हजारीबाग में किशोरी की हत्या के विरोध में 3 अप्रैल को झारखंड बंद भाजपा का बड़ा एलान
News India Live, Digital Desk: झारखंड के हजारीबाग जिले में एक 13 वर्षीय किशोरी के साथ हुई दरिंदगी और उसकी हत्या के मामले ने अब राजनीतिक रूप ले लिया है। इस जघन्य अपराध के खिलाफ और राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था के विरोध में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने शुक्रवार, 3 अप्रैल 2026 को संपूर्ण 'झारखंड बंद' का आह्वान किया है। पार्टी ने चेतावनी दी है कि जब तक दोषियों को फांसी की सजा सुनिश्चित नहीं होती, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
बंद से पहले आज ब्लॉक मुख्यालयों पर मशाल जुलूस भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने रांची स्थित पार्टी मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि 3 अप्रैल के बंद को सफल बनाने के लिए पार्टी कार्यकर्ता पूरी ताकत झोंक रहे हैं। बंद की पूर्व संध्या पर यानी गुरुवार, 2 अप्रैल की शाम को प्रदेश के सभी ब्लॉक और जिला मुख्यालयों में भाजपा द्वारा विशाल मशाल जुलूस निकाला जाएगा। इसके माध्यम से जनता को राज्य सरकार की 'विफलता' के खिलाफ जागरूक किया जाएगा और बंद के लिए समर्थन मांगा जाएगा।
क्या है पूरा मामला? हजारीबाग के विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र में 24 मार्च की रात को रामनवमी की मंगला शोभायात्रा के दौरान एक किशोरी रहस्यमय तरीके से गायब हो गई थी। अगले दिन खेत में उसका क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ। प्रारंभिक रूप से इसे दुष्कर्म और हत्या का मामला मानकर विरोध प्रदर्शन शुरू हुए। हालांकि, पुलिस की जांच में अब एक चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। पुलिस के अनुसार, यह मामला 'नरबलि' का है, जिसमें मृतका की मां और तांत्रिक समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का दावा है कि बेटे की सलामती के लिए मां ने ही बेटी की बलि चढ़वा दी।
भाजपा का सरकार पर तीखा हमला भले ही पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन भाजपा का कहना है कि राज्य में बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने दिल्ली में कहा, "झारखंड में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। सरकार शीश महल बनाने में व्यस्त है और गरीब की बेटियां मारी जा रही हैं।" भाजपा ने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने की मांग की है।
बंद का क्या होगा असर? 3 अप्रैल को प्रस्तावित इस बंद के दौरान आवश्यक सेवाओं (अस्पताल, एंबुलेंस, दूध और दवा की दुकानें) को छोड़कर सभी प्रतिष्ठान बंद रहने की संभावना है। हजारीबाग और आसपास के इलाकों में पहले से ही तनाव व्याप्त है, जिसे देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। हाईकोर्ट ने भी इस मामले का स्वतः संज्ञान लिया है, जिससे प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है।