सोने की कीमतों में फिर आया बड़ा उछाल: मुंबई और कोलकाता में ₹1,37,000 पार पहुंचा 22 कैरेट का भाव, जानिए 24 कैरेट और चांदी की नई दरें

सोने की कीमतों में फिर आया बड़ा उछाल: मुंबई और कोलकाता में ₹1,37,000 पार पहुंचा 22 कैरेट का भाव, जानिए 24 कैरेट और चांदी की नई दरें

भारतीय सराफा बाजार में सोने और चांदी की चमक लगातार तेज होती जा रही है। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं, विदेशी मुद्रा विनिमय दरों में उतार-चढ़ाव और घरेलू मांग में आई मजबूती के चलते सोने के भाव नए रिकॉर्ड स्तर की ओर बढ़ रहे हैं। आज कारोबार की शुरुआत के साथ ही देश के प्रमुख महानगरों में सोने की कीमतों में फिर से बड़ा उछाल दर्ज किया गया है। विशेष रूप से देश की आर्थिक राजधानी मुंबई और पूर्वी भारत के प्रमुख व्यापारिक केंद्र कोलकाता में 22 कैरेट सोने का भाव बढ़कर ₹1,36,000 से ₹1,37,260 प्रति 10 ग्राम के आसपास पहुंच गया है। वहीं 24 कैरेट शुद्ध सोने की दरें ₹1,48,000 प्रति 10 ग्राम के आंकड़े को पार कर गई हैं। सोने की कीमतों में आई इस नई तेजी से आभूषण खरीदारों और निवेशकों की हलचल काफी बढ़ गई है।

मुंबई, कोलकाता और अन्य प्रमुख शहरों में सोने का ताजा भाव

देश के अलग-अलग राज्यों और शहरों में स्थानीय करों (Local Taxes), ऑक्ट्रॉय और मालभाड़े के अंतर के कारण सोने-चांदी के दामों में आंशिक भिन्नता देखने को मिलती है। आज जारी हुई नई दरों के अनुसार मुंबई में 22 कैरेट सोना ₹1,36,428 से ₹1,37,260 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जबकि शुद्ध 24 कैरेट सोने की कीमत ₹1,48,830 प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है। इसी प्रकार कोलकाता में भी 22 कैरेट सोना ₹1,36,244 से ₹1,37,260 प्रति 10 ग्राम और 24 कैरेट सोना ₹1,48,630 प्रति 10 ग्राम के करीब बिक रहा है।

राजधानी दिल्ली की बात करें तो यहां 22 कैरेट सोने की कीमत ₹1,36,189 प्रति 10 ग्राम और 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,48,570 प्रति 10 ग्राम बना हुआ है। दक्षिण भारत के प्रमुख केंद्र चेन्नई में 22 कैरेट सोना ₹1,36,822 प्रति 10 ग्राम और 24 कैरेट सोना ₹1,49,260 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया है। इसके अतिरिक्त बेंगलुरु, हैदराबाद और अहमदाबाद में भी 22 कैरेट और 24 कैरेट सोने की दरों में ₹250 से ₹500 प्रति 10 ग्राम तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने के बीच क्या है मुख्य अंतर?

सोना खरीदते समय आम उपभोक्ताओं के मन में अक्सर कैरेट (Karat) और उसकी शुद्धता को लेकर उलझन रहती है। 24 कैरेट सोना सबसे शुद्ध माना जाता है, जिसमें 99.9 प्रतिशत शुद्ध सोना होता है। यह सोना अत्यधिक नरम होता है, इसलिए इसका उपयोग मुख्य रूप से सोने के सिक्के, बिस्कुट (Ingots), बार या डिजिटल गोल्ड के रूप में निवेश के लिए किया जाता है। 24 कैरेट सोने से पेचीदा आभूषण बनाना संभव नहीं होता क्योंकि वे आसानी से मुड़ सकते हैं।

इसके विपरीत, 22 कैरेट सोने में 91.67 प्रतिशत शुद्ध सोना होता है और बाकी 8.33 प्रतिशत हिस्सा तांबा, चांदी या जस्ता जैसी अन्य धातुओं का मिश्रण होता है। अन्य धातुओं के मिलाने से सोना कठोर और मजबूत बनता है, जिससे टिकाऊ आभूषण और जेवर तैयार किए जाते हैं। अधिकांश ज्वैलर्स आभूषणों के निर्माण के लिए 22 कैरेट सोने का ही प्रयोग करते हैं। इसके अलावा 18 कैरेट सोना 75 प्रतिशत शुद्ध होता है, जिसका उपयोग मुख्य रूप से हीरे जड़ित (Diamond Studded) आभूषणों और ट्रेंडी डिजाइनर ज्वैलरी में मजबूती प्रदान करने के लिए किया जाता है।

आखिर क्यों बढ़ रहे हैं सोने के दाम? समझिए अंतरराष्ट्रीय बाजार का गणित

सोने की कीमतों में हो रही इस लगातार बढ़ोतरी के पीछे कई वैश्विक और घरेलू आर्थिक कारण जिम्मेदार हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड (Spot Gold) और वायदा बाजार (Comex) में सोने की मांग मजबूत बनी हुई है। दुनिया भर के केंद्रीय बैंक (Central Banks) अपने विदेशी मुद्रा भंडार को सुरक्षित करने के लिए भारी मात्रा में सोने की खरीदारी कर रहे हैं। इसके साथ ही, अमेरिका में केंद्रीय बैंक द्वारा ब्याज दरों में कटौती की संभावनाओं और वैश्विक भू-राजनीतिक तनावों (Geopolitical Tensions) ने निवेशकों को सुरक्षित निवेश विकल्प (Safe-Haven Asset) के रूप में सोने की ओर आकर्षित किया है।

