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भ्रामक विज्ञापनों पर FSSAI का महा-क्रैकडाउन: इमामी, द हेल्थ फैक्ट्री और किन्हीं अन्य नामी ब्रांड्स के 'जीरो मैदा' और 'ऑर्गेनिक' दावों की खुली पोल, जारी हुआ नोटिस

बाजार में मिलने वाले पैकेट बंद सामानों पर 'हेल्दी', 'ऑर्गेनिक' और '100% प्योर' जैसे बड़े-बड़े दावे करके ग्राहकों को लुभाने वाली फूड कंपनियों पर सरकारी हंटर चल गया है। देश में खाद्य सुरक्षा की निगरानी करने वाली सर्वोच्च संस्था फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने भ्रामक विज्ञापनों, गलत ब्रांडिंग और नियमों को ताक पर रखने वाले फूड बिजनेस ऑपरेटरों (FBOs) के खिलाफ अपनी कार्रवाई को और तेज कर दिया है।

प्राधिकरण ने उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए कड़ा रुख अपनाते हुए कई नामी फूड ब्रांड्स को 'कारण बताओ नोटिस' (Show Cause Notice) जारी किया है। इसके साथ ही सभी कंपनियों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे पैकेजिंग और लेबलिंग के सरकारी मानकों का पूरी तरह पालन करें, अन्यथा उनके खिलाफ लाइसेंस रद्द करने जैसी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

1. 'हेल्दी' और 'टेस्टी' नाम रखकर ग्राहकों को भ्रम में डालने वाले ब्रांड्स

FSSAI के नियमों के मुताबिक, कोई भी कंपनी अपने ब्रांड या ट्रेड नेम में 'हेल्दी' या 'हेल्थ' शब्द का इस्तेमाल केवल मार्केटिंग के लिए नहीं कर सकती, जब तक कि वह प्रोडक्ट वैज्ञानिक तौर पर उन मानकों को पूरा न करता हो। इस नियम के उल्लंघन में निम्नलिखित कंपनियां जांच के घेरे में आई हैं:

  • Healthy Master और Vision to serve healthy: इन ब्रांड्स के नाम से ऐसा लगता है कि इनके उत्पाद पूरी तरह से स्वास्थ्यवर्धक हैं, जो कि एक भ्रामक धारणा पैदा करता है।

  • Troovy (वेजी, रागी और मूंग दाल चिप्स): इस कंपनी ने अपने ट्रेड नेम में 'हेल्दी' शब्द का इस्तेमाल किया है, जबकि असल में इनके चिप्स में अन्य सामान्य और प्रोसेस्ड सामग्रियां भी शामिल हैं।

  • Emami Healthy & Tasty और Health Aid: नियामक ने पाया कि इन स्थापित ब्रांड्स के नाम भी तय नियमों की अनदेखी करते हैं और ग्राहकों को गुमराह कर सकते हैं।

  • Healthy Choice (पोहा): इस उत्पाद का नाम भी सुरक्षा और पारदर्शिता के मानकों के अनुकूल नहीं पाया गया।

2. 'जीरो मैदा' का दावा करने वाली ब्रेड की खुली पोल

आजकल फिटनेस फ्रीक और वजन कम करने वाले लोगों के बीच 'जीरो मैदा' वाले प्रोडक्ट्स की मांग बहुत ज्यादा है। इसी का फायदा उठाते हुए The Health Factory ब्रांड अपनी होल व्हीट ब्रेड और पिज्जा बेस को "Zero Maida" (जीरो मैदा) का बड़ा दावा करके बेच रहा था।

FSSAI की जांच में सामने आया कि इनके प्रोडक्ट्स में चक्की फ्रेश आटा के साथ 'व्हीट ग्लूटेन' (गेहूं से निकाला गया प्रोटीन) अलग से मिलाया गया है। खाद्य मानकों के अनुसार, इस तरह की सामग्री का उपयोग करने के बाद 'जीरो मैदा' का दावा करना पूरी तरह भ्रामक और गैर-कानूनी है।

3. बिना सरकारी सर्टिफिकेट के खुद को 'ऑर्गेनिक' बताने वाले ब्रांड्स

भारत में जैविक यानी ऑर्गेनिक (Organic) उत्पादों को बेचने और विज्ञापित करने के बेहद कड़े और स्पष्ट नियम हैं। बिना वैध प्रमाण पत्र के कोई भी ब्रांड अपने नाम के आगे 'ऑर्गेनिक' नहीं लिख सकता। FSSAI ने बिना जरूरी सर्टिफिकेशन के जैविक होने का दिखावा करने वाले इन 4 बड़े ब्रांड्स को कड़ा नोटिस थमाया है:

  • Two Brothers Organic Farms

  • Organic Wisdom

  • Shine Organic

  • World of Organic

नियामक के अनुसार, इन सभी कंपनियों ने अपने ब्रांड नेम में 'ऑर्गेनिक' शब्द का धड़ल्ले से इस्तेमाल तो किया, लेकिन इनके पास सरकार द्वारा अनिवार्य NPOP/PGS सर्टिफिकेशन और FSSAI का आधिकारिक 'जैविक भारत' लोगो नहीं था, जो कि नियमों का सीधा उल्लंघन है।

4. '100% प्योर जूस' और पानी के दावों में बड़ा झोल

  • Storia Juice Pomegranate: इस प्रोडक्ट की पैकेजिंग और विज्ञापन देखकर ग्राहकों को लगता है कि वे 100% शुद्ध अनार का जूस पी रहे हैं। लेकिन जब इसके कंपोजिशन की जांच की गई, तो पता चला कि इसमें असली अनार के जूस का कंसंट्रेट (सांद्रता) महज 4 प्रतिशत ही है। बाकी हिस्सा अन्य लिक्विड और प्रिजर्वेटिव्स का है।

  • Iota Water: इस पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर ब्रांड द्वारा पानी में अलग से मिनरल्स बढ़ाकर उसे 'पोषक तत्वों से भरपूर' बताने का दावा पूरी तरह फेल हो गया। नियम कहते हैं कि यदि शुद्धिकरण (Processing) के दौरान नष्ट हुए मिनरल्स की भरपाई के लिए अलग से तत्व मिलाए जा रहे हैं, तो कंपनी उसे 'एडेड न्यूट्रिएंट्स' या अतिरिक्त फायदे के रूप में प्रचारित नहीं कर सकती।

  • Neuherbs True Vitamin और PLAN B Plant Based Vegan: 'न्यूहर्ब्स' अपने उत्पाद पर "True Vitamin" शब्द लिख रहा था, जिसे खाद्य नियमों में कोई परिभाषा ही नहीं दी गई है। वहीं 'प्लान बी' बिना FSSAI के आधिकारिक वीगन फूड लाइसेंस या एंडोर्समेंट के खुद को पूरी तरह वीगन (Vegan) ब्रांड बताकर ग्राहकों को गुमराह कर रहा था।

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