अमेरिकी मिसाइल हमले से दहला दक्षिण ईरान का कुशेतक, शादी की खुशियां मातम में बदलीं
अंतरराष्ट्रीय राजनीति और मध्य पूर्व के सुलगते घटनाक्रम के बीच वाशिंगटन और तेहरान से एक बेहद संवेदनशील और मानवता को झकझोर देने वाली खबर सामने आ रही है। दक्षिण ईरान के कुशेतक इलाके में एक हस्ते-खेलते शादी समारोह के दौरान हुए भयानक अमेरिकी मिसाइल हमले में तीन मासूम महिलाओं और दो छोटे बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई है। इस हृदयविदारक घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल गहरा गया है और मानवाधिकार संगठनों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय समुदाय में भी तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी रॉयटर्स और दुनिया भर के स्वतंत्र हथियार विशेषज्ञों द्वारा किए गए शुरुआती दावों और तकनीकी विश्लेषणों के मुताबिक, इस शादी समारोह को सीधे तौर पर अमेरिकी गोला-बारूद से निशाना बनाया गया था। खुशियों का माहौल अचानक चीख-पुकार और मातम में बदल गया, जब आसमान से आई तबाही ने चंद पलों में कई परिवारों को उजाड़ दिया। स्थानीय प्रशासन और ईरानी मीडिया के अनुसार, समारोह में शामिल होने आए मेहमान जश्न की तैयारियों में मशगूल थे कि तभी यह आकाशीय कहर बनकर टूटा, जिसने न सिर्फ विवाह स्थल को मलबे के ढेर में बदल दिया, बल्कि कई अन्य लोगों को गंभीर रूप से घायल भी कर दिया। इस घटना के बाद से क्षेत्रीय सुरक्षा समीकरणों पर एक बार फिर गंभीर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं और कूटनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
रॉयटर्स की रिपोर्ट और हथियार विशेषज्ञों के खुलासे, सीधे हमले के सबूतों ने बढ़ाई अमेरिका की मुश्किलें
इस पूरे सनसनीखेज मामले की तह तक जाने के लिए समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने मौके से मिले वीडियो फुटेज और विनाश के बाद की तस्वीरों का एक विस्तृत संकलन तैयार किया, जिसे दुनिया भर के चार प्रमुख सैन्य हथियार विशेषज्ञों को विश्लेषण के लिए सौंपा गया था। इन रक्षा और हथियार विशेषज्ञों ने तस्वीरों और वीडियो की बारीक जांच के बाद जो निष्कर्ष निकाला है, उसने अमेरिकी सैन्य दावों की पोल खोलकर रख दी है। विशेषज्ञों के विश्लेषण के स्पष्ट दावे के अनुसार, कुशेतक के इस शादी समारोह में हुआ नुकसान किसी भटके हुए मलबे, रीकोशेट यानी रिबाउंड होकर आए गोले या किसी अन्य लक्ष्य से टकराकर वापस लौटने वाले मलबे के कारण नहीं हुआ था, बल्कि यह एक सीधा और सुनियोजित मिसाइल हमला था। ईरानी मीडिया ने भी अपनी रिपोर्टों में लगातार यही दावा किया है कि इस घातक हमले के पीछे अमेरिकी सेना की प्रत्यक्ष कार्रवाई जिम्मेदार है। हालांकि, घटना के शुरुआती दौर में अमेरिकी सेना की तरफ से इन गंभीर आरोपों से साफ इंकार किया गया था और नागरिकों को जानबूझकर या अनजाने में निशाना बनाने की बात को खारिज किया गया था। लेकिन स्वतंत्र विशेषज्ञों की इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद पेंटागन और व्हाइट हाउस पर अंतरराष्ट्रीय दबाव काफी ज्यादा बढ़ गया है, क्योंकि जिस तरह से आम नागरिकों को युद्ध जैसी स्थिति से कोसों दूर एक निजी शादी समारोह में निशाना बनाया गया, उसने वैश्विक स्तर पर मानवाधिकारों के हनन और युद्ध के नियमों की अनदेखी पर एक नई बहस छेड़ दी है।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का बड़ा बयान, कहा- हम जांच कर रहे हैं और सेना अपनी गलतियों से सीखती है
बढ़ते अंतरराष्ट्रीय दबाव और मीडिया के तीखे सवालों के बीच अमेरिकी प्रशासन की तरफ से प्रतिक्रिया सामने आई है। अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने गुरुवार को इस बेहद संवेदनशील मामले पर मीडिया से मुखातिब होते हुए स्वीकार किया कि अमेरिका ईरान में एक शादी समारोह पर हुए उस घातक हमले की गंभीरता से उच्चस्तरीय जांच कर रहा है, जिसमें तीन महिलाओं और दो मासूम बच्चों की जान चली गई है। उपराष्ट्रपति वेंस ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि वे इस घटना की गहराई से पड़ताल कर रहे हैं क्योंकि अमेरिकी प्रशासन इसे लेकर बेहद चिंतित है और जनता के सामने पूरी सच्चाई सामने लाना चाहता है। हालांकि, अपने बचाव और सेना की कार्यप्रणाली का समर्थन करते हुए जेडी वेंस ने एक विवादित और चर्चित बयान भी दिया। उन्होंने कहा कि यदि अमेरिकी सेना से इस प्रकार की कोई भी सैन्य भूल या गलती हुई है, तो यही बात अमेरिका और ईरान जैसे देशों के बीच का सबसे बड़ा और बुनियादी अंतर साबित करती है। वेंस के अनुसार, अमेरिकी सेना जब कभी भी मैदान में कोई गलती करती है, तो वह अपनी उन गलतियों से सीखती है और भविष्य में खुद को सुधारने की पूरी कोशिश करती है। दूसरी ओर, रॉयटर्स के हवाले से एक अन्य अमेरिकी रक्षा अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर यह जानकारी दी है कि पेंटागन इस शादी में हुई मौतों के पीछे के कई संभावित कारणों की बहुआयामी जांच कर रहा है। जांचकर्ताओं की विशेष टीम इस बात की बारीकी से पड़ताल कर रही है कि क्या यह हादसा वाकई किसी अमेरिकी हमले का परिणाम था, या फिर इसके पीछे किसी ईरानी एयर डिफेंस मिसाइल का मलबा गिरने की दुर्घटना थी, अथवा कोई अमेरिकी मिसाइल अपने निर्धारित रास्ते से भटककर लक्ष्य से दूर चली गई थी। कुल मिलाकर, यह मामला अब कूटनीतिक और सैन्य मोर्चे पर एक गंभीर संकट का रूप लेता जा रहा है, जिस पर पूरी दुनिया की निगाहें टिकी हुई हैं।