BSEB बिहार बोर्ड रिजल्ट में रह गए पीछे? एक साल बचाने के लिए ये हैं 3 शानदार रास्ते, स्क्रूटनी से लेकर NIOS तक सब जानें
News India Live, Digital Desk : बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) द्वारा 10वीं और 12वीं के परिणाम जारी होने के बाद जहाँ लाखों घरों में खुशियां मनाई जा रही हैं, वहीं कुछ छात्र ऐसे भी हैं जो उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए या एक-दो विषयों में फेल हो गए हैं। लेकिन याद रखिए, एक रिजल्ट आपका भविष्य तय नहीं कर सकता। बिहार सरकार और शिक्षा विभाग ने ऐसे छात्रों के लिए कई जीवनरक्षक विकल्प (Options) उपलब्ध कराए हैं, जिससे उनका पूरा साल बर्बाद होने से बच सकता है। अगर आप भी इस स्थिति में हैं, तो ये खबर आपके लिए ही है।
विकल्प 1: स्क्रूटनी (Scrutiny) अगर आपको अपने अंकों पर है भरोसा
यदि आपको लगता है कि आपने परीक्षा बहुत अच्छी दी थी लेकिन अंक कम आए हैं या आप किसी विषय में फेल हो गए हैं, तो 'स्क्रूटनी' सबसे पहला विकल्प है। इसके तहत आप अपनी उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा जांच (Re-checking) के लिए आवेदन कर सकते हैं। बिहार बोर्ड जल्द ही आधिकारिक वेबसाइट पर स्क्रूटनी के लिए लिंक एक्टिव करेगा। प्रति विषय एक निर्धारित शुल्क जमा करके आप अपनी कॉपी को फिर से चेक करवा सकते हैं। कई बार गणना की गलती सुधरने से छात्र पास हो जाते हैं।
विकल्प 2: कंपार्टमेंटल परीक्षा (Compartmental Exam) – इसी साल पास होने का मौका
जो छात्र एक या दो विषयों में फेल हुए हैं, उनके लिए 'कंपार्टमेंटल परीक्षा' सबसे बड़ा सहारा है। बिहार बोर्ड विशेष रूप से ऐसे छात्रों के लिए सप्लीमेंट्री परीक्षाएं आयोजित करता है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि यदि आप इस परीक्षा में पास हो जाते हैं, तो आपको इसी सत्र (2026) में पास माना जाएगा और आप आगे की पढ़ाई या कॉलेज में दाखिला ले सकेंगे। इसके लिए आवेदन की प्रक्रिया बोर्ड रिजल्ट के कुछ दिनों बाद ही शुरू कर देता है।
विकल्प 3: NIOS और ओपन स्कूलिंग – फ्लेक्सिबल पढ़ाई का रास्ता
अगर कोई छात्र कंपार्टमेंटल में भी सफल नहीं होता या ज्यादा विषयों में फेल है, तो नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग (NIOS) या बिहार बोर्ड ऑफ ओपन स्कूलिंग (BBOSE) एक बेहतरीन विकल्प है। यहाँ 'क्रेडिट ट्रांसफर' (TOC) की सुविधा मिलती है, यानी जिन विषयों में आप पास हैं, उनके अंक यहाँ जुड़ जाएंगे और आपको केवल फेल विषयों की परीक्षा देनी होगी। ओपन स्कूल की डिग्री पूरी तरह मान्य है और आप इसके जरिए भविष्य में किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में बैठ सकते हैं।
विशेषज्ञों की सलाह: हार न मानें, नई शुरुआत करें
शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि असफलता केवल एक संकेत है कि हमें और मेहनत की जरूरत है। बिहार बोर्ड के छात्रों के पास अब करियर के इतने विकल्प मौजूद हैं कि एक परीक्षा में कम अंक आने से रास्ते बंद नहीं होते। छात्र 'स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड' योजना का लाभ उठाकर तकनीकी या व्यावसायिक कोर्स में भी दाखिला ले सकते हैं। अभिभावकों से भी अपील है कि वे बच्चों पर दबाव बनाने के बजाय उन्हें इन विकल्पों के बारे में बताएं और उनका मानसिक मनोबल बढ़ाएं।