National Pension System Update: NPS खाताधारकों की लगेगी लॉटरी! PFRDA ने विदेशी पैसा भारत लाने के लिए बनाई 'ASCEND' कमेटी, दिनेश खारा संभालेंगे कमान

National Pension System Update: NPS खाताधारकों की लगेगी लॉटरी! PFRDA ने विदेशी पैसा भारत लाने के लिए बनाई 'ASCEND' कमेटी, दिनेश खारा संभालेंगे कमान

भारत के पेंशन रेगुलेटर पीएफआरडीए (PFRDA) ने नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) को और अधिक मजबूत और मुनाफेदार बनाने के लिए एक ऐतिहासिक और बड़ा फैसला लिया है। पीएफआरडीए ने दुनियाभर के दिग्गज और लंबी अवधि वाले विदेशी पेंशन फंड्स की अरबों डॉलर की पूंजी को भारतीय बाजार में आकर्षित करने के लिए एक हाई-लेवल कमेटी का गठन किया है। इस बड़ी पहल का सीधा फायदा भारतीय अर्थव्यवस्था के साथ-साथ एनपीएस के मौजूदा खाताधारकों को बेहतर रिटर्न के रूप में मिलने की उम्मीद है।

क्या है पीएफआरडीए की नई 'ASCEND' समिति?

विदेशी पूंजी को भारत के पेंशन सेक्टर में खींचने के लिए बनाई गई इस स्पेशल कमेटी का नाम 'असेंड' (ASCEND - Accelerated Scaling of Global Capital Ecosystem and NPS Development) रखा गया है। इस कमेटी में फाइनेंशियल सेक्टर के दिग्गज दिग्गजों का एक मजबूत पैनल शामिल है। यह पैनल ऐसे रास्ते और नियम सुझाएगा जिससे भारतीय पेंशन फंड, दुनिया के बड़े को-इन्वेस्टमेंट प्लेटफॉर्म्स और रणनीतिक साझेदारी (Strategic Partnerships) के जरिए विदेशी फंडों के साथ हाथ मिला सकें।

दिनेश खारा के हाथों में होगी 'असेंड' कमेटी की कमान

इस बेहद महत्वपूर्ण 'ASCEND' कमेटी का चेयरमैन एनपीएस ट्रस्ट के मुखिया और एसबीआई के पूर्व चेयरमैन दिनेश खारा को बनाया गया है। दिनेश खारा के अलावा इस हाई-लेवल पैनल में देश की कई जानी-मानी हस्तियां शामिल हैं, जिनमें:

  • टीमलीज सर्विसेज के चेयरमैन नारायण रामचंद्रन

  • सेबी (SEBI) के पूर्व पूर्णकालिक सदस्य अनंत नारायण

  • अश्विन पारेख एडवाइजरी सर्विसेज के मैनेजिंग पार्टनर अश्विन पारेख

  • एनपीएस ट्रस्ट के ट्रस्टी डॉ. अरविंद गुप्ता

  • एनपीएस ट्रस्ट की सीईओ (CEO) सुपर्णा टंडन को सदस्य बनाया गया है।

एनपीएस खाताधारकों (NPS Customers) को कैसे होगा तगड़ा फायदा?

ग्लोबल पेंशन फंड्स और भारतीय एनपीएस फंड के बीच होने वाले इस तालमेल से देश के आम पेंशन खाताधारकों को बड़ा आर्थिक लाभ मिलेगा।

  • शानदार लॉन्ग-टर्म रिटर्न: विदेशी फंडों के आने से देश के पेंशन सिस्टम में लंबे समय तक टिकने वाला 'धैर्यवान पैसा' (Patient Money) आएगा।

  • निवेश में विविधता (Diversification): एनपीएस सब्सक्राइबर्स के निवेश पोर्टफोलियो में विविधता आएगी, जिससे जोखिम (Risk) काफी कम हो जाएगा।

  • बेहतर फंड मैनेजमेंट: ग्राहकों को भविष्य में अपने बुढ़ापे की पूंजी पर बेहतरीन रिस्क-समायोजित लंबी अवधि का रिटर्न (Risk-Adjusted Returns) मिल सकेगा।

क्या होते हैं ग्लोबल पेंशन फंड्स और कितनी मजबूत है NPS?

ग्लोबल पेंशन फंड्स दरअसल दुनिया भर के नौकरीपेशा लोगों के रिटायरमेंट की बचत को संभालते हैं। इनके पास दुनिया का सबसे बड़ा निवेश फंड होता है, जो भारत जैसे तेजी से बढ़ते देश के इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास परियोजनाओं के लिए सबसे सटीक माना जाता है। अगर नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) की बात करें, तो वर्तमान में पीएफआरडीए के तहत लगभग 185 बिलियन अमेरिकी डॉलर (करीब 17.50 लाख करोड़ रुपये) का फंड मैनेज किया जा रहा है, जो भारत की कुल जीडीपी (GDP) का लगभग 5 फीसदी हिस्सा है।

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