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दबंगों ने दूल्हे को घोड़ी से उतारा, जातिसूचक शब्द कहने और मारपीट का गंभीर आरोप

 

बिहार के एक गांव में शादी की खुशियों के बीच अचानक उस वक्त हड़कंप मच गया, जब बारात के स्वागत के दौरान कुछ असामाजिक तत्वों ने जमकर उत्पात मचाया। मामला इतना बढ़ गया कि गांव में मंगल गीतों की जगह चीख-पुकार और हंगामे की आवाजें गूंजने लगीं। आरोप है कि शादी समारोह के दौरान गांव के ही कुछ दबंगों ने न सिर्फ दूल्हे को जबरन घोड़ी से नीचे उतार दिया, बल्कि उसके साथ अभद्र व्यवहार भी किया। पीड़ित पक्ष का कहना है कि विरोध करने पर आरोपियों ने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए पूरे परिवार के साथ गाली-गलौज और मारपीट की, जिससे शादी की रस्में बीच में ही रुक गईं।

बारात निकासी के दौरान अचानक हुआ हमला, बारातियों में मची अफरा-तफरी

यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब दूल्हा अपनी शादी के लिए सज-धजकर घोड़ी पर सवार होकर बारात के साथ निकल रहा था। चारों तरफ नाच-गाने का माहौल था और लोग जश्न में डूबे हुए थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इसी दौरान कुछ स्थानीय दबंग वहां आ धमके और बारात का रास्ता रोक दिया। उन्होंने दूल्हे को घोड़ी पर देखने पर आपत्ति जताई और जबरन उसे नीचे उतारने की कोशिश करने लगे। जब दूल्हे के रिश्तेदारों और बारातियों ने इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने लाठी-डंडों से हमला बोल दिया। इस अचानक हुए हमले से बारात में भगदड़ मच गई और कई लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।

जातिसूचक टिप्पणी करने का आरोप, पीड़ित परिवार ने पुलिस से लगाई न्याय की गुहार

घटना के बाद पीड़ित परिवार बेहद डरा और सहमा हुआ है। दूल्हे के पिता ने पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए गांव के कुछ नामजद लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत में कहा गया है कि दबंगों ने जानबूझकर उनकी जाति को निशाना बनाते हुए अपमानजनक और जातिसूचक टिप्पणियां कीं। उनका कहना है कि समाज में आज भी इस तरह की संकीर्ण मानसिकता के लोग मौजूद हैं जो दूसरों की खुशियों को बर्दाश्त नहीं कर पाते हैं। पीड़ित पक्ष ने प्रशासन से आरोपियों के खिलाफ अनुसूचित जाति/जनजाति (SC/ST) अधिनियम के तहत सख्त से सख्त कार्रवाई करने और परिवार को सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की है।

पुलिस ने दर्ज की एफआईआर, तनाव को देखते हुए गांव में भारी बल तैनात

शादी समारोह में इस तरह के बड़े बवाल की सूचना मिलते ही स्थानीय थाने की पुलिस तुरंत दलबल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस के आने से पहले ही आरोपी मौके से फरार हो गए थे। मामले की संवेदनशीलता और गांव में पैदा हुए जातिगत तनाव को देखते हुए पुलिस प्रशासन बेहद सतर्क है। गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। पुलिस ने दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की है और कानून हाथ में लेने वालों पर कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया है।

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