देश के 100 करोड़ से अधिक मोबाइल यूजर्स को राहत: TRAI ने कड़े किए कॉलिंग के नियम

देश के 100 करोड़ से अधिक मोबाइल यूजर्स को राहत: TRAI ने कड़े किए कॉलिंग के नियम

भारत में हर दिन करोड़ों मोबाइल यूजर्स फर्जी लोन, इंश्योरेंस, क्रेडिट कार्ड और लॉटरी के नाम पर आने वाली अनचाही कॉल्स (Spam Calls) से परेशान रहते हैं। कई बार ये कॉल्स केवल झुंझलाहट का कारण नहीं बनतीं, बल्कि साइबर अपराधियों द्वारा भोले-भाले नागरिकों को डिजिटल अरेस्ट, यूपीआई फ्रॉड और फर्जी केवाईसी के जाल में फंसाने का जरिया भी बन जाती हैं। इस गंभीर खतरे को देखते हुए भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) ने टेलीकॉम कमर्शियल कम्युनिकेशंस कस्टमर प्रेफरेंस रेगुलेशंस (TCCCPR) के तहत सख्त नए दिशा-निर्देश लागू किए हैं।

ट्राई के इन नए नियमों का सीधा उद्देश्य टेलीमार्केटिंग के नाम पर चल रहे फर्जीवाड़े की कमर तोड़ना और सामान्य व्यक्तिगत नंबरों के व्यावसायिक दुरुपयोग को जड़ से समाप्त करना है। रिलायंस जियो (Jio), भारती एयरटेल (Airtel), वोडाफोन-आइडिया (Vi) और बीएसएनएल (BSNL) सहित सभी प्रमुख टेलीकॉम ऑपरेटरों को इन नियमों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं।

10 अंकों वाले सामान्य मोबाइल नंबरों से प्रमोशनल कॉल्स पर पूर्ण प्रतिबंध

नए नियमों के तहत सबसे क्रांतिकारी बदलाव यह किया गया है कि अब कोई भी टेलीमार्केटर, एजेंसी, बैंक या निजी कंपनी किसी भी प्रकार की प्रमोशनल या मार्केटिंग कॉल्स के लिए 10 अंकों वाले सामान्य मोबाइल सिम कार्ड का उपयोग नहीं कर सकेगी। अब तक फर्जी कॉलर्स आम लोगों की तरह दिखने वाले 10 डिजिट के नंबरों से कॉल करते थे, जिससे उपभोक्ता यह समझकर कॉल उठा लेते थे कि यह किसी परिचित या आवश्यक काम का फोन है।

ट्राई ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि कोई भी अनरजिस्टर्ड टेलीमार्केटर (UTM) सामान्य 10-अंकीय नंबर से कमर्शियल कॉल करते हुए पाया जाता है, तो उसके नाम पर जारी सभी टेलीकॉम रिसोर्सेज (अन्य सिम कार्ड और ब्रॉडबैंड कनेक्शन) तत्काल प्रभाव से काट दिए जाएंगे। इतना ही नहीं, ऐसे फ्रॉड कॉलर्स को सभी टेलीकॉम नेटवर्क्स पर कम से कम 2 वर्षों के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा, जिसके दौरान वे पूरे देश में किसी भी कंपनी से नया सिम कार्ड नहीं खरीद सकेंगे।

140 और 1600 सीरीज का नया फॉर्मूला: अब एक नजर में पहचान सकेंगे जरूरी और फर्जी कॉल्स

ट्राई ने उपभोक्ताओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए कॉलिंग सीरीज का स्पष्ट वर्गीकरण अनिवार्य कर दिया है:

  • 140 सीरीज (प्रमोशनल कॉल्स): यह सीरीज केवल और केवल प्रचार, विज्ञापन और मार्केटिंग कॉल्स के लिए आरक्षित रहेगी। यदि आपके फोन पर 140 से शुरू होने वाले नंबर से कॉल आती है, तो आप तुरंत समझ सकते हैं कि यह कोई विज्ञापन या सेल्स कॉल है और आप अपनी मर्जी से उसे काटने या उठाने का फैसला ले सकते हैं।

  • 160 / 1600 सीरीज (सर्विस और ट्रांजैक्शनल कॉल्स): बैंकों, बीमा कंपनियों, एयरलाइंस, सरकारी विभागों और आवश्यक सेवा प्रदाताओं को अब केवल 160 या 1600 सीरीज वाले नंबरों से ही ग्राहकों को कॉल करने की अनुमति होगी। इसका मतलब यह है कि अगर बैंक से कोई ऑथेंटिकेशन, पेमेंट कन्फर्मेशन या डिलीवरी अपडेट की कॉल आती है, तो वह इसी सीरीज से होगी। इससे नागरिक फर्जी कॉल्स और वास्तविक बैंक अलर्ट के बीच आसानी से फर्क कर सकेंगे।

इसके अलावा ऑटो-डायलर और रोबो-कॉल्स (कंप्यूटराइज्ड रिकॉर्डेड आवाज) का इस्तेमाल करने वाली कंपनियों को पहले से इसका उद्देश्य और विवरण टेलीकॉम कंपनियों के पास पंजीकृत कराना होगा।

