Gold Price Today: नरक चतुर्दशी पर सोना हुआ सस्ता, जानें दिल्ली से पटना के ताजा रेट्स

Gold Price Today: नरक चतुर्दशी पर सोना हुआ सस्ता, जानें दिल्ली से पटना के ताजा रेट्स

दिवाली के पांच दिवसीय दीपोत्सव के तहत नरक चतुर्दशी (छोटी दिवाली) के पावन पर्व पर भारतीय सर्राफा बाजार से आभूषण खरीदारों और निवेशकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। धनतेरस के दिन रिकॉर्ड तोड़ खरीदारी और ऐतिहासिक तेजी देखने के बाद आज घरेलू व अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में नरमी का रुख दर्ज किया गया है। वैश्विक स्तर पर डॉलर इंडेक्स में मजबूती और कॉमेक्स (COMEX) पर सटोरियों द्वारा की गई मुनाफावसूली के चलते भारतीय वायदा बाजार (MCX) और हाजिर सर्राफा बाजारों में पीली धातु की रफ्तार धीमी पड़ी है। देश की राजधानी दिल्ली समेत उत्तर भारत के प्रमुख आभूषण बाजारों में आज 22 कैरेट और 24 कैरेट सोने की कीमतों में गिरावट देखी जा रही है। त्योहारी सीजन के ऐन वक्त पर आई इस गिरावट से उन परिवारों के चेहरों पर चमक लौट आई है जो दिवाली पूजा, लक्ष्मी-गणेश पूजन के सिक्कों और आगामी सहालग यानी शादी-ब्याह के सीजन के लिए गहनों की खरीदारी की योजना बना रहे थे।

दिल्ली सर्राफा बाजार में 22 कैरेट और 24 कैरेट का ताजा भाव

देश के सबसे बड़े बुलियन मार्केट यानी दिल्ली सर्राफा बाजार में आज नरक चतुर्दशी के मौके पर सोने के दामों में उल्लेखनीय बदलाव दर्ज किया गया है। स्थानीय आभूषण विक्रेताओं और बुलियन एसोसिएशन के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में 22 कैरेट शुद्धता वाले जेवराती सोने का भाव नरम होकर लगभग ₹1,31,640 के दायरे में आ गया है। वहीं यदि 24 कैरेट शुद्ध सोने (99.9% प्योरिटी) की बात करें, तो इसके दाम भी उच्च स्तरों से फिसलकर स्थिर होते नजर आ रहे हैं। सर्राफा विशेषज्ञों का कहना है कि धनतेरस के दिन जो आक्रामक लिवाली देखने को मिली थी, उसके बाद खुदरा स्तर पर आज थोड़ी शांति है। बड़े खुदरा शोरूम्स और स्थानीय जौहरी ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए मेकिंग चार्ज पर विशेष त्योहारी छूट भी दे रहे हैं, जिससे सोने के बुनियादी भाव में आई कमी का दोहरा फायदा आम उपभोक्ताओं को मिल रहा है।

चांदी की चमक भी पड़ी फीकी: 1 किलो चांदी के दाम में सुस्ती

सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी नरक चतुर्दशी के दिन नरमी देखी जा रही है। औद्योगिक मांग और इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में चल रही भारी खपत के चलते हाल के दिनों में चांदी ₹2 लाख प्रति किलोग्राम के ऐतिहासिक आंकड़ों को छू रही थी, लेकिन आज इसमें प्रॉफिट बुकिंग का दबाव साफ दिखाई दे रहा है। दिल्ली, मुंबई और कोलकाता जैसे प्रमुख महानगरों में आज चांदी की कीमतों में हल्की सुस्ती है और यह अपने उच्चतम स्तरों से नीचे फिसलकर कारोबार कर रही है। दिवाली के दिन चांदी के लक्ष्मी-गणेश के सिक्के, चांदी के बर्तन और पूजा सामग्री खरीदने की पुरानी परंपरा है। कीमतों में आई इस स्थिरता और मामूली गिरावट के चलते दुकानों पर चांदी के सिक्कों की मांग में तेजी बनी हुई है, क्योंकि खरीदारों को अब डर नहीं है कि दाम अचानक आसमान छू लेंगे।

लखनऊ से पटना और मुंबई तक: देश के प्रमुख शहरों में क्या है हाल?

