पोस्ट ऑफिस की सुपरहिट स्कीम में ₹2 लाख जमा पर मिलेंगे ₹89,990 का गारंटीड मुनाफा
शेयर बाजार की अनिश्चितता और म्यूचुअल फंड्स के उतार-चढ़ाव के बीच आज भी देश का एक बड़ा वर्ग ऐसी निवेश योजनाओं की तलाश में रहता है जहां उसका मूलधन शत-प्रतिशत सुरक्षित रहे और एक तय व गारंटीड रिटर्न मिले। भारतीय डाक विभाग यानी इंडिया पोस्ट की 5-वर्षीय नेशनल सेविंग्स टाइम डिपॉजिट (POTD) ऐसी ही एक बेहद भरोसेमंद सरकारी बचत योजना है, जो निवेशकों को बैंक एफडी से बेहतर रिटर्न और भारत सरकार की सॉवरेन गारंटी उपलब्ध कराती है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के हजरतगंज जीपीओ से लेकर देश के ग्रामीण अंचलों तक के डाकघरों में यह योजना मध्यमवर्गीय परिवारों, सेवानिवृत्त कर्मचारियों और नौकरीपेशा लोगों के बीच खासी लोकप्रिय हो चुकी है। इस योजना की सबसे बड़ी ताकत यह है कि इसमें जमा की गई पाई-पाई पर केंद्र सरकार की पूरी सुरक्षा मिलती है, जिससे बाजार के जोखिम का कोई डर नहीं रहता। यदि कोई निवेशक आज इस स्कीम में एकमुश्त 2 लाख रुपये जमा करता है, तो 5 साल की अवधि पूरी होने पर उसे केवल ब्याज के रूप में लगभग 90 हजार रुपये का सीधा मुनाफा हासिल होता है।
जानिए 7.5 फीसदी ब्याज और त्रैमासिक चक्रवृद्धि (कंपाउंडिंग) का पूरा गणित
डाकघर की 5-वर्षीय टाइम डिपॉजिट योजना पर वर्तमान में 7.5 प्रतिशत की दर से वार्षिक ब्याज दिया जा रहा है। इस योजना का सबसे बड़ा फायदा इसकी चक्रवृद्धि गणना का तरीका है। भले ही ब्याज का भुगतान सालाना आधार पर होता है, लेकिन ब्याज की गणना हर तिमाही यानी क्वार्टरली कंपाउंडिंग (Quarterly Compounding) के आधार पर की जाती है। तिमाही आधार पर ब्याज मूलधन में जुड़ने के कारण निवेशक का वास्तविक रिटर्न साधारण ब्याज की तुलना में काफी बढ़ जाता है। गणितीय हिसाब को समझें तो 2,00,000 रुपये के मूलधन पर 7.5 प्रतिशत सालाना ब्याज दर के साथ 5 साल (कुल 20 तिमाहियों) के लिए कुल मैच्योरिटी राशि 2,89,990 रुपये बनती है। इसका सीधा मतलब यह है कि 5 साल के लॉक-इन पीरियड के दौरान निवेशक को बिना किसी अतिरिक्त प्रयास के केवल शुद्ध ब्याज के रूप में 89,990 रुपये का मुनाफा मिल जाता है। यह निश्चित रिटर्न उन लोगों के लिए बेहद मुफीद है जो अपनी पूंजी पर बिना जोखिम उठाए एक तय समय में मोटा फंड बनाना चाहते हैं।
आयकर की धारा 80C के तहत टैक्स छूट का दोहरा लाभ
पोस्ट ऑफिस की टाइम डिपॉजिट योजनाएं 1 वर्ष, 2 वर्ष, 3 वर्ष और 5 वर्ष की विभिन्न अवधियों के लिए उपलब्ध हैं, लेकिन 5 साल वाली टाइम डिपॉजिट का सबसे खास पहलू इसका टैक्स बेनेफिट है। आयकर अधिनियम 1961 की धारा 80सी (Section 80C) के तहत 5-वर्षीय टाइम डिपॉजिट में किए गए निवेश पर एक वित्तीय वर्ष में 1.50 लाख रुपये तक की कर कटौती (Tax Deduction) का लाभ मिलता है। इसका मतलब है कि पुरानी टैक्स रिजीम चुनने वाले करदाताओं को निवेश पर टैक्स की सीधी बचत होती है। हालांकि, निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि इस योजना से मिलने वाला ब्याज निवेशक की कुल वार्षिक आय में जुड़ता है और उसके संबंधित टैक्स स्लैब के अनुसार कर-योग्य होता है। यदि सालाना ब्याज सीमा से अधिक होता है, तो नियमानुसार टीडीएस (TDS) काटा जाता है, जिसे सीनियर सिटीजन फॉर्म 15H और सामान्य नागरिक फॉर्म 15G जमा करके टीडीएस कटौती से बच सकते हैं यदि उनकी कुल आय कर-योग्य सीमा से कम हो।
लचीले निवेश नियम और कोई अधिकतम सीमा का न होना
डाकघर की इस बचत योजना की एक और बड़ी खासियत यह है कि इसमें प्रवेश की शर्तें बहुत सरल और लचीली हैं। कोई भी भारतीय नागरिक मात्र 1,000 रुपये की न्यूनतम राशि से अपना टाइम डिपॉजिट खाता खोल सकता है, और इसके बाद 100 रुपये के गुणक में जितनी चाहे उतनी राशि जमा की जा सकती है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस योजना में निवेश की कोई अधिकतम सीमा तय नहीं की गई है। एक निवेशक अपनी क्षमता के अनुसार 2 लाख, 5 लाख, 10 लाख या इससे भी अधिक राशि एकमुश्त जमा कर सकता है और प्रति खाते पर निर्धारित 7.5% की दर से गारंटीड ब्याज का लाभ उठा सकता है। इसके अलावा, एक व्यक्ति कितने भी टाइम डिपॉजिट खाते अलग-अलग डाकघरों में खोल सकता है। यह खाता सिंगल (एकल), तीन वयस्कों के साथ मिलकर जॉइंट अकाउंट (संयुक्त खाता), या किसी नाबालिग बच्चे के नाम पर उसके माता-पिता या कानूनी अभिभावक द्वारा भी आसानी से संचालित किया जा सकता है।
खाता खुलवाने की सरल प्रक्रिया और जरूरी कागजी दस्तावेज
पोस्ट ऑफिस में 5-वर्षीय टाइम डिपॉजिट खाता खुलवाना बेहद आसान है। इसके लिए निवेशक को अपने नजदीकी डाकघर में जाकर नेशनल सेविंग्स टाइम डिपॉजिट का निर्धारित आवेदन पत्र भरना होता है। इसके साथ आवश्यक केवाईसी (KYC) दस्तावेज जैसे पहचान प्रमाण के लिए आधार कार्ड और पैन कार्ड की स्व-सत्यापित प्रति, वर्तमान पते का प्रमाण तथा दो पासपोर्ट आकार की रंगीन तस्वीरें जमा करनी होती हैं। यदि निवेशक का पहले से डाकघर में बचत खाता है, तो वह सालाना मिलने वाले ब्याज को सीधे अपने बचत खाते में ट्रांसफर कराने का स्थायी निर्देश (Standing Instruction) दे सकता है, जिससे हर साल मिलने वाले ब्याज का नियमित खर्चों में इस्तेमाल किया जा सके। 5 साल की अवधि पूरी होने के बाद निवेशक चाहे तो खाते को अगले 5 साल के ब्लॉक के लिए आगे बढ़ा (Extend) सकता है या पूरी रकम अपने खाते में ट्रांसफर करा सकता है।