बिहार विधान परिषद चुनाव से पहले जन सुराज पार्टी का बड़ा बदलाव

बिहार विधान परिषद चुनाव से पहले जन सुराज पार्टी का बड़ा बदलाव

बिहार की राजनीतिक फिजा में इन दिनों आगामी विधान परिषद (MLC) चुनावों को लेकर सरगर्मी अपने चरम पर है। राज्य की कुल 8 स्नातक और शिक्षक निर्वाचन सीटों पर होने वाले चुनावों को लेकर सभी राजनीतिक दल अपनी तैयारियों को पुख्ता करने में जुटे हुए हैं। इस बीच, चुनावी रणनीतिकार से राजनीतिक दल के रूप में उभरी प्रशांत किशोर की 'जन सुराज पार्टी' ने अपने उम्मीदवारों की सूची में एक बार फिर फेरबदल कर सबको चौंका दिया है। पार्टी ने अपनी पहली सूची में बदलाव करते हुए दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से पहले घोषित किए गए प्रत्याशी का टिकट वापस ले लिया है और उनकी जगह एक नए चेहरे पर दांव खेला है। इस औचक राजनीतिक घटनाक्रम के बाद से ही सूबे के राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है और हर कोई यह जानने के लिए उत्सुक है कि आखिर यह नया चेहरा कौन है और टिकट बदलने के पीछे पार्टी की क्या रणनीति रही होगी।

कौन हैं डॉ. मोहम्मद इम्तियाज नूरानी जिन्हें मिला टिकट

दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जन सुराज पार्टी द्वारा टिकट दिए जाने के बाद चर्चा में आए डॉ. मोहम्मद इम्तियाज (जो नूरानी नाम से भी जाने जाते हैं) मूल रूप से बिहार के मधुबनी जिले के अंतर्गत आने वाले बिस्फी प्रखंड क्षेत्र के रहने वाले हैं। लगभग 49 वर्ष के डॉ. नूरानी पेशे से एक चिकित्सक (डॉक्टर) होने के साथ-साथ एक जाने-माने कारोबारी और सक्रिय समाजसेवी भी हैं। वह लंबे समय से अपने इलाके में विभिन्न सामाजिक और लोक कल्याणकारी गतिविधियों से जुड़े रहे हैं। एक प्रबुद्ध पेशेवर और डॉक्टर के रूप में उनकी छवि को देखते हुए ही जन सुराज पार्टी ने उन्हें स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के सुशिक्षित मतदाताओं के बीच उतारने का अहम निर्णय लिया है। स्थानीय स्तर पर उनकी मजबूत पकड़ और साफ-सुथरी छवि को इस बदलाव का एक बड़ा आधार माना जा रहा है।

क्यों कटा रवींद्र यादव का टिकट और क्या है समीकरण

जन सुराज पार्टी ने इससे पहले गत 20 सितंबर को अपनी पहली सूची जारी की थी, जिसमें दरभंगा स्नातक सीट से रवींद्र यादव को उम्मीदवार बनाया गया था। रवींद्र यादव कुछ समय पहले ही जनता दल यूनाइटेड (JDU) छोड़कर जन सुराज में शामिल हुए थे और जेडीयू में प्रदेश सचिव की जिम्मेदारी संभाल चुके थे। हालांकि, टिकट की घोषणा के बाद सोशल मीडिया पर उनके पुराने मामलों और विवादों को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं थीं। हालांकि पार्टी की ओर से टिकट काटे जाने को लेकर कोई आधिकारिक या विस्तृत कारण स्पष्ट नहीं किया गया है, लेकिन राजनीतिक जानकारों का मानना है कि जन सुराज पार्टी अपनी शुरुआती छवि को लेकर बेहद सतर्क है और किसी भी तरह के विवाद से बचने के लिए तुरंत सख्त फैसले ले रही है। इससे पहले तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भी पार्टी को प्रत्याशी बदलना पड़ा था।

23 अक्टूबर को होना है मतदान, चुनावी सरगर्मी तेज

बिहार विधान परिषद की इन 8 सीटों के लिए आगामी 23 अक्टूबर को मतदान निर्धारित किया गया है, जिसके लिए सभी दल पूरी ताकत झोंक रहे हैं। जन सुराज पार्टी इन सभी सीटों पर अकेले चुनाव लड़ रही है और लगातार जनता के बीच जाकर बदलाव का संदेश दे रही है। दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. मोहम्मद इम्तियाज नूरानी को मैदान में उतारकर पार्टी ने एक नया संदेश देने की कोशिश की है। देखना यह होगा कि स्नातक मतदाताओं के बीच डॉ. नूरानी पार्टी की उम्मीदों पर कितना खरा उतरते हैं और इस बदलाव से चुनावी मुकाबला कितना दिलचस्प बनता है।