए असली टाइमिंग

सोशल मीडिया पर अक्सर ऐसे मैसेज वायरल होते हैं कि अमुक तारीख को बैंक का पूरा सर्वर 24 घंटे बंद रहेगा, जिससे आम उपभोक्ताओं में भ्रम और घबराहट फैल जाती है। हकीकत यह है कि एसबीआई ने इस मेंटेनेंस का समय देर रात को चुना है ताकि दिन के कारोबारी घंटों में आम जनता और व्यापारियों को परेशानी न उठानी पड़े। बैंक द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, 4 सितंबर की देर रात 12:15 AM से 1:00 AM (या 12:30 AM से 1:15 AM IST) के बीच महज 45 मिनट के लिए यूपीआई सर्वर अस्थायी रूप से बंद रहेगा। बैंक का कहना है कि यह एक शेड्यूल्ड टेक्निकल अपग्रेड है, जिसे निर्धारित समय से पहले भी पूरा किया जा सकता है। इसका मतलब यह है कि 4 सितंबर की सुबह जब आप सोकर उठेंगे, तब तक बैंक का सिस्टम पूरी तरह सामान्य हो चुका होगा और आप पहले की तरह आसानी से यूपीआई का इस्तेमाल कर सकेंगे।

मेंटेनेंस विंडो के दौरान पैसे ट्रांसफर करने पर क्यों फंस जाता है पैसा?

जब भी किसी बैंक का कोर बैंकिंग सिस्टम या यूपीआई स्विच मेंटेनेंस मोड में होता है, तो नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) और बैंक के इंटरनल डेटाबेस के बीच तालमेल कट जाता है। अगर कोई ग्राहक उस 45 मिनट के दौरान किसी दुकान पर क्यूआर कोड स्कैन करके या किसी के मोबाइल नंबर पर पैसे भेजने की कोशिश करता है, तो बैंक का सर्वर ट्रांजैक्शन को टाइमआउट कर देता है। कई मामलों में आपके खाते से पैसे कटने का एसएमएस आ जाता है, लेकिन सामने वाले व्यापारी या मित्र के खाते में क्रेडिट नहीं होता। हालांकि यह पैसा रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के नियमानुसार स्वतः 24 से 48 घंटे में रिफंड हो जाता है, लेकिन देर रात यात्रा करते समय, अस्पताल में दवाइयां लेते वक्त या किसी इमरजेंसी में पैसा अटकना भारी परेशानी का सबब बन जाता है। इसलिए समझदारी इसी में है कि इस विंडो के दौरान सामान्य यूपीआई ट्रांसफर से बचा जाए।

SBI UPI डाउन रहने पर तुरंत अपनाएं ये 5 सबसे सुरक्षित विकल्प

अगर आप देर रात कहीं सफर कर रहे हैं, पेट्रोल पंप पर हैं या किसी इमरजेंसी में भुगतान करना है, तो आपको परेशान होने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। बैंकिंग और डिजिटल पेमेंट जगत में कई ऐसे बैकअप मौजूद हैं जो बिना कोर यूपीआई सर्वर के भी काम करते हैं।

1. UPI Lite: बिना पिन और बिना सर्वर लोड के चुटकियों में पेमेंट

एसबीआई ने अपने ग्राहकों को सलाह दी है कि वे मेंटेनेंस के दौरान बिना रुकावट छोटे भुगतान के लिए UPI Lite का उपयोग करें। यूपीआई लाइट एक ऑन-डिवाइस वॉलेट की तरह काम करता है, जिसमें आपको हर बार बैंक के लाइव कोर सर्वर से कनेक्ट होने या यूपीआई पिन डालने की जरूरत नहीं पड़ती। इसमें आप पहले से अधिकतम 5,000 रुपये तक लोड करके रख सकते हैं और एक बार में 1,000 रुपये तक का पेमेंट सीधे कर सकते हैं। यदि आप 4 सितंबर की रात से पहले अपने Google Pay, PhonePe, Paytm या BHIM SBI Pay में यूपीआई लाइट एक्टिव करके उसमें कुछ बैलेंस रख लेते हैं, तो मेंटेनेंस विंडो के दौरान भी आपका छोटा-मोटा भुगतान कभी नहीं रुकेगा।

