जियो प्लेटफॉर्म्स पर बाजार दिग्गज समीर अरोड़ा का बड़ा भरोसा, कहा- मजबूत ग्रोथ और शानदार रिटर्न की है पूरी संभावना

जियो प्लेटफॉर्म्स पर बाजार दिग्गज समीर अरोड़ा का बड़ा भरोसा, कहा- मजबूत ग्रोथ और शानदार रिटर्न की है पूरी संभावना

भारतीय शेयर बाजार और टेलीकॉम सेक्टर में इन दिनों सबसे बड़े महाकुंभ यानी जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड (Jio Platforms IPO) के आईपीओ की चर्चाएं जोरों पर हैं। जैसे-जैसे यह आईपीओ निवेशकों के सामने आ रहा है, देश और दुनिया के दिग्गज बाजार विशेषज्ञ इस पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए हैं। इसी कड़ी में प्रसिद्ध निवेशक और 'हेलिओस कैपिटल' (Helios Capital) के फाउंडर समीर अरोड़ा (Sameer Arora) ने जियो प्लेटफॉर्म्स की विकास यात्रा और इसके स्टॉक को लेकर अपना मजबूत भरोसा जताया है। अरोड़ा का मानना है कि जियो केवल एक टेलीकॉम कंपनी नहीं, बल्कि भारत की पूरी डिजिटल अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, जिसमें निवेशकों को बंपर रिटर्न देने की असीम क्षमता मौजूद है।

समीर अरोड़ा की नजर में क्यों खास है जियो प्लेटफॉर्म्स

बाजार विशेषज्ञ समीर अरोड़ा का कहना है कि भारत में भले ही कई नई डिजिटल और इंटरनेट कंपनियां कारोबार का नया चेहरा बनकर उभरी हों, लेकिन इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि उस डिजिटल क्रांति की नींव रखने और उसे हर घर तक पहुंचाने में जियो के मजबूत नेटवर्क और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की सबसे बड़ी भूमिका रही है।

अरोड़ा के मुताबिक, जियो की विशाल पहुंच, ग्राहकों का अटूट भरोसा और भविष्य की ग्रोथ को भुनाने की क्षमता इसे बाजार के सबसे बेहतरीन शेयरों में खड़ा करती है। जब कोई कंपनी अपने सेक्टर में लीडर हो और देश की अर्थव्यवस्था की डिजिटल ग्रोथ से सीधे जुड़ी हो, तो निवेशकों का उस पर भरोसा अपने आप मजबूत हो जाता है और लॉन्ग-वे में वहां से शानदार रिटर्न मिलने की पूरी संभावना बनी रहती है।

साल 2016 से शुरू हुआ टेलीकॉम क्रांति का सफर

याद कीजिए साल 2016 का वह दौर, जब रिलायंस जियो ने भारतीय टेलीकॉम बाजार में कदम रखा था। जियो की धमाकेदार एंट्री ने पूरे टेलीकॉम सेक्टर की तस्वीर ही बदलकर रख दी थी। बेहद किफायती दरों और शुरुआती मुफ्त वॉयस व डेटा सेवाओं ने भारत के आम आदमी के हाथ में इंटरनेट की ताकत थमा दी, जिससे देश में मोबाइल डेटा का उपभोग कई गुना बढ़ गया।

समय के साथ जियो ने केवल मोबाइल कॉलिंग और इंटरनेट तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि वह अपनी सीमाओं का विस्तार करते हुए होम ब्रॉडबैंड (Fiber), डिजिटल एंटरटेनमेंट, क्लाउड कंप्यूटिंग और एंटरप्राइज सॉल्यूशंस जैसे आधुनिक क्षेत्रों में भी एक बड़ा खिलाड़ी बन चुका है।

