ट्रैफिक नियमों में बड़ा बदलाव: हाफ हेलमेट पहनने पर सख्त एक्शन, फुटपाथ पर गाड़ी दौड़ाई तो लगेगा ₹5,000 का भारी जुर्माना

ट्रैफिक नियमों में बड़ा बदलाव: हाफ हेलमेट पहनने पर सख्त एक्शन, फुटपाथ पर गाड़ी दौड़ाई तो लगेगा ₹5,000 का भारी जुर्माना

सड़कों पर बढ़ती दुर्घटनाओं और पैदल चलने वालों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग ने नियमों को लेकर बेहद सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। नए दिशा-निर्देशों के तहत अब दोपहिया वाहन चालकों द्वारा पहने जाने वाले हाफ हेलमेट या घटिया क्वालिटी के हेलमेट को मोटर वाहन अधिनियम के तहत अमान्य घोषित कर दिया गया है। ऐसे हेलमेट पहनकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ बिना हेलमेट वाली श्रेणी में ही सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही, शहरों में ट्रैफिक जाम से बचने के लिए फुटपाथ पर दोपहिया वाहन चढ़ाने वालों पर नकेल कसते हुए ₹5,000 तक के भारी जुर्माने का प्रावधान लागू किया गया है।

प्रशासन का कहना है कि यह कदम चालान काटने के मकसद से नहीं, बल्कि लगातार हो रही जानलेवा सड़क दुर्घटनाओं में मौतों का आंकड़ा घटाने के लिए उठाया गया है। राजधानी और प्रमुख शहरों की व्यस्त सड़कों पर अक्सर देखा जाता है कि लोग सिर्फ पुलिस की नजरों से बचने के लिए दिखावे के तौर पर सस्ते और पतले हाफ हेलमेट पहन लेते हैं, जो किसी भी दुर्घटना के समय सिर की सुरक्षा करने में पूरी तरह नाकाम साबित होते हैं।

हाफ हेलमेट पर पाबंदी: केवल ISI मार्क फुल-फेस हेलमेट ही होंगे मान्य

यातायात नियमों के अनुसार, अब दोपहिया वाहन चलाते समय केवल ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (BIS) यानी ISI मार्क प्रमाणित हेलमेट ही कानूनी रूप से मान्य होंगे। ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कई राइडर्स ऐसे कैप-स्टाइल या हाफ हेलमेट पहनते हैं जिनमें ठोड़ी (Chin Strap) का सही सपोर्ट नहीं होता और सिर का पिछला व साइड का हिस्सा पूरी तरह खुला रहता है। किसी टक्कर की स्थिति में ये हेलमेट सिर से तुरंत छिटक कर अलग हो जाते हैं, जिससे गंभीर हेड इंजरी का खतरा बढ़ जाता है।

नए निर्देशों के तहत यदि कोई चालक मानक विहीन, लोकल प्लास्टिक कैप या बिना आईएसआई मार्क वाला हाफ हेलमेट पहने पाया जाता है, तो उसे कानूनी रूप से "बिना हेलमेट" ही माना जाएगा। ऐसे मामलों में मोटर वाहन अधिनियम के तहत निर्धारित चालान काटा जाएगा और बार-बार नियम तोड़ने पर ड्राइविंग लाइसेंस को तीन महीने तक के लिए निलंबित भी किया जा सकता है। पुलिस ने शहर के मुख्य चौराहों और बाजारों में घटिया हेलमेट बेचने वाली दुकानों पर भी जांच अभियान शुरू करने की चेतावनी दी है।

फुटपाथ पर वाहन दौड़ाने वालों की खैर नहीं: ₹5,000 का सीधा चालान

शहरों में अक्सर ऑफिस जाने की जल्दबाजी या जाम से बचने के लिए दोपहिया चालक फुटपाथ (Pedestrian Walkway) पर गाड़ियां चढ़ा देते हैं। इससे पैदल चलने वाले बुजुर्गों, बच्चों और आम नागरिकों की जान हमेशा जोखिम में रहती है। इस गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार पर लगाम लगाने के लिए अब फुटपाथ पर ड्राइविंग को गंभीर और खतरनाक ड्राइविंग (Dangerous Driving) की श्रेणी में शामिल किया गया है।

यातायात विभाग के अनुसार, यदि कोई भी राइडर फुटपाथ पर बाइक या स्कूटर चलाता पकड़ा गया, तो उस पर सीधे ₹5,000 का भारी जुर्माना लगाया जाएगा। इसके अलावा, ट्रैफिक सर्विलांस कैमरों और चौराहों पर लगे हाई-डेफिनिशन एआई कैमरों की मदद से भी ऐसे वाहनों के स्वतः ई-चालान काटे जा रहे हैं। पैदल चलने वालों के बुनियादी अधिकार और सुरक्षा को बहाल करने के लिए स्थानीय ट्रैफिक पुलिस ने इसे विशेष अभियान के रूप में चलाने का फैसला किया है।

आधुनिक सर्विलांस और स्थानीय स्तर पर व्यापक चेकिंग अभियान

लोकल स्तर पर ट्रैफिक पुलिस अब चौराहों पर केवल लाठी लेकर खड़े रहने के बजाय आधुनिक तकनीक का व्यापक इस्तेमाल कर रही है। ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) और उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी कैमरों के जरिए ऐसे चालकों की पहचान की जा रही है जो नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। मेट्रो शहरों के प्रमुख कॉरिडोर, व्यस्त रिंग रोड और स्थानीय बाजारों से सटे मार्गों पर विशेष उड़नदस्ते तैनात किए गए हैं जो मौके पर ही वाहनों को रोककर हेलमेट के मानक की जांच कर रहे हैं।

स्थानीय निवासियों और पैदल यात्रियों ने प्रशासन के इस कड़े कदम का स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि फुटपाथ पैदल चलने वालों के लिए बनाए गए हैं, न कि दोपहिया वाहनों की शॉर्टकट लेन बनने के लिए। वहीं ट्रैफिक विशेषज्ञों का मानना है कि जुर्माने की राशि ज्यादा होने से चालकों में नियम तोड़ने को लेकर डर पैदा होगा, जिससे सड़कों पर अनुशासन और सुरक्षा दोनों सुनिश्चित हो सकेंगे। वाहन चालकों को सलाह दी गई है कि वे सफर शुरू करने से पहले अच्छी गुणवत्ता वाला प्रमाणित हेलमेट पहनें और सड़क पर अनुशासन बनाए रखें।