AI और ब्लॉकचेन DLT प्लेटफॉर्म: 2 घंटे में पकड़ा जाएगा संदिग्ध नंबर

मैनुअल जांच में लगने वाले समय को समाप्त करने के लिए ट्राई ने टेलीकॉम कंपनियों को अपने नेटवर्क में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग (ML) आधारित उन्नत स्पैम फिल्टर लगाने का निर्देश दिया है। यह एआई सिस्टम कॉल लाइन आइडेंटिफिकेशन (CLI) स्तर पर ही असामान्य कॉलिंग पैटर्न की पहचान कर लेगा। उदाहरण के लिए, यदि किसी व्यक्तिगत सिम से कुछ ही घंटों में सैकड़ों अनजान नंबरों पर एकतरफा कॉल्स की जा रही हैं, तो एआई उसे तुरंत संदिग्ध मान लेगा।

नए नियम के अनुसार, यदि किसी टेलीकॉम ऑपरेटर का एआई सिस्टम किसी नंबर को संदिग्ध चिह्नित करता है, तो उस डेटा को अधिकतम 2 घंटे के भीतर ब्लॉकचेन आधारित डिस्ट्रीब्यूटेड लेजर टेक्नोलॉजी (DLT) प्लेटफॉर्म के जरिए अन्य सभी सेवा प्रदाताओं के साथ साझा करना अनिवार्य होगा। साथ ही, यदि किसी नंबर के खिलाफ 10 दिनों के भीतर 5 या उससे अधिक शिकायतें दर्ज होती हैं, तो ऑपरेटर को जांच पूरी होने तक उस नंबर की आउटगोइंग सेवाएं तुरंत बंद करनी होंगी।

आम उपभोक्ताओं के लिए शिकायत दर्ज करना हुआ बेहद आसान: 7 दिन की नई विंडो

पहले किसी स्पैम कॉल की शिकायत दर्ज कराने के लिए उपभोक्ता को 3 दिनों के भीतर विवरण देना होता था और इसके लिए पहले से 'डू नॉट डिस्टर्ब' (DND) सेवा में पूरी तरह पंजीकृत होना अनिवार्य माना जाता था। नए संशोधनों के बाद आम नागरिकों को कई बड़ी सहूलियतें दी गई हैं:

  • शिकायत की समयसीमा बढ़ी: अब यूजर्स स्पैम कॉल या संदेश प्राप्त होने के 7 दिनों के भीतर अपने नेटवर्क ऑपरेटर के पास शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

  • DND रजिस्ट्रेशन की अनिवार्यता खत्म: अब बिना किसी पूर्व वरीयता पंजीकरण (DND) के भी कोई भी ग्राहक सीधे स्पैम कॉल की शिकायत कर सकता है।

  • त्वरित कार्रवाई की समयसीमा: टेलीकॉम ऑपरेटरों को शिकायत के निपटारे और अनरजिस्टर्ड कॉलर के खिलाफ कार्रवाई करने की समयसीमा 30 दिनों से घटाकर मात्र 5 कार्यदिवस कर दी गई है।

  • सीमित सहमति नियम: किसी भी कमर्शियल ट्रांजैक्शन के लिए दी गई डिजिटल सहमति (Consent) की वैधता अधिकतम 7 दिनों की रहेगी, यानी कंपनियां एक बार सामान खरीदने के बाद जीवनभर आपको कॉल्स करके परेशान नहीं कर सकतीं।

टेलीकॉम कंपनियों पर 10 लाख रुपये तक का जुर्माना

ट्राई ने नियमों के उल्लंघन पर टेलीकॉम कंपनियों की जवाबदेही भी बेहद सख्त कर दी है। यदि कोई टेलीकॉम कंपनी अपने नेटवर्क पर अवैध टेलीमार्केटर्स के खिलाफ त्वरित एक्शन लेने में विफल रहती है या स्पैम कॉल्स की निगरानी में लापरवाही बरतती है, तो उस पर भारी वित्तीय जुर्माना लगाने का प्रावधान किया गया है। पहले उल्लंघन पर 2 लाख रुपये, दूसरे उल्लंघन पर 5 लाख रुपये और बार-बार नियमों की अनदेखी करने पर 10 लाख रुपये तक का जुर्माना ठोका जाएगा।

इसके साथ ही, एसएमएस के जरिए आने वाले फर्जी वेब लिंक्स को रोकने के लिए ट्राई ने सभी कंपनियों को यूआरएल (URLs), एपीके (APK फाइल्स) और ओटीटी लिंक्स की अनिवार्य व्हाइटलिस्टिंग लागू करने का निर्देश दिया है, जिससे फ्रॉड वेबसाइट्स के लिंक उपभोक्ताओं तक नहीं पहुंच सकेंगे।

स्पैम कॉल आने पर तुरंत क्या करें उपभोक्ता?

यदि आपको अभी भी किसी सामान्य 10-अंकीय नंबर से कोई प्रमोशनल, लोन या मार्केटिंग कॉल प्राप्त होती है, तो इन आसान तरीकों से शिकायत दर्ज करा सकते हैं:

  • अपने फोन के मैसेज बॉक्स में जाएं और लिखें: COMP <स्पेस> कॉल का विवरण/नंबर, तारीख (DD/MM/YY) और इसे 1909 पर भेज दें।

  • अपने संबंधित टेलीकॉम ऑपरेटर (Jio, Airtel, Vi) के आधिकारिक ऐप में जाकर 'DND / Report Spam' विकल्प का चयन करें।

  • ट्राई के आधिकारिक 'TRAI DND 3.0' मोबाइल ऐप के माध्यम से सीधे कॉल लॉग से नंबर का चयन करके एक क्लिक में रिपोर्ट दर्ज कराएं।