सोने में फिर लौटी चमक: मुंबई, कोलकाता और चेन्नई में 24 कैरेट का भाव ₹1,52,850 के पार; चांदी में गिरावट बरकरार
नई दिल्ली। त्योहारी और शादी-ब्याह के आगामी सीजन से पहले भारतीय सर्राफा बाजार में कीमती धातुओं की चाल में मिला-जुला रुख देखने को मिल रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिले मजबूत संकेतों और घरेलू स्तर पर ज्वैलर्स की ताजा लिवाली के चलते सोने के भाव में एक बार फिर तेजी दर्ज की गई है। देश के प्रमुख महानगरों—मुंबई, कोलकाता और चेन्नई—में 24 कैरेट शुद्ध सोने की दर उछलकर लगभग ₹1,52,850 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गई है। वहीं दूसरी ओर, औद्योगिक मांग सुस्त पड़ने और मुनाफावसूली के दबाव के कारण चांदी की कीमतों में गिरावट का सिलसिला बरकरार है।
वैश्विक स्तर पर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर आने वाले संकेतों, भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं और डॉलर इंडेक्स के उतार-चढ़ाव का सीधा असर बुलियन मार्केट पर देखने को मिल रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कॉमेक्स (COMEX) गोल्ड में आई मजबूती ने घरेलू स्तर पर भी सोने की चमक को बढ़ा दिया है। हालांकि, सफेद धातु यानी चांदी पर बिकवाली का दबाव बना हुआ है, जिससे खुदरा खरीदारों और निवेशकों की नजरें बाजार के अगले रुझान पर टिकी हैं।
देश के प्रमुख महानगरों में आज सोने का ताजा भाव
घरेलू सर्राफा बाजार में आज 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने के अनुमानित खुदरा भाव (प्रति 10 ग्राम) इस प्रकार दर्ज किए गए हैं:
-
मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में 24 कैरेट शुद्ध सोने की कीमत लगभग ₹1,52,850 प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है, जबकि आभूषण बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले 22 कैरेट सोने का भाव लगभग ₹1,40,110 प्रति 10 ग्राम के करीब बना हुआ है।
-
कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में भी 24 कैरेट गोल्ड का रेट ₹1,52,850 प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट गोल्ड लगभग ₹1,40,110 प्रति 10 ग्राम पर स्थिर देखा गया।
-
चेन्नई: दक्षिण भारत के सबसे बड़े स्वर्ण बाजार चेन्नई में स्थानीय मांग और चुंगी करों के कारण 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,52,850 से ₹1,52,980 प्रति 10 ग्राम के दायरे में कारोबार कर रहा है।
-
दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के सर्राफा बाजार में 24 कैरेट सोने की कीमत ₹1,52,950 प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट का भाव ₹1,40,250 प्रति 10 ग्राम के आसपास दर्ज किया गया।
(नोट: ऊपर दिए गए भाव सांकेतिक हैं और इनमें 3% जीएसटी, स्थानीय निकाय कर तथा ज्वैलर्स के मेकिंग चार्ज शामिल नहीं हैं। अंतिम खरीद पर इनपुट टैक्स के आधार पर कुल बिलिंग दर अलग हो सकती है।)
चांदी की कीमतों में गिरावट बरकरार: क्या है मुख्य वजह
एक तरफ जहां सोना निवेशकों के लिए सुरक्षित ठिकाना बना हुआ है, वहीं चांदी की चमक लगातार फीकी पड़ रही है। प्रमुख शहरों में चांदी का खुदरा भाव ₹2,32,000 से ₹2,33,000 प्रति किलोग्राम के दायरे में फिसल गया है।
कमोडिटी बाजार के विश्लेषकों का कहना है कि वैश्विक स्तर पर इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग, सौर ऊर्जा पैनल और ऑटोमोबाइल सेक्टर में औद्योगिक चांदी की खपत में आई तात्कालिक सुस्ती के कारण कीमतों में सुधार नहीं हो पा रहा है। इसके अलावा, ऊंचे भाव पर बड़े ट्रेडर्स की ओर से की जा रही तकनीकी मुनाफावसूली ने भी चांदी के ऊपर जाने के रास्ते पर ब्रेक लगा रखा है।
सोने में तेजी के पीछे कौन से वैश्विक और घरेलू कारक
भारतीय बाजार में सोने की कीमतों में आए इस ताजा उछाल के पीछे कई महत्वपूर्ण कारक काम कर रहे हैं:
-
शादियों और त्योहारों की अग्रिम खरीदारी: दिवाली, धनतेरस और शादी-ब्याह के सीजन को देखते हुए देश के बड़े ज्वैलर्स और होलसेल व्यापारियों ने अपनी इन्वेंट्री सुरक्षित करने के लिए थोक खरीदारी तेज कर दी है।
-
वैश्विक केंद्रीय बैंकों की खरीदारी: दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों द्वारा विदेशी मुद्रा भंडार में डॉलर के स्थान पर सोने की होल्डिंग लगातार बढ़ाई जा रही है, जिससे सोने को मजबूत सपोर्ट मिल रहा है।
-
भू-राजनीतिक तनाव: पश्चिम एशिया और पूर्वी यूरोप में चल रहे तनाव के बीच सुरक्षित निवेश (Safe Haven) के रूप में सोने की मांग संस्थागत निवेशकों के बीच लगातार ऊंची बनी हुई है।
सोना खरीदते समय इन जरूरी बातों का रखें ध्यान
यदि आप भी सर्राफा बाजार में नए आभूषण, सोने के सिक्के या बार खरीदने का मन बना रहे हैं, तो इन प्रमुख सावधानियों का पालन जरूर करें:
-
हॉलमार्किंग और HUID नंबर: हमेशा भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) द्वारा अनिवार्य किए गए 6 अंकों के अल्फ़ान्यूमेरिक HUID (Hallmark Unique Identification) कोड वाले गहने ही खरीदें।
-
बीआईएस केयर ऐप से जांच: खरीदारी से पहले अपने मोबाइल में 'BIS Care App' पर जाकर गहने पर अंकित 6 डिजिट के HUID नंबर को डालकर उसकी शुद्धता (24K, 22K या 18K) और ज्वैलर के रजिस्ट्रेशन की पुष्टि करें।
-
मेकिंग चार्ज और पक्का बिल: विभिन्न ज्वैलर्स के मेकिंग चार्ज में काफी अंतर होता है, इसलिए मोलभाव करें और हमेशा जीएसटी युक्त पक्का बिल लें जिसमें शुद्धता, वजन और उस दिन का लागू दर स्पष्ट दर्ज हो।