यूरोप के इस देश में रात में नहीं बिकेगी शराब: संसद के निचले सदन ने कानून को दी मंजूरी
यूरोपीय महाद्वीप के देश पोलैंड (Poland) से इस वक्त स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था को लेकर एक बेहद बड़ा और कड़ा फैसला सामने आ रहा है। पोलैंड की संसद के निचले सदन 'सेजम' (Sejm) ने देशव्यापी स्तर पर रात के समय शराब की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने वाले एक ऐतिहासिक विधेयक (Bill) को भारी बहुमत से मंजूरी दे दी है। सरकार और सांसदों का मानना है कि इस कड़े कानून के लागू होने से न केवल देश में रात के समय होने वाले अपराधों, हिंसा और सड़क हादसों में बड़ी कमी आएगी, बल्कि अत्यधिक शराब के सेवन से पैदा होने वाली गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं और सामाजिक दुष्प्रभावों से भी नागरिकों को बचाया जा सकेगा। इस ऐतिहासिक विधेयक के पारित होने के बाद से पूरे यूरोप के राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में हलचल मच गई है।
जानिए क्या हैं इस नए कानून के कड़े नियम और कब से लागू होगी रात में शराब बिक्री पर पाबंदी?
संसद के निचले सदन द्वारा पारित किए गए इस नए कानून के प्रावधानों के अनुसार, पोलैंड में रात 10 बजे से लेकर सुबह 6 बजे तक खुदरा दुकानों, स्टोरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर शराब की बिक्री पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगी। इसके अलावा, इस विधेयक में शराब के सभी प्रकार के विज्ञापनों और प्रचार-प्रसार पर भी पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। शराब बेचने के लाइसेंस और परमिट शुल्क को दोगुना करने के साथ-साथ नियमों का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों और व्यापारियों पर भारी-भरकम जुर्माना लगाने तथा उनके लाइसेंस रद्द करने जैसे सख्त प्रावधान शामिल किए गए हैं। यह नया कानून आगामी 1 जनवरी से पूरे देश में आधिकारिक रूप से लागू होने जा रहा है, जिसकी तैयारी प्रशासनिक स्तर पर शुरू कर दी गई है।
संसद में भारी बहुमत से पास हुआ विधेयक, जनता और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने फैसले का किया स्वागत
संसद के निचले सदन में हुए मतदान के दौरान इस विधेयक को अभूतपूर्व जनसमर्थन मिला, जहां 400 से अधिक सांसदों ने इस बिल के पक्ष में अपना वोट डाला। पोलैंड के स्वास्थ्य विशेषज्ञों, समाजशास्त्रियों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने सरकार के इस कदम की भूरी-भूरी प्रशंसा की है। विशेषज्ञों का कहना है कि यूरोप के कई देशों में देर रात शराब की आसान उपलब्धता के कारण न केवल युवा पीढ़ी में नशे की लत बढ़ रही थी, बल्कि देर रात होने वाले झगड़ों और हादसों से पुलिस-प्रशासन पर भी भारी दबाव रहता था। इस प्रतिबंध से आपातकालीन सेवाओं और अस्पतालों पर पड़ने वाला अतिरिक्त बोझ काफी हद तक कम होने की उम्मीद है।
शराब कारोबारियों में मचा हड़कंप, जानिए क्या बोले अन्य यूरोपीय देश?
एक तरफ जहां देश की आम जनता और सामाजिक संगठनों ने इस फैसले को स्वस्थ समाज की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया है, वहीं दूसरी तरफ शराब निर्माताओं, रिटेल स्टोर मालिकों और नाइटलाइफ़ से जुड़े कारोबारियों के बीच हड़कंप मच गया है। व्यापारिक संगठनों का तर्क है कि इस फैसले से उनके राजस्व को भारी नुकसान पहुंचेगा और पर्यटन व्यवसाय पर भी असर पड़ सकता है। हालांकि, पोलैंड सरकार ने साफ कर दिया है कि नागरिकों का स्वास्थ्य और सार्वजनिक सुरक्षा किसी भी व्यावसायिक लाभ से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है। पोलैंड के इस कड़े फैसले के बाद अब फ्रांस, जर्मनी और अन्य पड़ोसी यूरोपीय देशों में भी रात में शराब बिक्री को नियंत्रित करने की मांग जोर पकड़ने लगी है।