ATM से नहीं निकले पैसे और खाते से कट गई रकम? घबराएं नहीं; जानें RBI का T+5 नियम, हर दिन मिलेगा ₹100 हर्जाना!

ATM से नहीं निकले पैसे और खाते से कट गई रकम? घबराएं नहीं; जानें RBI का T+5 नियम, हर दिन मिलेगा ₹100 हर्जाना!

एटीएम (ATM) से नकदी निकालते समय स्क्रीन पर 'ट्रांजैक्शन फेल्ड' (Transaction Failed) का मैसेज आना और उसी समय मोबाइल पर खाते से पैसे कटने का एसएमएस आ जाना एक बेहद आम समस्या है। तकनीकी खराबी, एटीएम मशीन में कैश जाम होना या सर्वर लिंक टूटने के चलते आए दिन लोगों को इस स्थिति का सामना करना पड़ता है।

अक्सर लोग घबराहट में लगातार कई बार ट्रांजैक्शन करने लगते हैं या किसी अनजान व्यक्ति से मदद मांगने की भूल कर बैठते हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने ग्राहकों के वित्तीय हितों की रक्षा के लिए इस संबंध में स्पष्ट, पारदर्शी और सख्त दिशा-निर्देश तय किए हुए हैं। यदि आपके साथ भी ऐसी घटना घटती है, तो नियमों की सही जानकारी से आपका एक भी रुपया नहीं डूबेगा।

तुरंत करें ये 4 जरूरी काम: सबूत जुटाना सबसे अहम

जैसे ही एटीएम से कैश न निकले और पैसा कटने का मैसेज आए, तुरंत इन प्राथमिक प्रक्रियाओं का पालन करें:

  • 1. एटीएम स्लिप संभाल कर रखें: यदि मशीन से ट्रांजैक्शन स्लिप बाहर आती है, तो उसे फेंकने के बजाय संभाल कर रख लें। इस पर ट्रांजैक्शन आईडी (Transaction ID), एटीएम आईडी, तारीख और समय दर्ज होता है।

  • 2. स्लिप न मिलने पर एटीएम की फोटो लें: यदि मशीन में पेपर रोल खत्म है और पर्ची नहीं निकली, तो एटीएम स्क्रीन पर दिख रहे 'फेल्ड' मैसेज और एटीएम मशीन पर लिखे ATM ID/Location Number की अपने फोन से फोटो खींच लें या उसे डायरी में नोट कर लें।

  • 3. 5 से 10 मिनट इंतजार करें: कई बार बैंक का इंटरनल स्विचिंग सिस्टम विफलता को तुरंत पहचान लेता है और 5 से 15 मिनट के भीतर पैसा स्वतः खाते में रिवर्स (Auto-Reversal) हो जाता है।

  • 4. अपने बैंक के हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज कराएं: यदि तुरंत पैसा वापस नहीं आता, तो अपने कार्ड जारीकर्ता बैंक (Card-Issuing Bank) के आधिकारिक टोल-फ्री कस्टमर केयर नंबर पर कॉल करके शिकायत दर्ज कराएं। बैंक एग्जीक्यूटिव से कंप्लेंट टिकट नंबर (Complaint Number) लेना कभी न भूलें। आप बैंक की मोबाइल ऐप या नेट बैंकिंग के जरिए भी 'Dispute Transaction' रेज कर सकते हैं।

क्या है RBI का T+5 नियम? समझिए अपनी भरपाई का अधिकार

भारतीय रिजर्व बैंक ने विफल लेनदेन के समाधान की समयसीमा तय करने के लिए 'हार्मोनाइजेशन ऑफ टर्न अराउंड टाइम' (TAT - Harmonisation Framework) लागू किया है:

  • T+5 दिनों में पैसा लौटाना अनिवार्य: आरबीआई के नियमों के अनुसार, ट्रांजैक्शन फेल होने के दिन (T) के बाद बैंक को अधिकतम 5 दिनों (T+5 Calendar Days) के भीतर कटी हुई रकम ग्राहक के खाते में वापस जमा (Credit) करनी होती है।

  • ₹100 प्रतिदिन का अनिवार्य जुर्माना (Compensation): यदि बैंक T+5 दिनों की तय समयसीमा के भीतर ग्राहक के पैसे वापस करने में विफल रहता है, तो बैंक को ग्राहक को ₹100 प्रति दिन के हिसाब से हर्जाना देना होगा।

  • ऑटो-क्रेडिट होता है मुआवजा: इस नियम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इस ₹100 प्रतिदिन के जुर्माने के लिए ग्राहक को अलग से कोई अर्जी या दावा नहीं करना पड़ता। बैंक को यह राशि सीधे ग्राहक के खाते में अपने आप क्रेडिट करनी होती है।

किसी दूसरे बैंक के एटीएम में फंसा पैसा, तो किससे करें शिकायत?

अक्सर ग्राहकों के मन में यह भ्रम होता है कि यदि उनका खाता स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) में है और उन्होंने पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के एटीएम से पैसे निकाले थे, तो उन्हें किस बैंक के पास जाना होगा:

  • आरबीआई के दिशानिर्देशों के अनुसार, आपको हमेशा उसी बैंक से संपर्क करना है जिसका आपके पास डेबिट कार्ड है (यानी आपका मूल बैंक)।

  • आपके बैंक का यह कानूनी दायित्व है कि वह दूसरे बैंक के एटीएम नेटवर्क के साथ समन्वय (Coordination) स्थापित कर इंटर-बैंक सेटलमेंट पूरा करे और आपके खाते में राशि वापस दिलाए।

बैंक न सुने तो कहां करें शिकायत? बैंकिंग लोकपाल (RBI Ombudsman)

यदि बैंक आपकी शिकायत पर सुनवाई नहीं करता या निर्धारित समयसीमा के बाद भी आपका पैसा वापस नहीं लौटता, तो आप केंद्रीय बैंक के स्तर पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं:

  • यदि 30 दिनों के भीतर बैंक की तरफ से संतोषजनक जवाब नहीं मिलता या शिकायत अनसुलझी रहती है, तो आप आरबीआई के कंप्लेंट मैनेजमेंट सिस्टम (CMS) पोर्टल (cms.rbi.org.in) पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

  • आप आरबीआई के टोल-फ्री नंबर 14448 पर कॉल करके या बैंकिंग लोकपाल (Banking Ombudsman) को लिखित शिकायत भेजकर अपने पैसे और विलंब शुल्क की वसूली सुनिश्चित करा सकते हैं।