सरकारी कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले: त्योहारों से पहले 5% तक बढ़ा डीए, जानें अब खाते में कितनी बढ़कर आएगी सैलरी

सरकारी कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले: त्योहारों से पहले 5% तक बढ़ा डीए, जानें अब खाते में कितनी बढ़कर आएगी सैलरी

दशहरा, दिवाली और छठ जैसे प्रमुख त्योहारों की शुरुआत से ठीक पहले सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। बढ़ती महंगाई से राहत दिलाने और त्योहारों की खरीदारी को आसान बनाने के उद्देश्य से सरकार ने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (Dearness Allowance - DA) और पेंशनभोगियों की महंगाई राहत (Dearness Relief - DR) में 5 फीसदी तक की जोरदार बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है।

वित्त विभाग द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, इस फैसले से करीब 50 हजार से अधिक नियमित कर्मचारियों, पेंशनर्स, वर्क-चार्ज्ड स्टाफ और कॉन्ट्रैक्ट कर्मियों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा। बढ़ी हुई दरें पूर्व प्रभाव से लागू की गई हैं, जिसका मतलब है कि कर्मचारियों को वेतन के साथ पिछले महीनों का बकाया एरियर (Arrears) भी एकमुश्त खाते में ट्रांसफर किया जाएगा। त्योहारों के मुहाने पर आए इस फैसले से कर्मचारियों के घरों में दोहरी खुशी का माहौल है।

7वें और 6वें वेतन आयोग के तहत कितना बढ़ा डीए: देखें पूरा हिसाब

सरकार ने अलग-अलग वेतन संरचना के तहत काम कर रहे कर्मचारियों के लिए डीए और डीआर की दरों को स्पष्ट रूप से संशोधित किया है:

  • 7वें वेतन आयोग (रिवाइज्ड बेसिक पे) वाले कर्मचारी: 7th Pay Commission के तहत वेतन पाने वाले कर्मचारियों और पेंशनर्स के डीए/डीआर में 2 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है, जिससे यह दर 58% से बढ़कर सीधे 60% हो गई है।

  • 6वें वेतन आयोग (प्री-रिवाइज्ड बेसिक पे) वाले कर्मचारी: पुराने 6वें वेतन आयोग के तहत कार्यरत कर्मियों और पेंशनर्स के लिए डीए में पूरे 5 फीसदी का बंपर इजाफा किया गया है। इनका महंगाई भत्ता अब 257% से बढ़कर 262% के स्तर पर पहुंच गया है।

  • ऑल इंडिया सर्विस (AIS) अधिकारी: राज्य में कार्यरत अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों को भी इसी संशोधित दर (60% और 262%) का पूरा लाभ मिलेगा।

  • कॉन्ट्रैक्ट और वर्क-चार्ज्ड स्टाफ: नियमित पे-स्केल के समकक्ष काम करने वाले संविदा कर्मचारियों को भी नए डीए स्लैब के तहत भुगतान किया जाएगा।

सैलरी में कितना होगा इजाफा? समझें आसान कैलकुलेशन

डीए में बढ़ोतरी होने के बाद कर्मचारियों की मासिक इन-हैंड सैलरी में उल्लेखनीय इजाफा देखने को मिलेगा। डीए की गणना बेसिक पे (मूल वेतन) पर की जाती है।

उदाहरण के तौर पर:

  • न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹18,000 पर: 7वें वेतन आयोग के तहत अगर किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी ₹18,000 है, तो 60% डीए के हिसाब से उसे हर महीने ₹10,800 केवल महंगाई भत्ते के रूप में मिलेंगे।

  • बेसिक सैलरी ₹35,000 पर: मध्यम स्तर के कर्मचारियों को ₹35,000 की बेसिक सैलरी पर 60% के हिसाब से ₹21,000 का डीए भुगतान होगा।

  • सीनियर लेवल ₹50,000 बेसिक सैलरी पर: ₹50,000 बेसिक पे पाने वाले अधिकारियों को हर महीने ₹30,000 डीए मिलेगा, जो पहले ₹29,000 था। यानी सीधे ₹1,000 प्रति माह की स्थायी बढ़ोतरी।

इसके अलावा, सरकार ने राउंडिंग-ऑफ का नियम भी साफ किया है—गणना के बाद 50 पैसे या उससे अधिक की राशि को अगले पूरे रुपये में बदला जाएगा, जबकि 50 पैसे से कम की राशि को छोड़ दिया जाएगा।

1 जनवरी से लागू होंगी दरें, मिलेगा मोटा एरियर

इस घोषणा की सबसे खास बात यह है कि संशोधित डीए दरें 1 जनवरी से प्रभावी मानी जाएंगी। इसका सीधा लाभ यह होगा कि कर्मचारियों और पेंशनर्स को जनवरी से लेकर अब तक के महीनों का भारी एरियर एक साथ उनके बैंक खातों में क्रेडिट किया जाएगा। त्योहारी सीजन में मिलने वाला यह मोटा एरियर बोनस की तरह काम करेगा, जिससे कर्मचारियों की जेब में त्योहारी खर्चों के लिए पर्याप्त नकदी उपलब्ध रहेगी।

केंद्रीय और अन्य राज्यों के कर्मचारियों की नजरें भी टिकीं

एक तरफ जहां राज्य स्तर पर सिक्किम सरकार ने 50 हजार कर्मचारियों को यह सौगात देकर राहत दी है, वहीं दूसरी ओर केंद्र सरकार के 1 करोड़ से अधिक कर्मचारियों और पेंशनर्स की नजरें भी केंद्रीय कैबिनेट के आगामी फैसले पर टिकी हुई हैं। लेबर ब्यूरो के एआईसीपीआई (AICPI) इंडेक्स के आंकड़ों के आधार पर केंद्र सरकार भी दिवाली से पहले केंद्रीय कर्मचारियों के डीए में 3% से 4% तक की बढ़ोतरी का ऐलान कर सकती है, जिससे केंद्रीय डीए 60% से बढ़कर 63% या 64% तक पहुंच सकता है। उत्तर प्रदेश के लखनऊ, कानपुर से लेकर दिल्ली तक के कर्मचारी संगठन भी जल्द से जल्द बोनस और डीए भुगतान की मांग कर रहे हैं।