नवंबर में बैंकों की FD दरें: कहां मिल रहा है सबसे ज्यादा मुनाफा?

नवंबर में बैंकों की FD दरें: कहां मिल रहा है सबसे ज्यादा मुनाफा?

त्योहारी और वित्तीय वर्ष की दूसरी छमाही में सुरक्षित निवेश और बंधी-बंधाई कमाई की तलाश कर रहे निवेशकों के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) एक बार फिर आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। हालिया मौद्रिक नीति और लिक्विडिटी समीक्षा के बाद सरकारी, निजी और स्मॉल फाइनेंस बैंकों (SFBs) ने अपनी ब्याज दरों को नए सिरे से अपडेट किया है। जहां भारतीय स्टेट बैंक (SBI), एचडीएफसी (HDFC) और आईसीआईसीआई (ICICI) जैसे बड़े वाणिज्यिक बैंक 6.40% से 7.20% तक की सुरक्षित और स्थिर ब्याज दरें दे रहे हैं, वहीं स्मॉल फाइनेंस बैंक जमाकर्ताओं को आकर्षित करने के लिए 8.25% से लेकर 8.60% तक का रिकॉर्ड रिटर्न ऑफर कर रहे हैं। यदि आप नवंबर में नई एफडी कराने या अपनी पुरानी जमा पूंजी को रिन्यू करने की योजना बना रहे हैं, तो बड़े बैंकों और स्मॉल फाइनेंस बैंकों की तुलना करके सही अवधि चुनना सबसे जरूरी कदम है।

प्रमुख सरकारी और प्राइवेट बैंकों की ब्याज दरें: SBI, HDFC, ICICI और BOI

देश के दिग्गज लेंडर्स में लंबी और मध्यम अवधि के लिए अलग-अलग स्पेशल टेन्योर पर अतिरिक्त ब्याज का लाभ दिया जा रहा है।

बैंक का नाम (Bank Name) सामान्य नागरिकों के लिए उच्चतम दर वरिष्ठ नागरिकों (Senior Citizens) के लिए दर सबसे आकर्षक अवधि (Tenure)
भारतीय स्टेट बैंक (SBI) 6.45% 7.05% 444 दिन (अमृत वृष्टि) / 5 से 10 वर्ष
HDFC बैंक 6.60% 7.10% 2 वर्ष 11 महीने से 3 वर्ष
ICICI बैंक 6.60% 7.10% 2 वर्ष से अधिक की विशेष अवधि
बैंक ऑफ इंडिया (BOI) 6.70% 7.20% 3 वर्ष की मानक अवधि
कोटक महिंद्रा बैंक 6.80% 7.55% 2 वर्ष से कम 3 वर्ष तक
केनरा बैंक 6.75% 7.25% 555 दिन की स्पेशल स्कीम

बड़े कमर्शियल बैंकों में बैंक ऑफ इंडिया (BOI) और कोटक महिंद्रा बैंक क्रमशः 6.70% और 6.80% की आकर्षक दरें दे रहे हैं। वहीं स्टेट बैंक ऑफ इंडिया अपनी विशेष 'अमृत वृष्टि' (444 दिन) योजना पर सामान्य ग्राहकों को 6.45% और वरिष्ठ नागरिकों को 6.95% तक ब्याज उपलब्ध करा रहा है।

स्मॉल फाइनेंस बैंकों में तगड़ा रिटर्न: 8.60% तक की छप्परफाड़ कमाई

यदि आपका प्राथमिक लक्ष्य पूंजी पर अधिकतम ब्याज हासिल करना है, तो स्मॉल फाइनेंस बैंक पारंपरिक बैंकों से 1.5% से 2% तक अधिक ब्याज दे रहे हैं।

स्मॉल फाइनेंस बैंक (SFB) सामान्य नागरिकों को ब्याज दर वरिष्ठ नागरिकों को ब्याज दर मुख्य आकर्षक अवधि
सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक 8.25% 8.60% 5 वर्ष की अवधि
उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक 8.10% 8.50% 666 दिन की विशेष अवधि
शिवालिक स्मॉल फाइनेंस बैंक 7.75% 8.25% 24 से 36 महीने
स्लाइस स्मॉल फाइनेंस बैंक 7.25% 7.75% 12 से 24 महीने

सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक में 5 वर्ष की एफडी पर वरिष्ठ नागरिकों को 8.60% और सामान्य नागरिकों को 8.25% की सर्वाधिक दर मिल रही है। वहीं उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक 666 दिन की विशेष स्कीम पर वरिष्ठ नागरिकों को 8.50% का शानदार मुनाफा दे रहा है।

क्या स्मॉल फाइनेंस बैंकों में जमा पूंजी सुरक्षित है? DICGC नियम

कई जमाकर्ताओं के मन में यह आशंका रहती है कि क्या छोटे या स्मॉल फाइनेंस बैंकों में पैसा जमा करना सुरक्षित है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के नियमानुसार सभी स्मॉल फाइनेंस बैंक भारतीय बैंकिंग विनियमन कानून के तहत शेड्यूल्ड बैंकों की तरह ही संचालित होते हैं। इसके तहत प्रत्येक बैंक में जमाकर्ता की ₹5,00,000 (मूलधन + ब्याज) तक की राशि 'डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन' (DICGC) द्वारा 100% बीमित (Insured) होती है। इसका अर्थ यह है कि यदि किसी भी परिस्थिति में बैंक पर कोई वित्तीय संकट आता है, तो केंद्र सरकार और आरबीआई की गारंटी के तहत ₹5 लाख तक का भुगतान पूरी तरह सुरक्षित रहता है। समझदारी इसी में है कि स्मॉल फाइनेंस बैंकों में एक ही बैंक में बड़ी पूंजी लगाने के बजाय ₹4.5 लाख से ₹5 लाख तक के अलग-अलग बैंकों में खाते खोलकर जोखिम को शून्य करते हुए ऊंचे ब्याज का पूरा फायदा उठाया जाए।

टैक्स और मैच्योरिटी प्लानिंग: अपनी एफडी से कैसे निकालें अधिकतम लाभ?

फिक्स्ड डिपॉजिट चुनते समय केवल ब्याज दर ही नहीं, बल्कि उस पर लगने वाले टैक्स (TDS) और लिक्विडिटी का ध्यान रखना भी जरूरी है। एक वित्तीय वर्ष में सामान्य नागरिकों के लिए ₹40,000 से अधिक और वरिष्ठ नागरिकों के लिए ₹50,000 से अधिक के एफडी ब्याज पर बैंक 10% टीडीएस काटते हैं। यदि आपकी कुल वार्षिक आय टैक्स स्लैब में नहीं आती, तो समय रहते बैंक में फॉर्म 15G या 15H जमा कर टीडीएस कटौती रोकी जा सकती है। इसके अलावा पूरी राशि को एक ही लंबी अवधि की एफडी में ब्लॉक करने के बजाय 'एफडी लैडरिंग' (FD Laddering) तकनीक अपनाएं, यानी अपनी पूंजी को 1 वर्ष, 2 वर्ष और 3 वर्ष की अलग-अलग किस्तों में बांटकर जमा करें। इससे हर साल कुछ पैसा मैच्योर होकर आपके हाथ में आएगा, जिससे जरूरत पड़ने पर लिक्विडिटी भी बनी रहेगी और यदि ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो पैसे को फिर से ऊंचे रेट पर री-इन्वेस्ट करने का अवसर भी मिलेगा।