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March 23 2026 12:22 pm

बिहार बोर्ड के छात्रों के लिए वरदान नीतीश सरकार देगी 4 लाख तक का लोन, बिना ब्याज की चिंता किए पूरा करें अपना सपना

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News India Live, Digital Desk : बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) द्वारा इंटरमीडिएट और मैट्रिक के परिणाम जारी किए जाने के बाद अब लाखों छात्रों के सामने उच्च शिक्षा की फीस का बड़ा सवाल खड़ा है। आर्थिक तंगी की वजह से किसी भी मेधावी छात्र की पढ़ाई न रुके, इसके लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार ने 'बिहार राज्य स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना' (MNSSBY) को और अधिक सुलभ बना दिया है। इस योजना के तहत राज्य के छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए 4 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण (Education Loan) बेहद आसान शर्तों पर दिया जा रहा है।

क्या है 'स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड' योजना और किसे मिलेगा लाभ?

यह योजना बिहार सरकार के 'सात निश्चय' कार्यक्रम का एक हिस्सा है। इसका उद्देश्य उन छात्रों की मदद करना है जो 12वीं पास करने के बाद बीए, बीएससी, बीकॉम के अलावा इंजीनियरिंग, मेडिकल, मैनेजमेंट या अन्य प्रोफेशनल कोर्स करना चाहते हैं, लेकिन उनके पास पर्याप्त पैसे नहीं हैं। इस योजना का लाभ उठाने के लिए छात्र का बिहार का मूल निवासी होना अनिवार्य है। साथ ही, उसने बिहार बोर्ड या राज्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त किसी बोर्ड से 12वीं की परीक्षा पास की हो।

ब्याज दर में भारी छूट: बेटियों और दिव्यांगों के लिए विशेष तोहफा

नीतीश सरकार की इस योजना की सबसे बड़ी खासियत इसकी ब्याज दर है। जहां बैंक शिक्षा ऋण पर भारी ब्याज वसूलते हैं, वहीं इस योजना के तहत छात्रों को केवल 4% साधारण ब्याज देना होता है। महिला, दिव्यांग और ट्रांसजेंडर छात्रों के लिए सरकार ने इसे और भी उदार बनाया है—उन्हें मात्र 1% ब्याज देना होगा। सबसे राहत की बात यह है कि लोन की वापसी पढ़ाई पूरी होने और नौकरी लगने के एक साल बाद शुरू होती है। यदि किसी कारणवश छात्र को नौकरी नहीं मिलती, तो उसे आवेदन देकर किस्तें आगे बढ़ाने की सुविधा भी मिलती है।

आवेदन की प्रक्रिया: इन दस्तावेजों को रखें तैयार

अगर आप भी इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं, तो 'सात निश्चय' की आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के लिए आपको निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होगी:

10वीं और 12वीं की मार्कशीट और सर्टिफिकेट।

जिस कॉलेज में दाखिला लिया है, उसका 'एडमिशन लेटर' और 'फीस स्ट्रक्चर'।

आधार कार्ड, पैन कार्ड और निवास प्रमाण पत्र।

छात्र और अभिभावक की फोटो।

बैंक पासबुक की फोटोकॉपी। आवेदन के बाद जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र (DRCC) जाकर दस्तावेजों का सत्यापन (Verification) कराना होता है।

शिक्षा के क्षेत्र में क्रांति: बिहार बना देश का मॉडल

विशेषज्ञों का मानना है कि स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना ने बिहार में उच्च शिक्षा के सकल नामांकन अनुपात (GER) को बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाई है। पहले जो छात्र पैसों के अभाव में पढ़ाई छोड़ देते थे, अब वे देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी जगह बना रहे हैं। नीतीश सरकार की यह पहल न केवल छात्रों को आत्मनिर्भर बना रही है, बल्कि राज्य के विकास में शिक्षित युवाओं की भागीदारी भी सुनिश्चित कर रही है।