EPFO WhatsApp Helpline Number:अब व्हाट्सऐप पर मिलेंगी अहम सुविधाएं

EPFO WhatsApp Helpline Number:अब व्हाट्सऐप पर मिलेंगी अहम सुविधाएं

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अपने 6 करोड़ से अधिक अंशधारकों और पेंशनभोगियों के अनुभव को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए डिजिटल सेवाओं का लगातार विस्तार कर रहा है। यूएएन (UAN) पोर्टल, उमंग (UMANG) ऐप और एसएमएस सेवाओं के बाद अब ईपीएफओ ने अपने 138 से अधिक क्षेत्रीय कार्यालयों (Regional Offices) में समर्पित व्हाट्सऐप हेल्पलाइन सेवा (WhatsApp Grievance & Information Cell) को पूरी तरह सक्रिय कर दिया है।

अब नौकरीपेशा कर्मचारियों को पीएफ बैलेंस जानने, क्लेम स्टेटस ट्रैक करने या शिकायत दर्ज कराने के लिए ईपीएफओ कार्यालयों के चक्कर काटने या साइबर कैफे जाने की जरूरत नहीं है। यह तीनों काम आपके स्मार्टफोन पर व्हाट्सऐप के जरिए घर बैठे कुछ ही मिनटों में पूरे हो सकते हैं।

व्हाट्सऐप से चुटकी में निपटाएं ये 3 बड़े काम

काम / सुविधा व्हाट्सऐप के जरिए कैसे होगा फायदा
1. पीएफ बैलेंस व पासबुक की जानकारी हेल्पलाइन बॉट पर "HI" या "Balance" लिखकर भेजें बिना पोर्टल लॉगिन किए तुरंत खाते का शेष पता चलेगा
2. ऑनलाइन क्लेम का लाइव स्टेटस क्लेम आईडी / यूएएन नंबर साझा कर स्थिति पूछें फॉर्म 19, 10C, 31 के सेटलमेंट की रियल-टाइम ट्रैकिंग
3. शिकायत दर्ज कराना (Grievance Redressal) समस्या का विवरण और पीएफ नंबर चैट में लिखकर भेजें सीधे संबंधित क्षेत्रीय अधिकारी द्वारा त्वरित समाधान

 

1. पीएफ बैलेंस और अंशदान की जानकारी

व्हाट्सऐप हेल्पलाइन के जरिए आप अपने पीएफ खाते में जमा कुल राशि और नियोक्ता (कंपनी) द्वारा जमा किए गए मासिक अंशदान का ताजा विवरण जान सकते हैं। जैसे ही आप अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर से संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय के नंबर पर संदेश भेजते हैं, चैटबॉट आपके यूएएन से लिंक्ड खाते की जांच कर शेष राशि का विवरण स्क्रीन पर साझा कर देता है।

2. पीएफ निकासी क्लेम (Claim Status) की ट्रैकिंग

यदि आपने मेडिकल इमरजेंसी, घर निर्माण, विवाह या नौकरी छोड़ने के बाद पीएफ निकासी (Full & Final या Advance PF) के लिए आवेदन किया है, तो आपको बार-बार मेंबर पोर्टल चेक करने की जरूरत नहीं है। व्हाट्सऐप पर 'Claim Status' विकल्प चुनकर और अपनी क्लेम आईडी या यूएएन दर्ज कर आप जान सकते हैं कि आपकी फाइल फील्ड ऑफिसर, अकाउंट सेक्शन या डिस्बर्सल के किस स्तर पर लंबित है।

3. पीएफ ट्रांसफर और केवाईसी से जुड़ी शिकायतों का समाधान

अक्सर कर्मचारियों को कंपनी द्वारा केवाईसी (KYC) अप्रूव न करने, पुरानी कंपनी से नई कंपनी में पीएफ ट्रांसफर अटकने या नाम व जन्मतिथि की गलतियों को लेकर परेशानी होती है। ईपीएफओ के व्हाट्सऐप ग्रीवेंस सेल के माध्यम से आप अपनी समस्या का संक्षिप्त विवरण और दस्तावेज फोटो के रूप में भेज सकते हैं। यहां से आपको एक शिकायत संदर्भ संख्या (Token/Grievance ID) प्राप्त होती है और क्षेत्रीय हेल्पडेस्क की टीम सीधे आपसे संपर्क कर निवारण सुनिश्चित करती है।

कैसे करें शुरुआत? फॉलो करें यह आसान 4-स्टेप प्रोसेस

  1. अपने क्षेत्रीय कार्यालय का नंबर निकालें: ईपीएफओ की आधिकारिक वेबसाइट ([https://www.epfindia.gov.in/](https://www.epfindia.gov.in/)) पर जाएं और 'WhatsApp Helpline' सेक्शन में जाकर अपने पीएफ कार्यालय (जैसे दिल्ली, लखनऊ, मुंबई, बेंगलुरु आदि) का अधिकृत नंबर देखें।

  2. नंबर सेव करें: अपने फोन के कॉन्टैक्ट लिस्ट में उस नंबर को 'EPFO Helpdesk' के नाम से सुरक्षित (Save) करें।

  3. पंजीकृत नंबर से 'HI' भेजें: ध्यान रखें कि व्हाट्सऐप उसी मोबाइल नंबर से चलाएं जो आपके यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) और आधार से लिंक है। चैट विंडो में "HI" या "EPFO" लिखकर भेजें।

  4. मेनू से विकल्प चुनें: स्क्रीन पर आने वाले ऑटोमेटेड विकल्पों (बैलेंस, क्लेम स्टेटस, कंप्लेंट) में से अपनी जरूरत का विकल्प चुनें और बताए गए निर्देशों का पालन करें।

तुरंत नोट करें महत्वपूर्ण आधिकारिक नंबर

ईपीएफओ ने अलग-अलग क्षेत्रों के लिए स्थानीय स्तर पर नंबर जारी किए हैं, लेकिन देशव्यापी सामान्य सहायता और मिस्ड कॉल बैलेंस के लिए ये राष्ट्रीय नंबर हमेशा उपयोगी रहते हैं:

  • मिस्ड कॉल से बैलेंस (टोल-फ्री): 9966044425 (अपने रजिस्टर्ड मोबाइल से केवल एक मिस्ड कॉल दें, तुरंत एसएमएस से बैलेंस मिल जाएगा)।

  • एसएमएस सेवा: अपने फोन से EPFOHO UAN HIN लिखकर 7738299899 पर भेजें (हिंदी में विवरण के लिए)।

  • राष्ट्रीय टोल-फ्री हेल्पलाइन: 1800-118-005 (किसी भी प्रकार की तकनीकी सहायता के लिए)।

(नोट: अपने संबंधित शहर के क्षेत्रीय कार्यालय का आधिकारिक व्हाट्सऐप नंबर प्राप्त करने के लिए केवल ईपीएफओ की आधिकारिक वेबसाइट या EPFiGMS पोर्टल पर दी गई सूची पर ही भरोसा करें। किसी भी अज्ञात या अनधिकृत नंबर पर अपना आधार, बैंक खाता या ओटीपी कभी साझा न करें)।