आधार कार्ड नाम व पता बदलने के नए नियम: UIDAI की नई SOP, शपथपत्र और ऑनलाइन प्रक्रिया

आधार कार्ड नाम व पता बदलने के नए नियम: UIDAI की नई SOP, शपथपत्र और ऑनलाइन प्रक्रिया

 भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने आधार कार्ड में नाम और पता अपडेट करने की व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए अपनी मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) में महत्वपूर्ण संशोधन लागू किए हैं। फर्जी पहचान पत्रों के दुरुपयोग और अनधिकृत बदलावों पर रोक लगाने के लिए यूआईडीएआई ने नाम सुधार की प्रक्रियाओं को स्पष्ट श्रेणियों में विभाजित किया है। अब केवल साधारण आईडी प्रूफ देकर पूरा नाम नहीं बदला जा सकता, बल्कि बदलाव की प्रकृति के अनुसार निर्धारित शपथपत्र (Affidavit) और गजट नोटिफिकेशन अनिवार्य किया गया है। वहीं, पते में बदलाव को आसान बनाने के लिए ऑनलाइन और हेड ऑफ फैमिली (HoF) आधारित प्रक्रियाओं को नए दिशा-निर्देशों के साथ सुदृढ़ किया गया है। यदि आप भी अपने आधार में नाम या पता संशोधित कराने की योजना बना रहे हैं, तो इन नए नियमों को समझना बेहद आवश्यक है।

1. नाम अपडेट के लिए UIDAI की नई SOP: बदलावों का वर्गीकरण

यूआईडीएआई की संशोधित एसओपी के तहत नाम सुधार को मामूली सुधार (Minor Changes), डेटा-एंट्री त्रुटि, वैवाहिक स्थिति और बड़े बदलाव (Major Changes) में वर्गीकृत किया गया है:

  • मामूली सुधार (Minor Name Corrections): नाम के संक्षिप्त अक्षरों (Initials) का विस्तार या संक्षिप्तीकरण (जैसे टी. आर. डी. प्रसाद से ताड़ी रामा दुर्गा प्रसाद), मिडल नेम जोड़ना या हटाना, नाम का क्रम बदलना (जैसे दिवाकर आनंद से आनंद दिवाकर) और वर्तनी (Spelling) की छोटी गलतियों को ठीक करना मामूली सुधार में आता है। इसके लिए आवेदक को केवल एक मान्य पहचान प्रमाण (Proof of Identity - PoI) प्रस्तुत करना होता है।

  • शादी या तलाक के बाद सरनेम बदलना: विवाह या तलाक के बाद उपनाम (Surname) में बदलाव के लिए निर्धारित शपथपत्र (Annexure D) के साथ पहचान प्रमाण (PoI) या विवाह पंजीकरण प्रमाण पत्र (Marriage Certificate) संलग्न करना अनिवार्य है।

  • डेटा-एंट्री में हुई त्रुटि का सुधार: यदि नामांकन के समय दस्तावेज सही था लेकिन ऑपरेटर की गलती से नाम गलत दर्ज हो गया, तो वयस्कों के लिए Annexure B शपथपत्र और अवयस्कों (Minors) के लिए अभिभावक द्वारा Annexure C शपथपत्र के साथ पूर्व में जमा दस्तावेज का मिलान कराया जाता है।

  • उपनाम या 'उर्फ' (Alias) हटाना: नाम से 'उर्फ' या 'Alias' हटाने के लिए वयस्कों को Annexure E और बच्चों के लिए Annexure F शपथपत्र के साथ वैध PoI देना होता है।

  • बड़ा बदलाव (Major/Full Name Change): यदि कोई व्यक्ति अपना पहला नाम पूरी तरह बदलता है या पहचान में व्यापक बदलाव करता है, तो साधारण पहचान पत्र मान्य नहीं होगा। इसके लिए केंद्र या राज्य सरकार का आधिकारिक गजट नोटिफिकेशन (Gazette Notification) और आधार में पहले से दर्ज नाम वाला पुराना पहचान पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य है।

  • बिना दस्तावेज वाले सुधार: नाम में गलत स्थानों पर बड़े अक्षर (Random Capitalization जैसे 'RaMesh' को 'Ramesh' करना) या गैर-जरूरी डॉट्स/फुल स्टॉप हटाने के लिए किसी दस्तावेज की आवश्यकता नहीं होती।

2. नाम बदलने की तय सीमा और अपवाद नियम

यूआईडीएआई के नियमों के तहत एक नागरिक अपने पूरे जीवनकाल में आधार कार्ड में अपना नाम अधिकतम दो (2) बार ही अपडेट करा सकता है।

  • यदि किसी नागरिक की यह निर्धारित सीमा समाप्त हो चुकी है और उसे अपरिहार्य कारणों से दोबारा नाम सुधारना है, तो सामान्य आधार केंद्र से यह आवेदन नहीं होगा।