भारत के अलग-अलग राज्यों में स्थानीय मूल्य संवर्धित कर (वैट), परिवहन भाड़ा और ऑक्ट्रॉय के चलते सोने के खुदरा दामों में कुछ सौ रुपये का अंतर देखने को मिलता है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के चौक और अमीनाबाद सर्राफा बाजार में 22 कैरेट सोने की कीमतों में दिल्ली की तर्ज पर नरमी दर्ज की गई है और यहां शादी के आभूषणों के ऑर्डर में अच्छी बढ़त देखी जा रही है। वहीं बिहार की राजधानी पटना के बाकरगंज सर्राफा बाजार में भी 22 कैरेट और 24 कैरेट सोने के भाव में गिरावट के बाद खरीदारों की चहल-पहल बढ़ गई है। आर्थिक राजधानी मुंबई के झवेरी बाजार में भी अंतरराष्ट्रीय संकेतों के असर से सोने की चाल सुस्त रही। दक्षिण भारत के प्रमुख केंद्रों जैसे चेन्नई, बेंगलुरु और हैदराबाद में भी स्थानीय स्तर पर कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे दक्षिण भारतीय स्वर्ण आभूषण बाजार में भी रौनक लौट आई है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार और डॉलर इंडेक्स का असर: क्यों सस्ता हुआ सोना?

सर्राफा विश्लेषकों के अनुसार, सोने और चांदी की कीमतों में आई इस तात्कालिक गिरावट के पीछे वैश्विक आर्थिक कारक सबसे मुख्य वजह हैं। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा आगामी ब्याज दरों को लेकर दिए गए बयानों के बाद अमेरिकी डॉलर में मजबूती दर्ज की गई है। जब भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डॉलर मजबूत होता है, तो विदेशी निवेशकों के लिए डॉलर में मूल्यवर्गित सोना महंगा हो जाता है, जिसके कारण वे कमोडिटी मार्केट से पैसा निकालकर बॉन्ड यील्ड और सुरक्षित संपत्तियों में लगाने लगते हैं। इसके अलावा पिछले एक महीने में सोने ने घरेलू और वैश्विक स्तर पर अभूतपूर्व रिटर्न दिया है, जिसके चलते बड़े संस्थागत निवेशकों और हेज फंड्स ने दिवाली के ठीक पहले अपनी लंबी पोजीशनों पर मुनाफावसूली की है। कच्चे तेल के दामों में आई नरमी ने भी वैश्विक महंगाई के दबाव को थोड़ा हल्का किया है, जिसका सीधा असर बुलियन मार्केट के कूल-ऑफ के रूप में सामने आया है।

नरक चतुर्दशी पर खरीदारी करते समय इन बातों का रखें विशेष ध्यान

यदि आप आज के इस गिरे हुए भाव का लाभ उठाकर सोने के जेवर या सिक्के खरीदने बाजार जा रहे हैं, तो कुछ जरूरी सावधानियों को नजरअंदाज न करें। सबसे पहले यह सुनिश्चित करें कि आपके द्वारा खरीदे जा रहे आभूषण पर भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) का 6 अंकों वाला अल्फान्यूमेरिक HUID (Hallmark Unique Identification) कोड अनिवार्य रूप से छपा हो। बिना HUID कोड वाला सोना खरीदना कानूनी रूप से और शुद्धता के लिहाज से जोखिम भरा हो सकता है। दूसरा, ज्वैलर से हमेशा पक्का जीएसटी इनवॉइस लें जिसमें सोने का शुद्ध वजन (Net Weight), ग्रॉस वजन (Gross Weight), लागू मेकिंग चार्ज और उस दिन का आधार भाव अलग-अलग दर्ज हो। ज्वैलर द्वारा दिए जाने वाले कच्चे बिल पर 3% जीएसटी बचाने का लालच भविष्य में सोने की रिसेल वैल्यू पर भारी पड़ सकता है। नरक चतुर्दशी पर बाजार में आई यह नरमी उन सभी के लिए शुभ संकेत है जो दिवाली की रोशनी के साथ अपनी समृद्धि को सोने के रूप में सुरक्षित करना चाहते हैं।