जब भी वैश्विक शेयर बाजारों में अस्थिरता आती है या मुद्रास्फीति (Inflation) का दबाव बढ़ता है, तब निवेशक इक्विटी और अन्य जोखिम भरे परिसंपत्तियों से अपना पैसा निकालकर सोने में लगाना सुरक्षित समझते हैं। भारतीय रुपये के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की विनिमय दर में होने वाला बदलाव भी भारत में सोने के आयात मूल्य को प्रभावित करता है। डॉलर के मजबूत होने या भारतीय रुपये में नरमी आने से सोने का आयात महंगा हो जाता है, जिसका सीधा असर घरेलू खुदरा कीमतों पर देखने को मिलता है।

चांदी की कीमतों में भी जोरदार तेजी: प्रति किलो का भाव ₹2.25 लाख पार

सोने के साथ-साथ चांदी (Silver) की कीमतों में भी आज बड़ी तेजी दर्ज की गई है। भारतीय सराफा बाजार में 999 फाइन शुद्धता वाली चांदी का भाव ₹2,25,000 से बढ़कर ₹2,26,630 प्रति किलोग्राम के स्तर को पार कर गया है। मुंबई में चांदी ₹2,26,230 प्रति किलो, दिल्ली में ₹2,25,830 प्रति किलो और चेन्नई में ₹2,26,880 प्रति किलो की दर से बिक रही है।

चांदी की कीमतों में तेजी की मुख्य वजह इसकी औद्योगिक मांग (Industrial Demand) में आई भारी बढ़ोतरी है। सोलर पैनल निर्माण, इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) बैटरियों, 5G इंफ्रास्ट्रक्चर और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योगों में चांदी का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जा रहा है। औद्योगिक मांग और सुरक्षित निवेश के दोहरे फायदों के कारण चांदी भी निवेशकों के लिए एक आकर्षक संपत्ति बनकर उभरी है।

त्यौहारों और लगन-शादी के सीजन से पहले मांग पर असर

भारत में सोना केवल एक धातु या निवेश का साधन नहीं है, बल्कि यह हमारी सामाजिक और सांस्कृतिक परंपराओं का अभिन्न हिस्सा है। आने वाले त्यौहारों जैसे धनतेरस, दिवाली और उसके बाद शुरू होने वाले शादी-विवाहों के सीजन से पहले सोने की कीमतों में आई इस तेजी से मध्यमवर्गीय खरीदारों के बजट पर दबाव बढ़ गया है। सराफा कारोबारियों का कहना है कि हालांकि कीमतों में वृद्धि के कारण शुरुआत में खरीदार थोड़े सतर्क नजर आ रहे हैं, लेकिन भारतीय परिवारों में शुभ अवसरों पर सोना खरीदने की परंपरा के कारण मांग में लंबी गिरावट की संभावना कम है।

कई लोग भारी-भरकम आभूषण खरीदने के बजाय हल्के वजन वाली 'लाइटवेट ज्वैलरी' या डिजिटल गोल्ड (Digital Gold) की ओर रुख कर रहे हैं। इसके साथ ही, गोल्ड ईटीएफ (Gold ETFs) और सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में भी निवेशकों की दिलचस्पी तेजी से बढ़ रही है।

सोना खरीदते समय ध्यान रखने योग्य महत्वपूर्ण नियम और सलाह

यदि आप इस समय सोना या सोने के आभूषण खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है ताकि आप किसी धोखाधड़ी का शिकार न हों:

  • हॉलमार्किंग की जांच (BIS Hallmark): हमेशा बीआईएस (BIS) हॉलमार्क वाले सोने के गहने ही खरीदें। एचयूआईडी (HUID) कोड से सोने की शुद्धता की प्रामाणिकता तय होती है।

  • मेकिंग चार्जेस (Making Charges): अलग-अलग ज्वैलर्स आभूषणों पर अलग-अलग मेकिंग चार्जेस (मजदूरी शुल्क) लेते हैं। गहने खरीदते समय ज्वैलर से मेकिंग चार्जेस और जीएसटी के बारे में स्पष्ट जानकारी लें।

  • पक्के बिल की मांग: सोना खरीदते समय हमेशा जीएसटी युक्त पक्का बिल लें। बिल में सोने का वजन, कैरेट शुद्धता, उस दिन का सोने का रेट और हॉलमार्क कोड स्पष्ट रूप से लिखा होना चाहिए।

  • रीसेल वैल्यू और बायबैक पॉलिसी: खरीदारी करने से पहले संबंधित ज्वैलर की बायबैक पॉलिसी (वापसी नीति) को समझ लें ताकि भविष्य में आभूषण बेचने या बदलने पर आपको उचित मूल्य मिल सके।

सराफा विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक आर्थिक संकेतकों और केंद्रीय बैंकों की मौद्रिक नीतियों के आधार पर सोने के भाव में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। हालांकि, दीर्घकालिक दृष्टिकोण से सोना निवेशकों को मुद्रास्फीति के खिलाफ मजबूत सुरक्षा कवच और स्थिर रिटर्न प्रदान करता रहेगा।

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