  • इसके लिए यूआईडीएआई के 'एक्सेप्शन हैंडलिंग प्रोसेस' (Exception Handling Process) के तहत संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय (Regional Office) से विशेष अनुमति, गजट प्रति और उचित कारण दर्शाते हुए आवेदन करना होता है।

3. आधार में पता (Address) बदलने के नए नियम: ऑनलाइन और HoF व्यवस्था

पते में बदलाव के लिए नागरिकों को केंद्र जाने की आवश्यकता नहीं होती; इसे 'मेरा आधार' (myAadhaar) पोर्टल के जरिए पूरी तरह ऑनलाइन किया जा सकता है। पते के संशोधन के दो मुख्य रास्ते हैं:

  • दस्तावेज आधारित पता अपडेट (Document-based Update): आवेदक के पास अपने नाम का कोई वैध पता प्रमाण (Proof of Address - PoA) होना चाहिए—जैसे बिजली का बिल, पानी का बिल, बैंक पासबुक/स्टेटमेंट (नवीनतम 3 माह), राशन कार्ड, पासपोर्ट, वोटर आईडी, या पंजीकृत रेंट एग्रीमेंट।

  • परिवार के मुखिया (HoF) आधारित अपडेट: यदि किसी व्यक्ति (जैसे पत्नी, बच्चे या वृद्ध माता-पिता) के नाम पर कोई स्वतंत्र पता प्रमाण पत्र नहीं है, तो वे परिवार के मुखिया (Head of Family) के पते के आधार पर अपना पता अपडेट करा सकते हैं। इसके लिए दोनों के बीच संबंध दर्शाने वाला दस्तावेज (Proof of Relationship - PoR जैसे राशन कार्ड, मैरिज सर्टिफिकेट, या जन्म प्रमाण पत्र) आवश्यक होता है। परिवार के मुखिया द्वारा ओटीपी आधारित सहमति देने के बाद पता स्वतः अपडेट हो जाता है।

4. नाम और पता अपडेट करने की स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया

नाम सुधार के लिए (ऑफलाइन आधार सेवा केंद्र अनिवार्य):

  1. यूआईडीएआई की आधिकारिक वेबसाइट (uidai.gov.in) पर जाकर 'Book an Appointment' विकल्प से नजदीकी आधार सेवा केंद्र के लिए स्लॉट बुक करें (वॉक-इन भी मान्य है)।

  2. आधार सुधार फॉर्म भरें और नाम को स्पष्ट बड़े अक्षरों (Block Letters) में लिखें।

  3. श्रेणी के अनुसार आवश्यक मूल दस्तावेज (PoI, शपथपत्र या गजट प्रति) प्रस्तुत करें।

  4. बायोमेट्रिक सत्यापन पूरा कराएं और निर्धारित जनसांख्यिकी (Demographic) शुल्क (लगभग ₹50 से ₹75) का भुगतान करें।

  5. ऑपरेटर से पावती रसीद (Acknowledgement Slip) प्राप्त करें, जिस पर 14 अंकों का अपडेट रिक्वेस्ट नंबर (URN) दर्ज होता है। पता बदलने के लिए (ऑनलाइन myAadhaar पोर्टल):

  6. myaadhaar.uidai.gov.in पोर्टल पर जाएं और 'Login' विकल्प पर क्लिक करें।

  7. अपना विवरण और कैप्चा दर्ज कर पंजीकृत मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी के जरिए लॉग इन करें।

  8. डैशबोर्ड पर 'Address Update' विकल्प का चयन करें।

  9. यदि स्वयं का दस्तावेज है तो 'Update Address Online' चुनें; यदि परिवार के मुखिया के आधार पर बदलना है तो 'Head of Family (HoF) based' विकल्प चुनें।

  10. नया पता सावधानीपूर्वक दर्ज करें और संबंधित PoA दस्तावेज की स्पष्ट स्कैन कॉपी (पीडीएफ या जेपीईजी प्रारूप में) अपलोड करें।

  11. ऑनलाइन ₹50 के पोर्टल शुल्क का भुगतान करें और यूआरएन (URN) रसीद डाउनलोड करें।

5. यूआरएन (URN) से स्टेटस कैसे ट्रैक करें और नया आधार कैसे पाएं?

अपडेट रिक्वेस्ट सबमिट करने के बाद यूआईडीएआई की बैकएंड टीम दस्तावेजों की सत्यता की जांच करती है। आमतौर पर नाम और पते का संशोधन 3 से 7 कार्यदिवसों के भीतर पूरा हो जाता है। नागरिक myAadhaar पोर्टल पर 'Check Enrolment & Update Status' में जाकर अपने URN नंबर के जरिए आवेदन की स्थिति देख सकते हैं। अनुरोध स्वीकृत होते ही ई-आधार (e-Aadhaar) को तुरंत डिजिटल रूप से डाउनलोड किया जा सकता है अथवा ₹50 का शुल्क देकर नया पीवीसी कार्ड (PVC Card) सीधे अपने पते पर डाक द्वारा मंगाया जा सकता है।