विदेश से तस्करी कर लाए गए 2 करोड़ रुपये के सोने के घुटने

विदेश से तस्करी कर लाए गए 2 करोड़ रुपये के सोने के घुटने

भारतीय विमानन इतिहास और तस्करी के खुफिया तौर-तरीकों की फेरबहिस्त में शातिर तस्कर आए दिन ऐसे नायाब और चौंकाने वाले हथकंडे अपनाते हैं जिन्हें देखकर कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बड़े-बड़े अधिकारी भी चकरा जाते हैं। देश के सबसे संवेदनशील और रणनीतिक हवाई अड्डों पर सीमा शुल्क विभाग (Customs) और राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI - Directorate of Revenue Intelligence) की टीमें हमेशा पैनी नजर रखती हैं ताकि किसी भी प्रकार की अवैध तस्करी को रोका जा सके। बिहार की राजधानी पटना (Patna) के लोकनायक जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से एक ऐसा ही अत्यंत हैरान करने वाला और सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों को भी हक्का-बक्का कर दिया है। पटना एयरपोर्ट पर चेकिंग के दौरान अधिकारियों ने एक ऐसे यात्री को दबोचा जिसके पास सोने की छड़ें या बिस्किट नहीं, बल्कि बिल्कुल अलग और अनोखे रूप में छुपाया गया सोना बरामद हुआ। तस्करों ने सोने को घुटने या इम्प्लांट जैसे किसी मेडिकल और अजीबोगरीब रूप में ढालकर विदेश से तस्करी करने की नायाब साजिश रची थी, जिसकी बाजार में कीमत लगभग 2 करोड़ रुपये आंकी गई है। आइए इस अनूठी और हैरान कर देने वाली तस्करी के पूरे मामले की गहराई से पड़ताल करते हैं और जानते हैं कि आखिर DRI और कस्टम की टीम ने इस शातिर खेल का पर्दाफाश कैसे किया।

घटना के दिन पटना एयरपोर्ट पर सामान्य दिनों की तरह अंतरराष्ट्रीय और घरेलू उड़ानों से आने वाले यात्रियों की आवाजाही जारी थी। राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) और कस्टम विभाग के खुफिया इनपुट के आधार पर अधिकारियों ने कुछ चुनिंदा यात्रियों पर अपनी नजरें गड़ा रखी थीं। जब एक संदिग्ध यात्री विदेशी फ्लाइट से उतरकर ग्रीन चैनल की तरफ बढ़ रहा था, तो उसकी चालढाल और हावभाव ने सुरक्षा कर्मियों के मन में शक पैदा कर दिया। अधिकारियों ने जब सामान्य पूछताछ के बाद उसके सामान और शारीरिक जांच (Physical Screening) शुरू की, तो मेटल डिटेक्टर लगातार बीप करने लगा। शुरुआत में अधिकारियों को लगा कि हमेशा की तरह यात्री ने अपने कपड़ों, जूतों या बैग के किसी गुप्त हिस्से में सोने के बिस्किट छिपा रखे होंगे, लेकिन जब उसकी गहन तलाशी ली गई और डॉक्टरों या विशेषज्ञों की मदद ली गई, तो जो सच सामने आया उसने सबको सन्न कर दिया।

तस्करों द्वारा अपनाए गए इस नए तरीके ने इस बात को साबित कर दिया कि वे कानून की नजरों से बचने के लिए किस हद तक जा सकते हैं। इस शातिर यात्री ने सोने को सामान्य रूप में न रखकर उसे विशेष रूप से इस तरह से ढाला था कि वह मानव शरीर के किसी अंग या चिकित्सा उपकरण (जैसे कि घुटने का इम्प्लांट या कृत्रिम जोड़) की तरह प्रतीत हो सके। अधिकारियों के मुताबिक, सोने को पिघलाकर या खास सांचे में ढालकर उसे इस तरीके से व्यवस्थित किया गया था ताकि सुरक्षा जांच के दौरान या साधारण शारीरिक निरीक्षण में वह आसानी से पकड़ में न आ सके। तस्करों को यह उम्मीद थी कि इस तरह के संवेदनशील और मेडिकल दिखने वाले रूप के आगे सुरक्षा एजेंसियां गच्चा खा जाएंगी और वे आसानी से करोड़ों का सोना एयरपोर्ट से बाहर ले जाने में सफल हो जाएंगे। लेकिन DRI के सतर्क अधिकारियों की पैनी निगाहों और आधुनिक स्कैनर तकनीक ने इस शातिर चाल को पलभर में नाकाम कर दिया।

खुफिया एजेंसी DRI द्वारा की गई इस बड़ी कार्रवाई में जप्त किए गए सोने की कुल कीमत अंतर्राष्ट्रीय बाजार के अनुसार लगभग 2 करोड़ रुपये आंकी गई है। इतनी भारी मात्रा में कीमती धातु की अवैध तस्करी का यह मामला यह साबित करता है कि पटना जैसे एयरपोर्ट्स को भी अब तस्कर अपने नए ट्रांजिट रूट के रूप में इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहे हैं। आरोपी यात्री से पूछताछ के आधार पर DRI यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस पूरे सिंडिकेट के तार देश के किन-किन अन्य राज्यों या विदेशी ठिकानों से जुड़े हुए हैं। इस तस्करी के पीछे कौन सा मास्टरमाइंड काम कर रहा था और इस खेप को पटना से आगे कहां डिलीवर किया जाना था, इन तमाम पहलुओं पर गहनता से जांच की जा रही है। एजेंसी के अधिकारियों का कहना है कि इस अवैध नेटवर्क से जुड़े हर एक शख्स को बेनकाब किया जाएगा और कानून के मुताबिक सख्त से सख्त सजा दिलाई जाएगी।

पटना एयरपोर्ट पर हुई इस अनोखी घटना ने एक बार फिर यह दिखा दिया है कि देश की सुरक्षा और राजस्व की रक्षा करने वाली एजेंसियां कितनी भी अत्याधुनिक चुनौतियों का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार रहती हैं। तस्कर चाहे जितने भी शातिर और नए तरीके क्यों न अपना लें, तकनीक और खुफिया तंत्र की मजबूती के आगे उनकी हर साजिश आखिरकार फेल हो जाती है। सोने की तस्करी के इस नायाब मामले ने न केवल आम लोगों को बल्कि सुरक्षा विशेषज्ञों को भी हैरान कर दिया है कि अपराधी अपराध को अंजाम देने के लिए किस हद तक रचनात्मक और शातिर हो सकते हैं। इस कार्रवाई के बाद से पटना एयरपोर्ट समेत देश के अन्य प्रमुख हवाई अड्डों पर सुरक्षा व्यवस्था और अधिक कड़ी कर दी गई है ताकि भविष्य में इस तरह के किसी भी नए हथकंडे को आसानी से दबाया जा सके और देश की आर्थिक व्यवस्था को सुरक्षित रखा जा सके।