53 करोड़ से ज्यादा ग्राहकों का विशाल नेटवर्क और 5G का दबदबा

किसी भी कंपनी की ताकत उसके ग्राहक आधार से आंकी जाती है, और इस मामले में जियो का कोई मुकाबला नहीं है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 30 जून 2026 तक जियो के कुल ग्राहकों की संख्या 53.3 करोड़ को पार कर चुकी है, जिनमें से 28.49 करोड़ यूजर्स अकेले अत्याधुनिक 5G सेवाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं।

कंपनी के रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान भारत के कुल वायरलेस डेटा ट्रैफिक में अकेले जियो की हिस्सेदारी लगभग 60% रही है। इसके अलावा, कंपनी का वायरलेस ब्रॉडबैंड नेटवर्क देश की 99% से अधिक आबादी तक अपनी पहुंच बना चुका है, जो अपने आप में एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड है।

भविष्य की ग्रोथ के लिए अभी भी खुले हैं बड़े अवसर

जियो के लिए सबसे बड़ा प्लस पॉइंट यह है कि अभी भी भारतीय बाजार में उसके ग्रोथ के रास्ते पूरी तरह खुले हुए हैं। कंपनी के लिए सबसे बड़ा अवसर वे करोड़ों यूजर्स हैं जो अब भी 2G नेटवर्क का इस्तेमाल कर रहे हैं। आंकड़ों के अनुसार, जून 2026 तक भारत में करीब 26.1 करोड़ यूजर्स 2G नेटवर्क पर थे। जैसे-जैसे ये ग्राहक 4G और 5G नेटवर्क पर शिफ्ट होंगे, जियो के रेवेन्यू में जबरदस्त उछाल आना तय है। इसके अलावा, फिक्स्ड ब्रॉडबैंड का विस्तार और ग्राहकों को एक साथ कई डिजिटल सेवाएं (Bundled Services) देना कंपनी की कमाई को और मजबूत करेगा।

शानदार वित्तीय आंकड़े और मजबूत रेवेन्यू ग्रोथ

जियो प्लेटफॉर्म्स की वित्तीय स्थिति बेहद मजबूत है। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कंपनी का ऑपरेशन्स से होने वाला रेवेन्यू सालाना आधार पर 14.6% की शानदार बढ़त के साथ ₹1,46,885 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी का एबिटडा (EBITDA) 18.8% बढ़कर ₹76,255 करोड़ और शुद्ध मुनाफा (Net Profit) 15% की छलांग के साथ ₹30,049 करोड़ दर्ज किया गया। इस अवधि में कंपनी का एबिटडा मार्जिन 51.9% रहा, जो इसकी बेहतरीन ऑपरेशनल दक्षता को दर्शाता है।

कर्जमुक्त होने की ओर कदम और आईपीओ का वैल्यूएशन

जियो प्लेटफॉर्म्स के इस आईपीओ से मिलने वाली बड़ी रकम का मुख्य इस्तेमाल ₹27,500 करोड़ तक के कर्ज को चुकाने में किए जाने की उम्मीद है। इस कदम से कंपनी पूरी तरह से नेट-डेट-फ्री (Net-Debt-Free) स्थिति की ओर बढ़ जाएगी, जिससे भविष्य में निवेशकों को और अधिक लाभ मिलने की उम्मीद है।

आईपीओ के ₹1,119 के ऊपरी प्राइस बैंड (Upper Price Band) के हिसाब से जियो प्लेटफॉर्म्स का कुल मूल्यांकन (Valuation) लगभग ₹10.3 लाख करोड़ आंका गया है, जो वित्त वर्ष 2025-26 की कमाई का लगभग 34.3 गुना है। यह मूल्यांकन कंपनी के विशाल आकार और भविष्य की असीम संभावनाओं को पूरी तरह न्यायसंगत ठहराता है। समीर अरोड़ा जैसे दिग्गज निवेशकों का यह मानना इस बात की पुष्टि करता है कि लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए यह एक बेहतरीन अवसर साबित हो सकता है।