BRABU Free Education : बिहार यूनिवर्सिटी में अब बेटियों की पढ़ाई बिल्कुल फ्री स्नातक और पीजी में नहीं लगेगी कोई फीस, जानें नियम

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News India Live, Digital Desk: BRABU के इस फैसले से मुजफ्फरपुर सहित उत्तर बिहार के विभिन्न जिलों की लाखों छात्राओं को सीधा लाभ मिलेगा। विश्वविद्यालय ने सभी अंगीभूत (Constituent) और संबद्ध (Affiliated) कॉलेजों को निर्देश जारी कर दिया है कि वे छात्राओं से नामांकन या ट्यूशन फीस न लें।

1. किन पाठ्यक्रमों में मिलेगी छूट?

यह नियम मुख्य रूप से सामान्य (General) पाठ्यक्रमों पर लागू होगा:

स्नातक (UG): बी.ए. (BA), बी.एससी (B.Sc) और बी.कॉम (B.Com)।

स्नातकोत्तर (PG): एम.ए. (MA), एम.एससी (M.Sc) और एम.कॉम (M.Com)।

नोट: व्यावसायिक (Vocational) पाठ्यक्रमों और स्व-वित्तपोषित (Self-financing) कोर्सों के लिए फीस संरचना अलग हो सकती है, इसलिए नामांकन से पहले कॉलेज से इसकी पुष्टि जरूर करें।

2. फीस माफी का आधार

राज्य सरकार का संकल्प: बिहार सरकार ने 2015 में ही छात्राओं के लिए मुफ्त शिक्षा की घोषणा की थी। BRABU प्रशासन ने अब इसे कड़ाई से लागू करने का आदेश दिया है।

पिछला बकाया: विवि प्रशासन ने कॉलेजों को निर्देश दिया है कि यदि किसी छात्रा से गलती से फीस ली गई है, तो उसे भविष्य के शुल्कों में समायोजित (Adjust) किया जाए या वापस किया जाए।

3. छात्राओं को क्या लाभ होगा?

आर्थिक बचत: स्नातक में लगभग ₹2,500 से ₹4,000 और पीजी में ₹2,000 से ₹3,500 तक की वार्षिक बचत होगी।

बढ़ावा: इस कदम से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की लड़कियों को उच्च शिक्षा जारी रखने का प्रोत्साहन मिलेगा।

ड्रॉपआउट में कमी: अक्सर फीस के अभाव में छात्राएं बीच में ही पढ़ाई छोड़ देती हैं, अब ऐसी स्थिति नहीं आएगी।

4. आवश्यक दस्तावेज

मुफ्त नामांकन का लाभ उठाने के लिए छात्राओं के पास निम्नलिखित दस्तावेज होने चाहिए:

बिहार अधिवास प्रमाणपत्र (Domicile Certificate): यह साबित करने के लिए कि आप बिहार की स्थायी निवासी हैं।

आधार कार्ड: पहचान सत्यापन के लिए।

पिछली कक्षा की मार्कशीट: योग्यता जांच के लिए।

सावधान: कॉलेजों में अलग फीस की शिकायतें

हाल ही में कुछ कॉलेजों द्वारा पीजी (PG) में अलग से शुल्क लेने की खबरें आई थीं, जिस पर छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया था। विश्वविद्यालय के DSW प्रो. आलोक प्रताप सिंह ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई कॉलेज सरकार और विवि के नियमों का उल्लंघन कर अवैध वसूली करता है, तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।