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Reliance Industries AGM 2026: रिलायंस की 49वीं एजीएम आज दोपहर 2 बजे; जियो लिस्टिंग, न्यू एनर्जी और मेटा डील के बाद AI रोडमैप पर टिकीं दलाल स्ट्रीट की नजरें

भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) और कॉरपोरेट जगत के लिए आज यानी शुक्रवार, 19 जून 2026 का दिन बेहद ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण होने जा रहा है। देश की सबसे मूल्यवान कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (Reliance Industries Limited - RIL) की 49वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) आज दोपहर 2:00 बजे आयोजित की जाएगी। मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) की अगुवाई में होने वाली इस महा-बैठक पर देश-विदेश के निवेशकों, मार्केट एनालिस्ट्स और ब्रोकरेज हाउसेस की पैनी नजरें टिकी हुई हैं।

इस साल की एजीएम में पारंपरिक ऑयल-टू-केमिकल (O2C) बिजनेस के मुकाबले रिलायंस की तीन सबसे बड़ी सब्सिडियरीज—जियो (Jio Platforms), रिलायंस रिटेल (Reliance Retail), और न्यू एनर्जी बिजनेस के भविष्य को लेकर होने वाली बड़ी घोषणाएं बाजार की दशा और दिशा तय करेंगी। इसके साथ ही, हाल ही में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा सेंटर के क्षेत्र में हुए बड़े वैश्विक करारों को लेकर कंपनी के विजनरी रोडमैप पर भी दलाल स्ट्रीट की मुख्य नजर रहेगी।

पिछले 3 वर्षों का वित्तीय रिपोर्ट कार्ड: लगातार बढ़ रही है रिलायंस की ताकत

49वीं एजीएम से पहले यदि रिलायंस इंडस्ट्रीज के पिछले तीन वित्तीय वर्षों (FY24 से FY26) के कंसोलिडेटेड वित्तीय प्रदर्शन पर नजर डालें, तो कंपनी की आय, परिचालन लाभ (EBITDA) और शुद्ध मुनाफे (Net Profit) में एक शानदार और निरंतर ग्रोथ देखने को मिली है, जो इसके मजबूत बिजनेस मॉडल को दर्शाती है:

1. कुल वार्षिक आय (Total Revenue)

  • वित्त वर्ष 2023-24: ₹10,00,122 करोड़

  • वित्त वर्ष 2024-25: ₹10,71,174 करोड़

  • वित्त वर्ष 2025-26: ₹11,75,919 करोड़

2. एबिटडा (EBITDA - परिचालन लाभ)

  • वित्त वर्ष 2023-24: ₹1,78,290 करोड़

  • वित्त वर्ष 2024-25: ₹1,83,422 करोड़

  • वित्त वर्ष 2025-26: ₹2,07,911 करोड़

3. शुद्ध मुनाफा (Net Profit)

  • वित्त वर्ष 2023-24: ₹79,020 करोड़

  • वित्त वर्ष 2024-25: ₹81,309 करोड़

  • वित्त वर्ष 2025-26: ₹95,754 करोड़ (₹95 हजार करोड़ के पार मुनाफा दर्ज कर कंपनी ने नया रिकॉर्ड बनाया है)

इस बार की RIL AGM 2026 में इन 5 बड़े ट्रिगर्स पर रहेगा बाजार का फोकस

इक्विटी मार्केट के दिग्गजों और शेयरधारकों के बीच आज रिलायंस की एजीएम के दौरान मुख्य रूप से निम्नलिखित पांच क्षेत्रों में होने वाले बड़े ऐलानों को लेकर सबसे ज्यादा उत्सुकता है:

