IRCTC 2.0 Beta Website: पुरानी बनाम नई वेबसाइट का फुल कंपैरिजन! जानिए तत्काल टिकट से लेकर पेमेंट तक, क्या बदले 5 बड़े फीचर्स और कैसे मिलेगा फायदा

IRCTC 2.0 Beta Website: पुरानी बनाम नई वेबसाइट का फुल कंपैरिजन! जानिए तत्काल टिकट से लेकर पेमेंट तक, क्या बदले 5 बड़े फीचर्स और कैसे मिलेगा फायदा

भारतीय रेलवे से रोज सफर करने वाले करोड़ों रेल यात्रियों के लिए एक राहत भरी बड़ी खबर सामने आई है। लगभग 24 साल बाद (2002 में लॉन्च के बाद) इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (IRCTC) ने अपने ई-टिकटिंग पोर्टल का नया वर्जन 'IRCTC 2.0 (Beta Version)' सार्वजनिक रूप से लॉन्च कर दिया है। अक्सर देखा जाता था कि पुरानी वेबसाइट पर तत्काल टिकट (Tatkal Ticket Booking) खोलते ही सर्वर डाउन होना, लगातार कैप्चा (Captcha) आना और पेमेंट फंस जाना आम बात थी। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो यह नया रीडिजाइन यूजर इंटरफेस न सिर्फ मॉडर्न और सिंपल है, बल्कि रेलवे के इस ओवरहॉल से टिकट बुकिंग का पूरा अनुभव ही बदलने वाला है। आइए जानते हैं पुरानी और नई IRCTC वेबसाइट में क्या-क्या मुख्य अंतर आए हैं।

Old vs New IRCTC Website: 5 सबसे बड़े तकनीकी बदलाव

फीचर्स / प्रोसेस पुरानी IRCTC वेबसाइट नई IRCTC 2.0 वेबसाइट
सीट उपलब्धता (Seat Availability) हर क्लास (Sleeper, 3A, 2A) को अलग-अलग क्लिक करके चेक करना पड़ता था। एकीकृत व्यू (Unified View): एक ही स्क्रीन पर सभी क्लास की सीटें एक साथ दिखाई देती हैं।
कैप्चा और पॉप-अप्स (Captchas/Ads) बुकिंग के हर स्टेप और तत्काल समय पर टेढ़े-मेढ़े कैप्चा व भ्रामक विज्ञापन। नो-डिस्ट्रैक्शन इंटरफेस: फालतू विज्ञापनों, पॉप-अप्स और अनावश्यक कैप्चा की भारी कटौती।
सर्वर क्षमता (Capacity) प्रति मिनट लगभग 32,000 टिकट बुकिंग क्षमता (तत्काल समय क्रैश होना)। 1.5 लाख+ टिकट प्रति मिनट प्रोसेस करने की नई शक्तिशाली सर्वर क्षमता।
टिकट बुकिंग स्टेप्स 6 से 7 अलग-अलग स्टेप्स और रिव्यू पेज से गुजरना पड़ता था। केवल 4 से 5 त्वरित स्टेप्स; पैसेंजर डिटेल्स पहले से सेव करने का फीचर।
विशेष सुविधाएं और भाषाएँ सीमित भाषाएँ और दिव्यांगजन/विद्यार्थियों के लिए अलग-अलग पोर्टल। 22 भारतीय भाषाओं का सपोर्ट और सभी रियायती (Concession) बुकिंग एक जगह।

1. यूनिफाइड सीट अवेलेबिलिटी (Unified Seat Availability)

पुरानी वेबसाइट पर सबसे बड़ा सिरदर्द यह था कि जब आप नई दिल्ली से मुंबई जैसी किसी ट्रेन को सर्च करते थे, तो आपको स्लीपर (SL), थर्ड एसी (3A) और सेकंड एसी (2A) की सीटें देखने के लिए अलग-अलग टैब पर बार-बार क्लिक करना पड़ता था। नई वेबसाइट में रेलवे ने 'Single Screen View' की व्यवस्था की है। अब जैसे ही आप ट्रेन सर्च करेंगे, आपको उस ट्रेन की सभी श्रेणियों में कितनी सीटें खाली हैं या कितना वेटिंग है, वह एक ही नजर में दिख जाएगा।

2. तत्काल बुकिंग (Tatkal Booking) में नहीं अटकेगी सांसें

तत्काल विंडो (सुबह 10 और 11 बजे) के दौरान पुरानी वेबसाइट का रिस्पॉन्स टाइम काफी धीमा हो जाता था और लाखों लोगों के एक साथ लॉगिन करने से पेज फ्रीज (Freeze) हो जाता था।

  • उच्चतर क्षमता: नया पोर्टल अब प्रति मिनट 32,000 के मुकाबले 1,500,000 (1.5 लाख) से अधिक टिकट बुकिंग और 40 लाख सर्च प्रश्नों (Enquiries) को संभालने में सक्षम है।

  • कम कैप्चा और फास्ट पेमेंट: तत्काल समय में अब बेवजह के कैप्चा और विज्ञापनों को हटा दिया गया है, जिससे बुकिंग में 30 से 45 सेकंड का बहुमूल्य समय बचेगा।

3. सेव्ड पैसेंजर डिटेल्स और आसान चेकआउट

बार-बार यात्रा करने वाले (Frequent Travelers) यात्रियों के लिए नई वेबसाइट पर मास्टर लिस्ट और सेव्ड पैसेंजर डिटेल्स का ऑप्शन काफी कारगर साबित हो रहा है। टिकट बुक करते समय आपको नाम, उम्र और जेंडर बार-बार टाइप करने की जरूरत नहीं होगी। सिर्फ ऑटो-फिल पर क्लिक करके सीधे पेमेंट गेटवे पर पहुंचा जा सकता है।

4. फेयर कैलेंडर और सीट प्रेफरेंस (Fare Calendar)

नई वेबसाइट में एक नया 'फेयर कैलेंडर' (Fare Calendar) जोड़ा जा रहा है, जिसकी मदद से वे यात्री जो फ्लैक्सिबल डेट्स पर सफर करना चाहते हैं, महीने भर का सबसे सस्ता और कन्फर्म टिकट वाला दिन आसानी से चुन सकेंगे। इसके अलावा टिकट बुक करते समय ही विंडो सीट या लोअर बर्थ का स्पष्ट प्रेफरेंस देने का विकल्प भी जोड़ा गया है।

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