10 बकरियों के पालन पर कितना मिलता है लोन? जानिए 90% तक की भारी-भरकम सब्सिडी

10 बकरियों के पालन पर कितना मिलता है लोन? जानिए 90% तक की भारी-भरकम सब्सिडी

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और किसानों तथा पशुपालकों की आय को दोगुना करने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें लगातार नई-नई योजनाएं चला रही हैं। यदि आप भी खेती-किसानी के साथ कोई ऐसा साइड बिजनेस शुरू करना चाहते हैं जिसमें कम लागत और मेहनत के साथ शानदार मुनाफा कमाया जा सके, तो बकरी पालन (Goat Farming) आपके लिए सबसे बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है। आज के समय में पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा आसान शर्तों पर बैंक लोन के साथ-साथ बंपर सब्सिडी भी दी जा रही है। अगर आपके मन में यह सवाल है कि 10 बकरियों का छोटा फार्म शुरू करने के लिए कितना लोन मिल सकता है और इसके लिए आवेदन करने की क्या प्रक्रिया है, तो आइए इस व्यवसाय से जुड़े हर एक महत्वपूर्ण पहलू और वित्तीय गणित को विस्तार से समझते हैं।

बकरी पालन व्यवसाय शुरू करने के लिए यदि आप नेशनल लाइवस्टॉक मिशन (National Livestock Mission) या नाबार्ड (NABARD) समर्थित योजनाओं के तहत आवेदन करते हैं, तो बैंकों द्वारा बहुत ही आसान किस्तों और किफायती ब्याज दरों पर ऋण उपलब्ध कराया जाता है। सामान्य तौर पर 10 बकरियों और 1 नर बकरी (यानी कुल 10+1 के यूनिट साइज) के छोटे फार्म के लिए कुल लागत लगभग 60,000 रुपये से लेकर 1 लाख रुपये तक आती है। इस पूरी अनुमानित लागत का बैंक लगभग 85 से 90 प्रतिशत तक लोन के रूप में भुगतान करते हैं, जबकि आवेदक को अपनी तरफ से केवल 10 प्रतिशत राशि ही मार्جिन मनी के रूप में लगानी पड़ती है। यानी आपको अपनी जेब से बहुत ज्यादा पूंजी लगाने की आवश्यकता नहीं होती है।

इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि सरकार पशुपालकों को प्रोत्साहित करने के लिए भारी-भरकम वित्तीय सहायता देती है। कई राज्यों में अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और महिलाओं के लिए बकरी पालन पर 90 प्रतिशत तक की सब्सिडी का प्रावधान है, जबकि सामान्य वर्ग के लाभार्थियों के लिए यह सब्सिडी 50 से 60 प्रतिशत तक हो सकती है। इसका सीधा मतलब यह है कि यदि आप नियमों के अनुसार सही चैनल के माध्यम से आवेदन करते हैं, तो सरकार द्वारा दी जाने वाली सब्सिडी की यह राशि आपके द्वारा लिए गए लोन के बड़े हिस्से को माफ कर देती है, जिससे आपका वित्तीय बोझ काफी हद तक कम हो जाता है।

कम पूंजी में शुरू होने वाले इस व्यवसाय से मुनाफा बहुत तेजी से मिलना शुरू हो जाता है। बकरियों की प्रजनन क्षमता (Reproduction Rate) बहुत अच्छी होती है और एक साल में ये अमूमन दो बार बच्चे देती हैं। यदि आप उन्नत नस्ल की बकरियां जैसे जमुनापारी, बरबरी या बीटल पालते हैं, तो उनकी बाजार में मांग बहुत अधिक होती है। मांस और दूध की मांग हमेशा बाजार में बनी रहती है, खासकर बकरी के दूध की औषधीय वैल्यू और बकरों की बकरा ईद जैसे त्योहारों पर मिलने वाली ऊंची कीमतों के कारण पशुपालक सालाना लाखों रुपये का शुद्ध मुनाफा आसानी से कमा लेते हैं। यह बिजनेस ग्रामीण युवाओं के लिए स्वरोजगार का एक बहुत बड़ा जरिया बन चुका है।

यदि आप भी 10 बकरियों का फार्म खोलने के लिए लोन और सब्सिडी का लाभ उठाना चाहते हैं, तो आपको अपने नजदीकी कमर्शियल बैंक, ग्रामीण बैंक या जिला पशुपालन विभाग से संपर्क करना होगा। आवेदन करने के लिए आपके पास आधार कार्ड, पैन कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, बैंक पासबुक, पासपोर्ट साइज फोटो और बकरी पालन प्रोजेक्ट रिपोर्ट (Project Report) होना अनिवार्य है। प्रोजेक्ट रिपोर्ट में आपको फार्म के निर्माण, चारे की व्यवस्था और बकरियों की देखरेख से जुड़े खर्चों का पूरा ब्योरा देना होता है। विभाग द्वारा आपके आवेदन और प्रोजेक्ट की जांच के बाद बैंक से लोन पास कर दिया जाता है और सब्सिडी सीधे आपके खाते में ट्रांसफर कर दी जाती है।