2. दूसरे बैंक का लिंक्ड अकाउंट चुनें

आजकल अधिकांश स्मार्टफोन यूजर्स के पास एक से अधिक बैंक खाते होते हैं। अगर आपने अपने यूपीआई ऐप में एसबीआई के अलावा पीएनबी, बैंक ऑफ बड़ौदा, एचडीएफसी, आईसीआईसीआई या एक्सिस बैंक का खाता जोड़ रखा है, तो पेमेंट करते समय बैंक अकाउंट बदलने का विकल्प चुनें। यह मेंटेनेंस केवल एसबीआई के यूपीआई सर्वर पर लागू है, इसलिए बाकी सभी बैंकों के यूपीआई ट्रांजैक्शन बिना किसी रुकावट के सामान्य रूप से चलते रहेंगे।

3. डेबिट और क्रेडिट कार्ड का करें इस्तेमाल

ऑनलाइन फूड ऑर्डर करना हो, कैब का बिल भरना हो या किसी सुपरमार्केट व पेट्रोल पंप की पीओएस (POS) मशीन पर स्वाइप करना हो, रूपे (RuPay), वीजा (Visa) और मास्टरकार्ड (Mastercard) के नेटवर्क पूरी तरह एक्टिव रहते हैं। कार्ड पेमेंट का सिस्टम यूपीआई से अलग पेमेंट गेटवे पर काम करता है, इसलिए कार्ड के जरिए ट्रांजैक्शन सेकंडों में सफल हो जाते हैं।

4. YONO ऐप और इंटरनेट बैंकिंग से IMPS ट्रांसफर

अगर आपको किसी व्यक्ति को बड़ी रकम तुरंत भेजनी है जो यूपीआई लाइट की लिमिट से बाहर है, तो एसबीआई की इंटरनेट बैंकिंग या YONO मोबाइल ऐप का इस्तेमाल करें। तत्काल भुगतान सेवा यानी IMPS चौबीसों घंटे सातों दिन (24×7) रियल टाइम में काम करती है और मेंटेनेंस विंडो के दौरान बड़े फंड ट्रांसफर के लिए यह एक सुरक्षित रास्ता साबित होती है।

5. मोबाइल वॉलेट और कैश रखें तैयार

Paytm वॉलेट, Amazon Pay बैलेंस या Mobikwik जैसे प्रीपेड वॉलेट में रखा पैसा भी बैंक सर्वर डाउन होने पर पूरी तरह सुरक्षित और चालू रहता है। इसके अलावा, भारत के किसी भी शहर, कस्बे या गांव में देर रात इमरजेंसी से निपटने के लिए जेब में थोड़ी नकदी (कैश) रखना हमेशा सबसे भरोसेमंद बैकअप माना जाता है।

दिल्ली, मुंबई से लेकर छोटे शहरों तक के व्यापारियों के लिए खास सलाह

लखनऊ, कानपुर, पटना, जयपुर, इंदौर, भोपाल, दिल्ली-एनसीआर और मुंबई जैसे बड़े शहरों में देर रात तक रेस्तरां, ढाबे, केमिस्ट शॉप्स और कैब सेवाएं सक्रिय रहती हैं। ऐसे सभी व्यापारियों और दुकानदारों को सलाह दी जाती है कि वे ग्राहकों से भुगतान लेते समय केवल एक बैंक के क्यूआर कोड पर निर्भर न रहें। अपनी दुकान के काउंटर पर ऑल-इन-वन क्यूआर कोड या साउंडबॉक्स लगाएं जिसमें वैकल्पिक बैंकों का खाता भी मैप हो, ताकि 45 मिनट के इस मेंटेनेंस के दौरान ग्राहकों को बैरंग न लौटना पड़े। उपभोक्ता भी इस बात का ध्यान रखें कि यदि किसी कारणवश ट्रांजैक्शन फेल हो जाता है, तो लगातार तीन-चार बार दोबारा पिन डालकर पैसे काटने की भूल न करें।