BSNL लाया 'देसी' Truecaller! अब बिना ऐप दिखेगा अनजान कॉलर का असली नाम, जानें कब से शुरू होगी यह सर्विस
नई दिल्ली: सरकारी टेलीकॉम कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) ने अपने करोड़ों यूजर्स को साइबर ठगों और अनजान कॉलर्स से बचाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। BSNL ने अब CNAP (कॉलर नेम प्रेजेंटेशन) सर्विस की टेस्टिंग शुरू कर दी है। इस तकनीक के आने के बाद अब BSNL यूजर्स को अपने फोन पर किसी भी अनजान नंबर से कॉल आने पर उस व्यक्ति का असली नाम दिखाई देगा, जो उसने सिम खरीदते समय सरकारी दस्तावेजों में दर्ज कराया था। सबसे खास बात यह है कि इसके लिए आपको फोन में 'ट्रूकॉलर' जैसे किसी बाहरी ऐप को रखने की जरूरत नहीं होगी।
TRAI का आदेश और BSNL की तैयारी
दूरसंचार नियामक ट्राई (TRAI) ने सभी टेलीकॉम कंपनियों को निर्देश दिया था कि वे फर्जी कॉल्स और स्पैम से निपटने के लिए CNAP सेवा लागू करें। जहाँ निजी कंपनियां जैसे Jio, Airtel और Vi ने इसे कुछ सर्किलों में रोल आउट करना शुरू कर दिया है, वहीं BSNL अब प्राइवेट ऑपरेटर्स के साथ मिलकर इसकी जोन-वाइज टेस्टिंग कर रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, C-DoT ने BSNL के लिए यह खास सॉल्यूशन तैयार किया है, जिसे अगले 3 से 4 महीनों के भीतर पूरे भारत में लागू कर दिया जाएगा।
क्या है CNAP और यह कैसे काम करेगा?
CNAP का पूरा नाम 'कॉलर नेम प्रेजेंटेशन' है। यह सर्विस मौजूदा 'कॉलर आईडी' से कहीं ज्यादा एडवांस है।
असली नाम की पहचान: अभी तक कई ऐप्स पर लोग अपना नाम बदलकर लिख लेते थे, लेकिन CNAP में वही नाम दिखेगा जो कस्टमर एक्विजिशन फॉर्म (CAF) यानी सिम लेते समय आधार या अन्य आईडी प्रूफ में दिया गया था।
फ्रॉड से सुरक्षा: अनजान नंबर से आने वाली फर्जी कॉल्स (Spam Calls) की पहचान करना अब बेहद आसान होगा, जिससे यूजर्स खुद को ऑनलाइन फ्रॉड से बचा सकेंगे।
प्राइवेसी का ध्यान: शुरुआत में कंपनियों ने प्राइवेसी का हवाला देकर इसका विरोध किया था, लेकिन अब सुरक्षा की दृष्टि से इसे अनिवार्य किया जा रहा है।
नेटवर्क न होने पर भी होगी बात: Vo-WiFi सर्विस भी शुरू
BSNL ने हाल ही में अपनी Vo-WiFi (वॉइस ओवर वाई-फाई) सर्विस भी लॉन्च की है। यह उन लोगों के लिए वरदान है जो ऐसे इलाकों में रहते हैं जहाँ मोबाइल नेटवर्क बेहद कमजोर होता है।
बिना सिम नेटवर्क के कॉलिंग: यदि आपके फोन में वाई-फाई कनेक्टिविटी है, तो बिना मोबाइल टावर के भी आप हाई-क्वालिटी वॉइस कॉल कर पाएंगे।
कोई कॉल नहीं होगी मिस: बेसमेंट या ऊंचे पहाड़ों जैसे लो-नेटवर्क एरिया में भी अब BSNL यूजर्स की जरूरी कॉल्स मिस नहीं होंगी।