1. जियो प्लेटफॉर्म्स (Jio) का मेगा आईपीओ और लिस्टिंग टाइमलाइन

दलाल स्ट्रीट के लिए इस बार की एजीएम का सबसे बड़ा एकल ट्रिगर (Primary Trigger) रिलायंस की टेलीकॉम और डिजिटल यूनिट 'जियो प्लेटफॉर्म्स' की स्टॉक मार्केट में लिस्टिंग है। इससे पहले कंपनी मैनेजमेंट ने साल 2026 की पहली छमाही (First Half of 2026) में इसके वैल्यू अनलॉकिंग और लिस्टिंग का मजबूत संकेत दिया था। आज बाजार को मुकेश अंबानी से जियो के मेगा आईपीओ (IPO) और शेयर बाजार में लिस्ट होने की एक पक्की और सटीक टाइमलाइन (Final Roadmap) की घोषणा का बेसब्री से इंतजार है।

2. न्यू एनर्जी बिजनेस: जामनगर गीगा कॉम्प्लेक्स की कमीशनिंग

रिलायंस ने पिछले कुछ सालों में ग्रीन और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में अरबों डॉलर का भारी-भरकम निवेश किया है। गुजरात के जामनगर में बन रहा अत्याधुनिक 'गीगा कॉम्प्लेक्स' (Giga Complex) अब अपनी स्थापना के अंतिम चरण में है और यहां बहुत जल्द कमर्शियल प्रोडक्शन (व्यावसायिक कामकाज) शुरू होने की उम्मीद है। निवेशक आज इस गीगा कॉम्प्लेक्स के पहले चरण के आधिकारिक कमीशनिंग शेड्यूल (चालू होने की तारीख) और सोलर पैनल व ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन के कमर्शियल आउटलुक पर स्पष्टता चाहते हैं।

3. रिलायंस रिटेल: भविष्य का आउटलुक और ग्रोथ स्ट्रेटेजी

पिछली वार्षिक आम बैठक में मैनेजमेंट ने अगले 5 वर्षों के भीतर रिलायंस रिटेल के साइज और टर्नओवर को दोगुना करने का एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य देश के सामने रखा था। हालांकि, पिछले 1 साल के दौरान वैश्विक अनिश्चितताओं, महंगाई और मैक्रो-इकोनॉमिक स्तर पर कई बड़ी चुनौतियां रही हैं। ऐसे में बाजार की नजर रिलायंस रिटेल के नए स्टोर एक्सपेंशन प्लान, ई-कॉमर्स (JioMart) की रणनीतियों और इसके वैल्यूएशन आउटलुक पर रहेगी।

4. एआई (AI) और डेटा सेंटर: मेटा डील के बाद बड़ी योजनाओं की उम्मीद

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्लाउड कंप्यूटिंग के युग में रिलायंस तेजी से अपने पैर पसार रही है। हाल ही में 10 जून 2026 को रिलायंस ने गुजरात के जामनगर में 168 मेगावाट (MW) की क्षमता वाले एक विशाल एआई डेटा सेंटर को स्थापित करने के लिए दुनिया की दिग्गज टेक कंपनी मेटा (Meta) के साथ एक ऐतिहासिक और बड़ा रणनीतिक करार किया है। आज निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि इस मेटा डील के बाद क्या रिलायंस एआई स्पेस में कुछ अन्य बड़े ग्लोबल प्लेयर्स (जैसे माइक्रोसॉफ्ट या एनवीडिया) के साथ नई साझेदारियों की घोषणा करती है और देश के आम नागरिकों के लिए किफायती एआई सर्विसेज का क्या खाका पेश करती है।

5. पारंपरिक O2C और पेट्रोकेमिकल बिजनेस

कच्चे तेल की कीमतों में आ रहे उतार-चढ़ाव (विशेषकर हालिया अमेरिका-ईरान शांति समझौते के बाद) के बीच कंपनी के मुख्य रिफाइनिंग, O2C (ऑयल-टू-केमिकल) और पेट्रोकेमिकल्स बिजनेस के मार्जिन और रिफाइनिंग आउटलुक पर भी विश्लेषक नजर रखेंगे। हालांकि, यह साफ है कि रिलायंस का प्राइमरी फोकस अब कंज्यूमर फेसिंग और टेक-ओरिएंटेड सेक्टर्स (जियो, रिटेल, न्यू एनर्जी) की तरफ पूरी तरह शिफ्ट हो चुका है।

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